27 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में 162 की मौत, विश्व नेताओं ने जताया शोक; यूएन और यूरोपीय संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ

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नेपाल बाढ़ में 162 की मौत, विश्व नेताओं ने जताया शोक; यूएन और यूरोपीय संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने 162 जानें लीं और सैकड़ों लोग लापता हैं। यूएन, यूरोपीय संघ, जापान, नीदरलैंड और लिथुआनिया के शीर्ष नेताओं ने शोक व्यक्त किया। जापान के 5 नागरिक लापता हैं और दूतावास ने मदद की अपील की है।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में अब तक 162 लोगों की मौत , सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लापता — 27 अगस्त 2026 तक की स्थिति।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कोपरनिकस प्रणाली सक्रिय की; EU ने अतिरिक्त सहायता का आश्वासन दिया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शोक जताया; यूएन टीमें नेपाल सरकार के साथ राहत कार्य में जुटी हैं।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने बताया कि 5 जापानी नागरिक लापता हैं; दूतावास ने 977-1-4526-680 पर सूचना देने की अपील की।
नीदरलैंड और लिथुआनिया ने भी संवेदनाएं व्यक्त कीं और अपने नागरिकों की स्थिति पर नज़र बनाए रखने की बात कही।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 162 लोगों की जान ले ली है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। 27 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, यह त्रासदी नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रही है। इस आपदा पर वैश्विक समुदाय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया है।

यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया और कोपरनिकस प्रणाली की तैनाती

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है या जो अब भी उनके बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और ज़मीनी राहत कार्यों में सहायता के लिए कोपरनिकस आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ (EU) ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक सहायता देने की तैयारी भी जताई है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एकजुटता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।' गुटेरेस ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यूएन की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन नेपाल सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और प्रभावित समुदायों तक राहत सामग्री तेज़ी से पहुँचाई जा रही है।

नीदरलैंड, लिथुआनिया और अन्य देशों की संवेदनाएं

नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।' उन्होंने कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे नेपाली राहतकर्मियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि नीदरलैंड प्रभावित क्षेत्र में मौजूद डच नागरिकों की स्थिति पर भी लगातार नज़र बनाए हुए है। लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडाउगस सिंकेविचियस ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दूतावास स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है।

जापान की प्रधानमंत्री की चिंता — 5 जापानी नागरिक लापता

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल में आई व्यापक बाढ़ के मद्देनजर, मैं नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।' स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 5 जापानी नागरिक लापता हैं, जिसे तकाइची ने 'गहरी चिंता का विषय' बताया। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क के कई प्रयास किए हैं, परंतु अब तक सफलता नहीं मिली है। तकाइची ने एक्स पर अपील की कि यदि कोई प्रभावित क्षेत्र में उन नागरिकों की सुरक्षा के बारे में जानकारी रखता है, तो नेपाल में जापान के दूतावास को 977-1-4526-680 पर सूचित करें।

आगे की स्थिति

राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन दुर्गम इलाकों और खराब मौसम के कारण कार्य में बाधाएं आ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में मानसून की तीव्रता को लेकर विशेषज्ञ पहले से चेतावनी दे रहे थे। गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, लेकिन इस वर्ष की तबाही का पैमाना असाधारण बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सहायता और समन्वय के साथ, नेपाल सरकार लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि ये वचन ज़मीनी राहत में कितनी तेज़ी से तब्दील होते हैं। जापान के 5 नागरिकों की लापता होने की खबर यह भी रेखांकित करती है कि नेपाल में पर्यटन और ट्रेकिंग के बढ़ते चलन के बीच आपदा-पूर्व चेतावनी और निकासी तंत्र अभी भी कितने कमज़ोर हैं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
27 अगस्त 2026 तक की जानकारी के अनुसार नेपाल बाढ़ में 162 लोगों की मौत हो चुकी है। सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र नेपाल बाढ़ राहत में क्या भूमिका निभा रहा है?
संयुक्त राष्ट्र की टीमें नेपाल सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत अभियान में सहयोग कर रही हैं। मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन प्रभावित समुदायों तक राहत सामग्री और कर्मियों को तेज़ी से पहुँचा रहे हैं।
यूरोपीय संघ ने नेपाल बाढ़ में मदद के लिए क्या कदम उठाए?
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और राहत कार्यों में सहायता के लिए कोपरनिकस आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक सहायता देने की तैयारी भी जताई है।
नेपाल बाढ़ में जापानी नागरिकों की क्या स्थिति है?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 5 जापानी नागरिक लापता हैं। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क के कई प्रयास किए हैं, परंतु अब तक सफलता नहीं मिली है। जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने एक्स पर अपील की है कि जानकारी रखने वाले लोग दूतावास को 977-1-4526-680 पर सूचित करें।
नेपाल बाढ़ 2026 से कौन-कौन से देश प्रभावित हैं?
यह बाढ़ मुख्य रूप से नेपाल को प्रभावित कर रही है, लेकिन नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र भी इसकी चपेट में आए हैं। नीदरलैंड, जापान और लिथुआनिया ने अपने नागरिकों की स्थिति पर चिंता जताई है और दूतावासों के माध्यम से निगरानी कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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