कीर्तिवर्धन सिंह की फ्रांसीसी मंत्री लेफेव्रे से मुलाकात, COP-31 और जलवायु वित्तपोषण पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री तथा विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में फ्रांस के पारिस्थितिक बदलाव (इकोलॉजिकल ट्रांजिशन) मंत्री मैथ्यू लेफेव्रे से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में जैव विविधता संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी, जलवायु वित्तपोषण और आगामी COP-31 से जुड़ी प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में क्या हुई चर्चा
दोनों मंत्रियों ने पर्यावरण, जैव विविधता, सर्कुलर इकोनॉमी और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक एवं द्विपक्षीय स्तर पर प्रयासों को और तेज़ करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक का केंद्रबिंदु ऊँचे जलवायु लक्ष्यों को बनाए रखना और उन्हें ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित करना रहा।
कीर्तिवर्धन सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'फ्रांस के इकोलॉजिकल ट्रांजिशन मंत्री मैथ्यू लेफेव्रे से मुलाकात करके खुशी हुई। हमने कई साझा हितों के विषयों पर चर्चा की, जिनमें जैव विविधता संरक्षण, ऊर्जा परिवर्तन, जलवायु वित्तपोषण और COP-31 से जुड़ी प्राथमिकताएं शामिल थीं।'
ISA और CDRI के ज़रिए सहयोग को मज़बूती
बैठक में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (CDRI) जैसी भारत-प्रवर्तित बहुपक्षीय पहलों के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। गौरतलब है कि ISA और CDRI दोनों ही भारत की अगुवाई में स्थापित अंतरराष्ट्रीय मंच हैं, जिनमें फ्रांस एक प्रमुख भागीदार देश है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब COP-31 की तैयारियाँ वैश्विक स्तर पर तेज़ हो रही हैं और विकासशील व विकसित देशों के बीच जलवायु वित्तपोषण को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
फ्रांसीसी दूतावास की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास ने भी इस बैठक की जानकारी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा की। दूतावास ने अपनी पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं ने पर्यावरण, जैव विविधता, सर्कुलर इकोनॉमी और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक और द्विपक्षीय प्रयासों को गति देने पर बल दिया, ताकि ऊँचे जलवायु लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखा जा सके।
दूतावास ने यह भी रेखांकित किया कि इन क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग को मिलकर आगे ले जाने पर जोर दिया गया।
भारत-फ्रांस जलवायु साझेदारी का व्यापक संदर्भ
भारत और फ्रांस के बीच जलवायु और ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में लगातार गहरी हुई है। 2015 के पेरिस जलवायु समझौते से लेकर ISA की स्थापना तक, दोनों देश वैश्विक जलवायु एजेंडे पर अक्सर एकमत रहे हैं। COP-31 से पूर्व यह बैठक दोनों देशों की साझी प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है।
आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच तकनीकी कार्यसमूहों की बैठकें और संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा की उम्मीद है।