राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को बैठक: CEO नियुक्ति, चंपत राय और दान पारदर्शिता पर होगा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने जा रही है, जिसमें मंदिर प्रशासन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है। ट्रस्ट के सदस्य दिनेन्द्र दास ने पुष्टि की कि बैठक दोपहर 2 से 3 बजे के बीच होगी और इसमें ट्रस्ट के सभी सदस्य भाग लेंगे।
बैठक का एजेंडा
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में मंदिर की व्यवस्था को अधिक पेशेवर और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही ट्रस्ट के नए प्रवक्ता के चयन पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। दान और चढ़ावे की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा समग्र प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं।
चंपत राय के ट्रस्ट में शामिल होने पर रुख
ट्रस्ट में चंपत राय की वापसी के सवाल पर दिनेन्द्र दास ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, "अंतिम निर्णय भगवान राम की इच्छा के अनुसार ही होगा और ट्रस्ट के सदस्य आपस में विचार-विमर्श कर निर्णय लेंगे।" हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पहले से ही यह कहते आए हैं कि चंपत राय निर्दोष हैं और विशेष जाँच दल (SIT) द्वारा उन्हें क्लीनचिट दिए जाने के बाद यह बात और पुख्ता हो गई है।
पूजा-पाठ व्यवस्था में सुधार
दिनेन्द्र दास ने बताया कि राम मंदिर में पूजा-अर्चना पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार ही जारी है और समय के साथ व्यवस्थाओं में स्वाभाविक सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष पूर्व की तुलना में अब श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा की व्यवस्था कहीं अधिक सुचारू हो गई है। पहले जहाँ भक्तों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब मंदिर परिसर में सब कुछ सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा है।
आगे क्या होगा
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ट्रस्ट कथित तौर पर अपनी प्रशासनिक संरचना को नई ऊँचाई देने की दिशा में काम कर रहा है। CEO की नियुक्ति यदि होती है, तो यह मंदिर प्रबंधन में एक बड़े संस्थागत बदलाव का संकेत होगा। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से ट्रस्ट पर प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव लगातार बना हुआ है।