4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर निर्माण सहयोगियों को श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट का दीपावली आभार-पत्र, WhatsApp से भेजा जा रहा संदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर निर्माण सहयोगियों को श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट का दीपावली आभार-पत्र, WhatsApp से भेजा जा रहा संदेश

सारांश

दीपावली पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले भक्तों को WhatsApp पर आभार-पत्र भेजा। भक्तों में प्रामाणिकता को लेकर उठे सवालों के बाद ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक X हैंडल से सफाई दी और भक्तों को केवल आधिकारिक लिंक का उपयोग करने की सलाह दी।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दीपावली पर मंदिर निर्माण सहयोगी रामभक्तों को WhatsApp के ज़रिए आभार-पत्र भेजना शुरू किया।
कुछ भक्तों में संदेश और संलग्न पीडीएफ पत्र की प्रामाणिकता को लेकर भ्रम उत्पन्न हुआ।
ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से स्पष्ट किया कि संदेश और पत्र पूरी तरह प्रामाणिक हैं।
भक्त पत्र में दिए गए लिंक पर अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल दर्ज कर सकते हैं।
ट्रस्ट ने भक्तों को केवल आधिकारिक लिंक का उपयोग करने और अन्य असत्यापित लिंक से सावधान रहने की अपील की।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 3 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग करने वाले रामभक्तों को दीपावली के अवसर पर शुभकामना एवं आभार-पत्र भेजा जा रहा है। यह संदेश और संलग्न पीडीएफ पत्र WhatsApp के माध्यम से भेजे जा रहे हैं और पूरी तरह प्रामाणिक हैं। कुछ भक्तों में इनकी सत्यता को लेकर उत्पन्न हुए भ्रम को दूर करने के लिए ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से सूचना जारी की।

भ्रम की स्थिति और ट्रस्ट की आधिकारिक सफाई

जब से ये संदेश रामभक्तों के मोबाइल पर पहुँचने शुरू हुए, तब से कई भक्तों ने WhatsApp पर प्राप्त संदेश और उसमें संलग्न पीडीएफ पत्र की प्रामाणिकता को लेकर जिज्ञासा व्यक्त की। डिजिटल धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में यह सतर्कता स्वाभाविक मानी जा रही है।

इस स्थिति को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के आधिकारिक एक्स हैंडल से स्पष्टीकरण जारी किया गया। ट्रस्ट ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आधिकारिक सूचना। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा श्रीराम मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले रामभक्तों को वॉट्सऐप के माध्यम से दीपावली शुभकामना एवं आभार पत्र भेजा जा रहा है। कुछ रामभक्तों ने प्राप्त संदेश एवं संलग्न पीडीएफ पत्र की प्रामाणिकता के सम्बन्ध में जिज्ञासा व्यक्त की है। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि यह संदेश एवं पत्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा ही भेजे जा रहे हैं।'

आभार-पत्र में क्या है और कैसे करें सत्यापन

ट्रस्ट ने बताया कि भेजे गए पत्र में एक लिंक दिया गया है, जिस पर जाकर रामभक्त अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल दर्ज कर सकते हैं। ट्रस्ट ने भक्तों को विशेष रूप से सावधान किया है कि वे केवल आधिकारिक लिंक का ही उपयोग करें और किसी अनजान या असत्यापित लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी न भरें।

गौरतलब है कि साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि के मद्देनज़र यह सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रस्ट की यह अपील दर्शाती है कि वह भक्तों की डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी सजग है।

दीपावली पर भक्तों से आत्मीय जुड़ाव

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास, अयोध्या मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लाखों भक्तों के साथ निरंतर संपर्क में रहता है। दीपावली के पावन अवसर पर यह आभार-पत्र भेजकर ट्रस्ट ने भक्तों के साथ अपने संबंध को और प्रगाढ़ करने का प्रयास किया है। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर परिसर का निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में आगे बढ़ रहा है।

आगे क्या

ट्रस्ट का यह कदम भक्तों और मंदिर प्रबंधन के बीच पारदर्शी संवाद की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। भविष्य में भी ट्रस्ट द्वारा इसी प्रकार के आधिकारिक संचार जारी रहने की संभावना है। भक्तों को सलाह दी जाती है कि किसी भी संदेश की सत्यता के लिए ट्रस्ट के आधिकारिक एक्स हैंडल या वेबसाइट पर जाँच अवश्य करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन WhatsApp जैसे असुरक्षित माध्यम से लाखों भक्तों को लिंक भेजना साइबर ठगों के लिए एक अवसर भी खोलता है — यह जोखिम ट्रस्ट की अपनी चेतावनी से स्पष्ट है। असली सवाल यह है कि जब ट्रस्ट स्वयं जानता है कि भक्त भ्रमित हो सकते हैं, तो केवल एक्स पर सफाई जारी करना पर्याप्त क्यों माना गया — एसएमएस या पंजीकृत ई-मेल जैसा अधिक सुरक्षित और सत्यापनीय माध्यम क्यों नहीं अपनाया गया? करोड़ों भक्तों के विश्वास और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के प्रति ट्रस्ट की ज़िम्मेदारी केवल आभार तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट का आभार-पत्र क्या है?
यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा दीपावली के अवसर पर राम मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले भक्तों को भेजा जा रहा एक आधिकारिक धन्यवाद-पत्र है। यह WhatsApp के माध्यम से पीडीएफ रूप में भेजा जा रहा है।
क्या WhatsApp पर आया राम मंदिर ट्रस्ट का संदेश असली है?
हाँ, ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से पुष्टि की है कि यह संदेश और पीडीएफ पत्र पूरी तरह प्रामाणिक हैं और ट्रस्ट द्वारा ही भेजे जा रहे हैं। भक्त किसी भी संदेह की स्थिति में ट्रस्ट के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जाँच कर सकते हैं।
आभार-पत्र में दिए गए लिंक पर क्या करना है?
ट्रस्ट के अनुसार, पत्र में दिए गए लिंक पर भक्त अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल दर्ज कर सकते हैं। ट्रस्ट ने भक्तों से अपील की है कि वे केवल इसी आधिकारिक लिंक का उपयोग करें और किसी अन्य असत्यापित लिंक पर जानकारी न भरें।
कोई फर्जी लिंक आए तो क्या करें?
ट्रस्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि केवल आधिकारिक लिंक पर ही भरोसा करें। यदि कोई संदिग्ध लिंक प्राप्त हो तो उस पर क्लिक न करें और ट्रस्ट के आधिकारिक एक्स हैंडल या वेबसाइट पर जाकर सत्यापन करें।
यह आभार-पत्र किन भक्तों को भेजा जा रहा है?
यह पत्र उन रामभक्तों को भेजा जा रहा है जिन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण में आर्थिक या अन्य प्रकार से सहयोग किया था। दीपावली के पावन अवसर पर यह ट्रस्ट और भक्तों के बीच संपर्क बनाए रखने की पहल है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
    अयोध्या: 200 चांदी की ईंटों के विवाद में सिंधी समाज ने राम मंदिर ट्रस्ट का जवाब माना संतोषजनक, सितंबर-अक्टूबर में सामूहिक दर्शन का अनुरोध
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले