दिल्ली सरकार की प्राथमिकता: नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा, मंत्री पंकज सिंह का बयान
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा अभियान
- 66 खाद्य नमूनों की जब्ती
- स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित
- उत्पादन इकाइयों पर कड़ी निगरानी
- जीरो टॉलरेंस नीति
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। होली के आगमन से पहले, दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करना है। इस अभियान के तहत टीम ने पनीर, खोया और दालों सहित कुल 66 खाद्य नमूनों को जब्त किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान खाद्य नमूनाकरण और मिलावट की रोकथाम पर केंद्रित है।
मंत्री ने आगे कहा कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दिल्ली के नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। हमारी टीमें बाजारों, उत्पादन इकाइयों और सीमा प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय निरीक्षण कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनता तक केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन ही पहुंचे।
एक अधिकारी ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान, निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कुल 66 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिनमें 54 निगरानी नमूने और 12 कानूनी नमूने शामिल हैं।
खाद्य पदार्थों के वर्गीकरण के अनुसार, एकत्र किए गए नमूनों में तैयार खाद्य पदार्थों के अंतर्गत 16 नमूने, नमक, मसाले, सूप, सॉस, सलाद और प्रोटीन उत्पादों के अंतर्गत 18 नमूने, अनाज और अनाज उत्पादों के अंतर्गत 17 नमूने, वसा, तेल और वसा इमल्शन के अंतर्गत 11 निगरानी नमूने और डेयरी उत्पादों के अंतर्गत चार निगरानी नमूने शामिल हैं।
अधिकारी ने कहा कि दालों और संबंधित अनाज उत्पादों की बढ़ती खपत को देखते हुए इन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए प्रमुख खोया मंडियों और पनीर मंडियों में निरीक्षण दल तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नमूने एकत्र किए गए हैं और जहां भी उल्लंघन पाए गए हैं, वहां सख्त कार्रवाई शुरू की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण केवल मंडियों तक सीमित न रखें।
उन्होंने विशेष रूप से विभाग को घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गहन निरीक्षण करने का निर्देश दिया, जहां खोया और पनीर का उत्पादन और स्थानीय स्तर पर आपूर्ति की जाती है।
मंत्री ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में चल रही उत्पादन इकाइयों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।