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सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि: बहन श्वेता बोलीं — 'उनके जीने के तरीके को याद करती हूं'

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सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि: बहन श्वेता बोलीं — 'उनके जीने के तरीके को याद करती हूं'

सारांश

छह साल बाद भी सुशांत सिंह राजपूत की यादें उतनी ही ताज़ी हैं। बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने पुण्यतिथि पर लिखा — वे उनके जाने को नहीं, उनकी जिज्ञासा, दयालुता और जीने के तरीके को याद करती हैं। यह पोस्ट एक याद नहीं, एक जीवन-दर्शन है।

मुख्य बातें

सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि 14 जून 2025 को मनाई गई।
बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा कर भाई को याद किया।
श्वेता ने लिखा — सुशांत में बच्चों जैसी जिज्ञासा थी; वे सितारों, ब्रह्मांड और मानव मस्तिष्क के रहस्यों में गहरी रुचि रखते थे।
उन्होंने कहा कि सुशांत हर व्यक्ति के साथ सम्मान और गरिमा से पेश आते थे और मानते थे कि सफलता दया के बिना अधूरी है।
श्वेता का संदेश — गुस्से की जगह दया, अज्ञानता की जगह सीखना और निराशा की जगह उम्मीद चुनना ही सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि है।

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि पर 14 जून 2025 को उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने इंस्टाग्राम पर एक भावपूर्ण पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने भाई की जिज्ञासा, दयालुता और जीवन के प्रति नज़रिए को याद किया। 14 जून 2020 को सुशांत के निधन की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था, और छह वर्ष बाद भी उनके प्रशंसक और परिजन उन्हें उतनी ही गहराई से याद करते हैं।

श्वेता का भावुक संदेश

श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा, 'छह साल का समय बीत चुका है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी यादें समय के साथ और भी गहरी होती जाती हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वे अपने भाई को याद करती हैं, तो उनके जाने का तरीका नहीं, बल्कि उनके जीने का तरीका मन में आता है।

सुशांत की शख्सियत — जैसा बहन ने याद किया

श्वेता ने लिखा कि सुशांत में एक बच्चे जैसी जिज्ञासा थी — वे सितारों, ब्रह्मांड और मानव मस्तिष्क के रहस्यों को समझने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। उन्होंने कहा कि सुशांत दुनिया को एक अलग और व्यापक नज़रिए से देखते थे और निरंतर सीखने की ललक उनके स्वभाव में रची-बसी थी।

श्वेता ने यह भी लिखा कि उनके भाई हर व्यक्ति के साथ सम्मान और गरिमा के साथ पेश आते थे। उनके अनुसार, सुशांत का मानना था कि सफलता तभी सार्थक होती है जब उसके साथ दया, संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति आदर भी हो — केवल नाम और प्रसिद्धि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं होती।

प्रेम और विरासत पर श्वेता का दर्शन

अपने पोस्ट में श्वेता ने एक गहरी बात कही — 'प्यार कभी समय की सीमाओं में नहीं बंधता।' उनके अनुसार, किसी व्यक्ति का शरीर भले ही न रहे, लेकिन उसकी सोच, उसके अच्छे कार्य और उसका प्रभाव हमेशा लोगों के जीवन में बना रहता है। उन्होंने कहा कि सुशांत आज भी अपने विचारों और प्रेरणा के ज़रिए लाखों दिलों में जीवित हैं।

सच्ची श्रद्धांजलि का संदेश

श्वेता ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि जब कोई व्यक्ति गुस्से की जगह दया को चुनता है, अज्ञानता की जगह सीखने को, निराशा की जगह उम्मीद को और दूसरों को परखने की बजाय उनसे प्रेम करता है — यही सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि देने का सबसे अच्छा तरीका है। यह संदेश सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाओं की लहर ले आया, जहाँ प्रशंसकों ने भी अपने-अपने तरीके से अभिनेता को याद किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्याय की माँग, सोशल मीडिया ट्रेंड। लेकिन श्वेता का यह पोस्ट उस चक्र से बाहर निकलने की कोशिश है; यह शोक को विरासत में बदलने का प्रयास है। यह उल्लेखनीय है कि एक परिवार जो वर्षों तक सार्वजनिक विवाद के केंद्र में रहा, वह अब एक शांत, दार्शनिक स्वर में बात कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस भावनात्मक परिपक्वता को नज़रअंदाज़ कर देती है और केवल सनसनी पर टिकी रहती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि कब है?
सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि 14 जून 2025 को है। उनका निधन 14 जून 2020 को मुंबई में हुआ था।
श्वेता सिंह कीर्ति ने पुण्यतिथि पर क्या लिखा?
श्वेता सिंह कीर्ति ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि वे सुशांत के जाने को नहीं, बल्कि उनके जीने के तरीके को याद करती हैं। उन्होंने भाई की जिज्ञासा, दयालुता और हर इंसान के प्रति सम्मान के भाव को श्रद्धांजलि दी।
सुशांत सिंह राजपूत को उनकी बहन किन बातों के लिए याद करती हैं?
श्वेता के अनुसार सुशांत में बच्चों जैसी जिज्ञासा थी — वे सितारों, ब्रह्मांड और मानव मस्तिष्क के रहस्यों को जानने के लिए उत्सुक रहते थे। वे हर व्यक्ति के साथ सम्मान से पेश आते थे और मानते थे कि सफलता दया और संवेदनशीलता के बिना अधूरी है।
श्वेता ने सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि देने का क्या तरीका बताया?
श्वेता ने लिखा कि गुस्से की जगह दया चुनना, अज्ञानता की जगह सीखना, निराशा की जगह उम्मीद को अपनाना और दूसरों को परखने की बजाय उनसे प्रेम करना — यही सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि है।
सुशांत सिंह राजपूत का निधन कब और कहाँ हुआ था?
सुशांत सिंह राजपूत का निधन 14 जून 2020 को मुंबई में हुआ था। उनकी मृत्यु की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था और उनके प्रशंसक आज भी उन्हें याद करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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