नेपाल बाढ़: अमेरिका ने $5 लाख की आपात सहायता और डिजास्टर एडवाइजर भेजा, UN भी राहत में जुटा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका ने नेपाल के रसुवा जिले में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद तत्काल राहत कार्रवाई करते हुए एक डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर तैनात किया है और $5 लाख (पाँच लाख डॉलर) की आपातकालीन सहायता की घोषणा की है। 27 अगस्त 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा की गई इस घोषणा के साथ ही संयुक्त राष्ट्र भी नेपाल सरकार के नेतृत्व में चल रहे राहत अभियान में सक्रिय रूप से जुट गया है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, अनेक लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।
अमेरिकी सहायता का स्वरूप
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि $5 लाख डॉलर की यह धनराशि विदेश विभाग के वैश्विक कार्यक्रम के तहत कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से वितरित की जाएगी। इस राशि का उपयोग आपातकालीन आश्रय (शेल्टर) उपलब्ध कराने, राहत सामग्री वितरित करने तथा बाढ़ प्रभावित समुदायों को स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने में किया जाएगा।
विदेश विभाग ने कहा, 'नेपाल के रसुवा जिले में आई विनाशकारी बाढ़ में जान गँवाने वाले लोगों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति अमेरिका अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता है। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के साथ हमारी संवेदनाएँ हैं।'
ज़मीनी स्थिति और दूतावास की भूमिका
काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने और उनकी सहायता करने में जुटा है। प्रभावित इलाकों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर नज़र रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
तैनात किया गया डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर मौके पर राहत कार्यों में सीधा सहयोग करेगा — यह कदम केवल वित्तीय सहायता से आगे जाकर तकनीकी विशेषज्ञता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख व्यक्त किया है। न्यूयॉर्क में जारी बयान में उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, 'महासचिव नेपाल और चीन में आई गंभीर बाढ़ से दुखी हैं, जिसने कई लोगों की जान ले ली है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। वे पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।'
डुजारिक ने यह भी कहा, 'महासचिव उन आपातकालीन राहतकर्मियों की सराहना करते हैं जो लोगों की जान बचाने के लिए काम कर रहे हैं, और संयुक्त राष्ट्र की ओर से हर संभव अतिरिक्त सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं।'
संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन बाढ़ प्रभावित समुदायों तक राहत सामग्री और कर्मियों को तेज़ी से जुटा रहे हैं, जबकि अधिकारी आपदा के वास्तविक नुकसान का आकलन करने में लगे हैं।
राहत की प्राथमिकताएँ और आगे की राह
अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दोनों की घोषणाओं में फिलहाल सुरक्षित आश्रय, ज़रूरी राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल सरकार नुकसान के सही आकलन और दीर्घकालिक पुनर्वास की रणनीति तैयार करने में जुटी है। गौरतलब है कि रसुवा जिला पहले भी भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित होता रहा है, जिससे यहाँ के समुदायों की भेद्यता और भी उजागर होती है।