नेपाल बाढ़ में 162 मौतें: अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने जताई संवेदना, मानवीय सहायता का दिया आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में 162 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 अगस्त को नेपाल की जनता के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मानवीय सहायता प्रदान करने की तैयारी जताई। यह आपदा रसुवा सहित नेपाल के कई जिलों को प्रभावित कर चुकी है।
रुबियो का संदेश और अमेरिकी रुख
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री रुबियो ने लिखा, 'इस विनाशकारी बाढ़ के बाद हम नेपाल की जनता के साथ एकजुटता जताते हैं और उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग जरूरत पड़ने पर नेपाल सरकार को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब नेपाल में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक्स पर अपनी संवेदनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर मेरी गहरी संवेदनाएं नेपाल के लोगों के साथ हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं। अमेरिकी नागरिक कृपया अपडेट पर नजर रखें और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में अपना पंजीकरण जरूर करें।'
अमेरिकी दूतावास की एडवाइजरी
इससे पहले सोमवार को नेपाल स्थित अमेरिकी दूतावास ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में कहा गया कि रसुवा जिले में गंभीर बाढ़ आई है और भोटे कोसी, त्रिशूली तथा नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है।
दूतावास ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, चितवन और तनहुं में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को नदी किनारों और निचले इलाकों से दूर रहने, ऊँचे स्थानों पर जाने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी।
यातायात और संचार बाधित
नेपाल के अधिकारियों ने पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिंग-नारायणगढ़ सड़क मार्ग पर यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है। दूतावास के अनुसार, 'रसुवा बाढ़ से प्रभावित इलाकों में संचार सेवाएं अभी भी बाधित हैं।' फँसे हुए लोगों को सलाह दी गई है कि यदि फोन कॉल संभव न हो तो टेक्स्ट मैसेज, ईमेल या मैसेजिंग ऐप का उपयोग करें।
गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से जूझता है। रसुवा जिले की भौगोलिक स्थिति — जो तिब्बत सीमा के निकट है और जहाँ ट्रेकिंग मार्ग गुज़रते हैं — इसे विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।
लापता नागरिकों की तलाश जारी
अमेरिकी दूतावास ने बताया कि वह उन अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है जो रसुवा बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में राहत कार्यों की गति और अंतरराष्ट्रीय सहायता का स्वरूप स्पष्ट होने की उम्मीद है।