नेपाल बाढ़ में 162 की मौत, विश्व नेताओं ने जताया शोक; यूएन और यूरोपीय संघ ने बढ़ाया मदद का हाथ
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 162 लोगों की जान ले ली है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। 27 अगस्त 2026 तक की स्थिति के अनुसार, यह त्रासदी नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रही है। इस आपदा पर वैश्विक समुदाय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया है।
यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया और कोपरनिकस प्रणाली की तैनाती
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है या जो अब भी उनके बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं।' उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और ज़मीनी राहत कार्यों में सहायता के लिए कोपरनिकस आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ (EU) ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक सहायता देने की तैयारी भी जताई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एकजुटता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।' गुटेरेस ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यूएन की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन नेपाल सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और प्रभावित समुदायों तक राहत सामग्री तेज़ी से पहुँचाई जा रही है।
नीदरलैंड, लिथुआनिया और अन्य देशों की संवेदनाएं
नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।' उन्होंने कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे नेपाली राहतकर्मियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि नीदरलैंड प्रभावित क्षेत्र में मौजूद डच नागरिकों की स्थिति पर भी लगातार नज़र बनाए हुए है। लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडाउगस सिंकेविचियस ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दूतावास स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है।
जापान की प्रधानमंत्री की चिंता — 5 जापानी नागरिक लापता
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने एक्स पर लिखा, 'नेपाल में आई व्यापक बाढ़ के मद्देनजर, मैं नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।' स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 5 जापानी नागरिक लापता हैं, जिसे तकाइची ने 'गहरी चिंता का विषय' बताया। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क के कई प्रयास किए हैं, परंतु अब तक सफलता नहीं मिली है। तकाइची ने एक्स पर अपील की कि यदि कोई प्रभावित क्षेत्र में उन नागरिकों की सुरक्षा के बारे में जानकारी रखता है, तो नेपाल में जापान के दूतावास को 977-1-4526-680 पर सूचित करें।
आगे की स्थिति
राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन दुर्गम इलाकों और खराब मौसम के कारण कार्य में बाधाएं आ रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में मानसून की तीव्रता को लेकर विशेषज्ञ पहले से चेतावनी दे रहे थे। गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, लेकिन इस वर्ष की तबाही का पैमाना असाधारण बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सहायता और समन्वय के साथ, नेपाल सरकार लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने में जुटी है।