राम मंदिर चढ़ावा विवाद: वीएचपी के सुरेंद्र जैन का कांग्रेस पर हमला, बोले — 'राम की आस्था अपमानित करना चाहती है पार्टी'
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 3 जुलाई को नई दिल्ली में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर कांग्रेस की माँग को राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दोषियों की पहचान में नहीं, बल्कि श्रीराम के प्रति जनआस्था को ठेस पहुँचाने में रुचि है।
कांग्रेस की माँग और वीएचपी का पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में जाँच कराने की माँग की है। सुरेंद्र जैन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद वेणुगोपाल यह नहीं जानते कि सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में जाँच का निर्णय प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भारत के मुख्य न्यायाधीश करते हैं। उन्होंने कहा, 'पत्र मुख्य न्यायाधीश को न लिखकर प्रधानमंत्री को लिखा जा रहा है — इसका अर्थ स्पष्ट है कि उद्देश्य केवल राजनीति करना है।'
न्यायालय की भूमिका पर वीएचपी का रुख
सुरेंद्र जैन ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा चुके हैं। उन्होंने कहा, 'न्यायालय जो भी जाँच का दायरा तय करे, वीएचपी उसे स्वीकार करेगी, लेकिन इस पवित्र मामले को चुनावी अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।' जैन ने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश की जनता ऐसी राजनीति को माफ नहीं करेगी।
केजरीवाल पर तीखा निशाना
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि चढ़ावा चोरी मामले में छोटे लोगों को फँसाकर ताकतवरों को बचाया जा रहा है। इस पर सुरेंद्र जैन ने कहा कि केजरीवाल वही व्यक्ति हैं जिनकी पूरी कैबिनेट उनके मुख्यमंत्री रहते जेल में थी और वे स्वयं भी जेल में रहते हुए पद नहीं छोड़ पाए। उन्होंने कहा, 'आज भी आप जमानत पर हैं — नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार कहाँ से आया?' जैन ने यह भी उल्लेख किया कि जैसे ही मामले में आरोप सामने आए, चंपत राय ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराई और इस्तीफा सौंप दिया — जो जवाबदेही का प्रमाण है।
कपिल सिब्बल के बयान पर प्रतिक्रिया
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल की 'राम के नाम पर वोट' वाली टिप्पणी और वीएचपी-बजरंग दल को 'फर्जी हिंदू' बताने वाले बयान पर सुरेंद्र जैन ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने याद दिलाया कि सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले की सुनवाई टालने की कोशिश की थी और उनकी टीम ने हलफनामे में कहा था कि 'राम हैं या नहीं, इसका कोई सबूत नहीं।' जैन ने कहा, 'फर्जी हिंदू वे हैं जिन्होंने बार-बार राम मंदिर निर्माण रोकने के प्रयास किए और अब जनेऊ दिखाकर गोत्र बता रहे हैं।'
आगे क्या होगा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच न्यायालय की निगरानी में आगे बढ़ने की संभावना है। वीएचपी ने स्पष्ट किया है कि वह न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करेगी, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल द्वारा इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाने का विरोध करती रहेगी। आलोचकों का कहना है कि इस विवाद की आँच आगामी चुनावों तक बनी रह सकती है।