27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में 162 मौतें: अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने जताई संवेदना, मानवीय सहायता का दिया आश्वासन

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नेपाल बाढ़ में 162 मौतें: अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने जताई संवेदना, मानवीय सहायता का दिया आश्वासन

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने 162 जानें ले लीं और सैकड़ों को लापता कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने एक्स पर मानवीय सहायता का भरोसा दिया, जबकि दूतावास ने रसुवा समेत छह जिलों में फँसे अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन एडवाइजरी जारी की।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि; सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों अभी भी लापता ।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 अगस्त को एक्स पर नेपाल के साथ एकजुटता जताई और मानवीय सहायता का आश्वासन दिया।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक्स पर संवेदनाएँ व्यक्त कीं और अमेरिकी नागरिकों को स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण की सलाह दी।
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और तनहुं में अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन एडवाइजरी जारी।
पृथ्वी राजमार्ग और मुग्लिंग-नारायणगढ़ सड़क सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित; प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाएं बाधित।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 अगस्त को नेपाल की जनता के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मानवीय सहायता प्रदान करने की तैयारी जताई। यह आपदा रसुवा सहित नेपाल के कई जिलों को प्रभावित कर चुकी है।

रुबियो का संदेश और अमेरिकी रुख

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री रुबियो ने लिखा, 'इस विनाशकारी बाढ़ के बाद हम नेपाल की जनता के साथ एकजुटता जताते हैं और उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग जरूरत पड़ने पर नेपाल सरकार को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेपाल में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर मेरी गहरी संवेदनाएं नेपाल के लोगों के साथ हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं। अमेरिकी नागरिक कृपया अपडेट पर नजर रखें और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में अपना पंजीकरण जरूर करें।'

अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी

इससे पहले सोमवार को नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में कहा गया कि रसुवा जिले में गंभीर बाढ़ आई है और भोटे कोसी, त्रिशूली तथा नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

दूतावास ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और तनहुं में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को नदी किनारों और निचले इलाकों से दूर रहने, ऊँचे स्थानों पर जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।

यातायात और संचार बाधित

नेपाल के अधिकारियों ने पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिंग-नारायणगढ़ सड़क मार्ग पर यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है। दूतावास के अनुसार, 'रसुवा बाढ़ से प्रभावित इलाकों में संचार सेवाएं अभी भी बाधित हैं।' फँसे हुए लोगों को सलाह दी गई है कि यदि फोन कॉल संभव न हो तो टेक्स्ट मैसेज, ईमेल या मैसेजिंग ऐप का उपयोग करें।

गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से जूझता है। रसुवा जिले की भौगोलिक स्थिति — जो तिब्बत सीमा के निकट है और जहाँ ट्रेकिंग मार्ग गुज़रते हैं — इसे विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।

लापता नागरिकों की तलाश जारी

अमेरिकी दूतावास ने बताया कि वह उन अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है जो रसुवा बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में राहत कार्यों की गति और अंतरराष्ट्रीय सहायता का स्वरूप स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में यह वचन कितना व्यावहारिक है, यह देखने वाली बात होगी। रसुवा में फँसे पर्यटकों की तलाश और संचार बाधाओं के बीच, असली परीक्षा अगले 72 घंटों की राहत कार्रवाई से होगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में अब तक 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका नेपाल की जनता के साथ एकजुट है और अमेरिकी विदेश विभाग ज़रूरत पड़ने पर नेपाल सरकार को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है।
नेपाल बाढ़ से कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
रसुवा जिले में सबसे गंभीर बाढ़ आई है। इसके अलावा नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और तनहुं भी प्रभावित हैं। भोटे कोसी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे के इलाकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है।
नेपाल में फँसे अमेरिकी नागरिकों को क्या करना चाहिए?
अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को नदी किनारों और निचले इलाकों से दूर रहने, ऊँचे स्थानों पर जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। यदि फोन कॉल संभव न हो तो टेक्स्ट मैसेज, ईमेल या मैसेजिंग ऐप का उपयोग करें और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण करें।
नेपाल बाढ़ के कारण कौन-से प्रमुख सड़क मार्ग बंद हैं?
नेपाल के अधिकारियों ने पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिंग-नारायणगढ़ सड़क मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाएं भी बाधित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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