दिल्ली में दो महीने में 4,500 किलो मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट, स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने साल भर निरीक्षण का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में खाद्य भंडारों के निरीक्षण को तत्काल तेज करने का निर्देश दिया। दिल्ली सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले दो महीनों में चलाए गए प्रवर्तन अभियानों में 4,500 किलो से अधिक असुरक्षित और अनुपयुक्त खाद्य सामग्री नष्ट की गई है।
क्या-क्या नष्ट किया गया
नष्ट किए गए खाद्य भंडार के विवरण के अनुसार, इसमें लगभग 3,440 किलो खोया, चाप और मक्खन, 658 किलो मिलावटी पनीर तथा 139 किलो एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद शामिल हैं। यह कार्रवाई दूध, पनीर, चाप और अन्य डेयरी उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट पकड़े जाने के बाद की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन दो महीनों में कुल 429 खाद्य नमूनों की जाँच की — जिनमें 307 प्रवर्तन नमूने और 122 निगरानी नमूने शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए इन अभियानों में दिल्ली पुलिस की टीमें भी खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मौजूद रहीं।
मुख्य घटनाक्रम और अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर, खोया और घी में मिलावट के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए। इसके अलावा मिठाई निर्माताओं, डेयरी प्रतिष्ठानों और फास्ट फूड निर्माताओं पर भी छापेमारी की गई। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में मिलावटी मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की शिकायतें दिल्ली में हर साल तेज़ हो जाती हैं।
गौरतलब है कि त्योहारों के दौरान खोया, छेना और पनीर में मिलावट की घटनाएँ राष्ट्रीय राजधानी में एक पुरानी समस्या रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार का अभियान केवल त्योहारी छापेमारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे व्यापक प्रवर्तन ढाँचे के तहत चलाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि 'खाद्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।' उन्होंने कहा कि मिलावट के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और पूरे वर्ष चौबीसों घंटे निरीक्षण जारी रहेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मिलावटखोरी को 'जन स्वास्थ्य के लिए सीधा खतरा' बताते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता पर असर
अधिकारियों ने खोया, पनीर, छेना, मिठाई, नमकीन, घी, खाद्य तेल और सूखे मेवों को प्राथमिकता वाली खाद्य श्रेणियों में शामिल किया है, जिन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी — विशेष रूप से त्योहारों के मौसम में। दिल्ली में करोड़ों उपभोक्ता इन उत्पादों का नियमित उपयोग करते हैं, इसलिए यह अभियान सीधे तौर पर आम नागरिकों की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है।
क्या होगा आगे
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निरीक्षण अभियान केवल त्योहारों तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष जारी रहें। चौबीसों घंटे की सतर्कता और नियमित नमूना जाँच को प्रवर्तन तंत्र का स्थायी हिस्सा बनाने की तैयारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि निरंतर निगरानी और त्वरित कानूनी कार्रवाई ही मिलावट की समस्या पर दीर्घकालिक नियंत्रण का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।