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राम मंदिर ट्रस्ट CEO पद के लिए राम भक्ति अनिवार्य: विहिप नेता सुरेंद्र जैन

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राम मंदिर ट्रस्ट CEO पद के लिए राम भक्ति अनिवार्य: विहिप नेता सुरेंद्र जैन

सारांश

विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने साफ कहा — राम मंदिर ट्रस्ट का CEO केवल वही बन सकता है जो राम के प्रति पूर्ण समर्पित हो। वीआईपी पास विवाद को प्रशासनिक बदलाव बताया, विपक्ष के आरोपों को कोर्ट तक ले जाने की चुनौती दी।

मुख्य बातें

विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 10 जुलाई 2026 को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट CEO के लिए भगवान राम के प्रति समर्पण सबसे अनिवार्य पात्रता है।
सर्च कमेटी ने CEO पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी है।
चंपत राय सहित पूर्व पदाधिकारियों की वीआईपी पास आईडी ब्लॉक होना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है; अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी भी टिप्पणी से बचने की सलाह दी।
आरएसएस की 10 और 12 जुलाई की आंतरिक बैठक में राम जन्मभूमि विषय पर चर्चा होना स्वाभाविक — जैन।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 10 जुलाई 2026 को कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ भगवान राम के प्रति अटूट समर्पण सबसे आवश्यक पात्रता है। उन्होंने कहा कि सर्च कमेटी ने इस दिशा में अपना काम शुरू कर दिया है और यह पहल स्वागत योग्य है।

मुख्य घटनाक्रम

सुरेंद्र जैन ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की व्यवस्था केवल वही व्यक्ति संभाल सकता है जो भगवान राम के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्च कमेटी एक सही और योग्य व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करेगी।

वीआईपी पास विवाद पर सफाई

वीआईपी पास जारी करने के अधिकार में हुए बदलाव पर जैन ने कहा कि चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों की पास-जारी करने की आईडी ब्लॉक किया जाना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि में पास के लिए कभी भी किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन नहीं होता था — ये पास केवल आयु, शारीरिक असमर्थता या अन्य विशेष परिस्थितियों में ही जारी किए जाते थे। चूँकि संबंधित पदाधिकारी अब अपने पद पर नहीं हैं, इसलिए यह जिम्मेदारी स्वाभाविक रूप से किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दी गई है।

विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया

विपक्ष द्वारा ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर लगाए जा रहे आरोपों पर जैन ने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है और अंतिम रिपोर्ट भी शीघ्र आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी टिप्पणी से बचना उचित होगा। जैन ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास कोई आरोप हैं तो उन्हें जाँच एजेंसी या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, क्योंकि यह मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है।

आरएसएस बैठक पर टिप्पणी

10 और 12 जुलाई को होने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बैठक के बारे में जैन ने कहा कि यह एक आंतरिक बैठक है जिसका एजेंडा सामान्यतः सार्वजनिक नहीं किया जाता। हालाँकि, राम जन्मभूमि का विषय व्यापक महत्व का है और संघ का इसमें बड़ा योगदान रहा है, इसलिए इस पर कुछ चर्चा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार बातें समाज के सामने लाई जाएंगी।

आगे क्या होगा

सर्च कमेटी द्वारा CEO पद के लिए उम्मीदवारों की जाँच जारी है और नियुक्ति की घोषणा जल्द अपेक्षित है। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट से जुड़े विवादों पर भी अधिक स्पष्टता आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पदाधिकारी बदले जा रहे हैं और विपक्ष आरोपों की झड़ी लगाए हुए है। 'राम भक्ति' को पात्रता बताना एक धार्मिक-प्रशासनिक मिश्रण है जो पारदर्शिता की बजाय आस्था को केंद्र में रखता है — यह सवाल खड़ा करता है कि क्या इस मानदंड को वस्तुनिष्ठ रूप से परखा जा सकता है। वीआईपी पास विवाद को 'सामान्य प्रक्रिया' कहना और विपक्ष को कोर्ट जाने की चुनौती देना — दोनों रक्षात्मक मुद्राएँ हैं, आश्वस्त करने वाले जवाब नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट CEO के लिए क्या पात्रता तय की गई है?
विहिप नेता सुरेंद्र जैन के अनुसार, प्रशासनिक योग्यता के साथ-साथ भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण सबसे आवश्यक पात्रता है। सर्च कमेटी इसी आधार पर उपयुक्त उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
वीआईपी पास विवाद क्या है और इसे कैसे समझाया गया?
चंपत राय सहित कुछ पूर्व पदाधिकारियों की वीआईपी पास जारी करने की आईडी ब्लॉक कर दी गई। सुरेंद्र जैन ने इसे सामान्य प्रशासनिक बदलाव बताया और स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि में पास के लिए कभी कोई आर्थिक लेनदेन नहीं होता था।
राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोपों की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है और अंतिम रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है और जैन ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट से पहले कोई टिप्पणी उचित नहीं होगी।
आरएसएस की जुलाई बैठक में राम मंदिर पर चर्चा होगी?
10 और 12 जुलाई को होने वाली आरएसएस की आंतरिक बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया जाता। सुरेंद्र जैन ने कहा कि राम जन्मभूमि विषय की व्यापकता को देखते हुए इस पर कुछ चर्चा होना स्वाभाविक है।
विपक्ष के आरोपों पर विहिप का क्या रुख है?
विहिप का कहना है कि जिनके पास आरोप हैं वे जाँच एजेंसी या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपनी बात रखें। सुरेंद्र जैन ने कहा कि केवल कोर्ट या एजेंसी के सामने रखे गए आरोपों को ही गंभीरता से लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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