23 जुलाई 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट की नई तस्वीरें जारी, अयोध्या में रामलला के दर्शन को उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु

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राम मंदिर ट्रस्ट की नई तस्वीरें जारी, अयोध्या में रामलला के दर्शन को उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु

सारांश

विवादों और आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का संदेश दिया। साथ ही CEO नियुक्ति एक माह टली, प्रवक्ता और धार्मिक समिति के पुनर्गठन का फैसला भी हुआ।

मुख्य बातें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 23 जुलाई को अयोध्या राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते दिखे।
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि आरोपों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति लगभग एक महीने के लिए टाल दी गई, क्योंकि चयन समिति को आवेदनों की जाँच के लिए अतिरिक्त समय चाहिए।
ट्रस्ट ने पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया और एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया।
दान गबन विवाद के बीच धार्मिक समिति के पुनर्गठन का भी फैसला किया गया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार, 23 जुलाई को अयोध्या स्थित राम मंदिर की ताज़ा तस्वीरें सार्वजनिक कीं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में उपस्थित दिखाई दे रहे हैं। ट्रस्ट ने इन तस्वीरों को ऐसे समय में जारी किया है जब मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ विवाद सार्वजनिक चर्चा में हैं।

तस्वीरों में क्या दिखा

ट्रस्ट द्वारा जारी तस्वीरों में श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करते, रामलला के समक्ष नतमस्तक होते और भक्तिभाव के साथ परिसर में विचरण करते देखा जा सकता है। तस्वीरें मंदिर में श्रद्धालुओं की निरंतर उपस्थिति और आस्था के जीवंत माहौल को दर्शाती हैं।

ट्रस्ट का आधिकारिक बयान

तस्वीरें जारी होने से एक दिन पहले, बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा, 'प्रचार और बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए आरोपों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। यह करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है।' ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक बयान में भी स्पष्ट किया कि निराधार और भ्रामक आरोपों के बावजूद राम भक्तों का विश्वास मंदिर के प्रति पूरी तरह अडिग बना हुआ है।

महत्वपूर्ण बैठक और प्रशासनिक निर्णय

बुधवार को अयोध्या में ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें कई अहम प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर चर्चा हुई, हालाँकि चयन समिति द्वारा अधिक समय माँगे जाने के कारण यह निर्णय लगभग एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया। ट्रस्ट के अनुसार, समिति फिलहाल प्राप्त आवेदनों की जाँच, पात्रता सत्यापन और योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया में है।

बैठक में पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को भी अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही, हालिया दान गबन विवाद के बीच संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया।

धार्मिक समिति का पुनर्गठन

ट्रस्ट ने राम मंदिर में पूजा-पद्धति और धार्मिक अनुष्ठानों की पारंपरिक शुद्धता एवं मर्यादा बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति के पुनर्गठन का भी फैसला किया। यह कदम मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और व्यवस्था को और मज़बूत करने की दिशा में उठाया गया है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब राम मंदिर प्रशासन पर कुछ आरोप सार्वजनिक रूप से उठाए गए हैं। ट्रस्ट की ओर से CEO नियुक्ति, प्रवक्ता और धार्मिक समिति के पुनर्गठन जैसे कदम संकेत देते हैं कि संस्था अपनी प्रशासनिक संरचना को और सुव्यवस्थित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में CEO पद के लिए अंतिम चयन और नए प्रवक्ता की भूमिका पर सभी की नज़रें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जवाबदेही तब साबित होगी जब ये संरचनाएँ वास्तव में पारदर्शी तरीके से काम करती दिखेंगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने नई तस्वीरें क्यों जारी कीं?
ट्रस्ट ने 23 जुलाई को राम मंदिर की नई तस्वीरें जारी कर यह दर्शाने का प्रयास किया कि मंदिर प्रशासन से जुड़े हालिया विवादों के बावजूद श्रद्धालुओं का प्रवाह सामान्य बना हुआ है। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि यह करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है।
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति क्यों टाली गई?
चयन समिति ने बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों की विस्तृत जाँच, पात्रता सत्यापन और शॉर्टलिस्टिंग के लिए अतिरिक्त समय माँगा, जिसके चलते ट्रस्ट ने CEO नियुक्ति का फैसला लगभग एक महीने के लिए स्थगित कर दिया। यह राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति होगी।
ट्रस्ट की बुधवार की बैठक में और कौन-से निर्णय लिए गए?
बैठक में पूर्णकालिक महासचिव की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया, एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया और धार्मिक अनुष्ठानों की शुद्धता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति के पुनर्गठन का फैसला भी किया गया।
राम मंदिर में दान गबन विवाद क्या है?
हाल के दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट पर दान से जुड़े कुछ आरोप लगे हैं, जिन्हें ट्रस्ट ने 'निराधार, भ्रामक और झूठे' बताया है। इन्हीं आरोपों की पृष्ठभूमि में ट्रस्ट ने संचार व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं की स्थिति कैसी है?
ट्रस्ट के अनुसार विवादों और आरोपों के बावजूद राम मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन पूरी तरह सामान्य बना हुआ है। जारी तस्वीरों में बड़ी संख्या में भक्त रामलला के दर्शन करते और मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना करते दिखाई दे रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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