रक्षाबंधन से पहले श्वेता कीर्ति ने साझा की सुशांत सिंह राजपूत संग बचपन की अनदेखी तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
श्वेता कीर्ति सिंह ने रक्षाबंधन से ठीक पहले गुरुवार, 27 अगस्त को इंस्टाग्राम पर अपने दिवंगत भाई सुशांत सिंह राजपूत के साथ बचपन में बिताए अनमोल पलों की दुर्लभ तस्वीरें साझा कीं और भावुक संदेश लिखा। सुशांत के जाने को करीब 6 साल बीत चुके हैं, फिर भी हर त्योहार पर उनकी बहन की यादें ताज़ा हो उठती हैं।
क्या है इन तस्वीरों में
श्वेता द्वारा साझा की गई तस्वीरों में दो खास पल कैद हैं। पहली तस्वीर में सुशांत सिंह राजपूत बहन के खिलौनों से खेलते नज़र आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में श्वेता रक्षाबंधन के अवसर पर भाई को कलाकंद खिला रही हैं। ये तस्वीरें अब तक सार्वजनिक नहीं हुई थीं।
श्वेता का भावुक संदेश
अपनी पोस्ट में श्वेता ने लिखा, 'मुझे आज भी यह दिन अच्छे से याद है। आपके साथ मेरे सारे खिलौने शेयर करके मैं कितनी खुश थी। मेरी इकलौती गुड़िया, छोटा सा किचन सेट जो मुझे गिफ्ट में मिला था... तुम्हें उनसे खेलते और खुश होते देखकर मुझे और भी ज्यादा खुशी मिलती थी।'
मिठाइयों की यादें साझा करते हुए श्वेता ने लिखा, 'मिठाइयाँ हम दोनों को ही बहुत पसंद हुआ करती थीं और उसकी कहानी भी बिल्कुल अलग होती थी। मैं यह पक्का करना चाहती थी कि हम दोनों को बराबर-बराबर मिले — किसी को ज्यादा नहीं, किसी को कम नहीं।'
कलाकंद वाली तस्वीर का किस्सा
कलाकंद खिलाती तस्वीर के बारे में श्वेता कीर्ति ने लिखा, 'इस तस्वीर में रक्षाबंधन पर भाई को कलाकंद खिलाते हुए मेरा चेहरा देखो — मुझे याद है मैं इस बात को लेकर कितनी पक्की थी कि उसे ठीक आधा ही दूं। ज़रा उस एक्सप्रेशन को देखो, कितनी ध्यान से देख रही हूं कि वो बड़ा बाइट न ले ले।' इस सरल लेकिन मार्मिक विवरण ने सोशल मीडिया पर लाखों दिलों को छू लिया।
यादों को दिल में सँजोने का संकल्प
श्वेता ने अपने संदेश के अंत में लिखा, 'ये वो यादें हैं जिन्हें मैं हमेशा अपने दिल के करीब रखूंगी। वैसे भाई, अगले जन्म में तुम्हें मेरी बड़ी प्यार करने वाली बहन बनना होगा और मैं तुम्हारी तरह नटखट, प्यारी छोटी बहन बनूंगी। अगर मैं अपनी जिंदगी के सबसे करीबी पलों में से एक को रोक पाती, तो यह उसका सेंटर पीस होता — और हम सब यहाँ साथ में होते, बिल्कुल वैसे ही जैसे हम थे — हमेशा के लिए परफेक्शन में कैद।' यह पोस्ट इस बात का प्रमाण है कि सुशांत की यादें उनके परिवार के लिए हर त्योहार पर उतनी ही जीवंत रहती हैं।