राम मंदिर चढ़ावा विवाद: वीएचपी के सुरेंद्र जैन का दिग्विजय सिंह पर कड़ा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 4 जुलाई को गुरुग्राम में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा पलटवार किया। यह प्रतिक्रिया अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े विवाद पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों के बाद आई। जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर और सनातन आस्था पर किसी भी प्रहार को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
सुरेंद्र जैन के मुख्य आरोप
जैन ने दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनका इतिहास 'चंदा चोरी, देश को लूटने और हिंदू विरोधियों को संरक्षण देने' का रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए वीएचपी को देश की आंतरिक सुरक्षा पर अधिवेशन आयोजित करने से रोका था। जैन के अनुसार, उस दौर में कांग्रेस की नीतियों के चलते देश में आतंकवाद का माहौल बना रहा।
जैन ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह एक ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमें एक लेखक की पुस्तक के आधार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर मुंबई बम धमाकों में संलिप्तता के 'झूठे आरोप' लगाए गए थे। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर और सनातन की आस्था पर प्रहार करोगे तो देश की जनता माफ नहीं करेगी।'
राम मूर्ति के रंग पर विवाद
दिग्विजय सिंह ने भगवान श्रीराम की मूर्ति के रंग को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर सुरेंद्र जैन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जैन ने कहा कि मूर्ति के रंग, आकार और पत्थर के चयन पर संतों की अध्यक्षता में गहन विचार-विमर्श हुआ था और इस विषय के विशेषज्ञ उस चर्चा में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि देश के मंदिरों में जाकर देखा जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि मूर्तियाँ किस रंग की होती हैं।
RSS और एसआईटी जाँच पर बयान
RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने चढ़ावा विवाद में कहा था कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और कुछ हिंदू विरोधी तत्व सनातन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। सुरेंद्र जैन ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पहले दिन से जाँच इसी दिशा में चल रही है और होसबोले के वक्तव्य के अनुरूप कार्रवाई जारी है।
जैन ने एक अहम तथ्य की ओर ध्यान दिलाया — उनके अनुसार यह देश में अपनी तरह का एकमात्र उदाहरण है जहाँ जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं, उसी ने एसआईटी गठन की माँग की है। उन्होंने कहा कि चंपत राय पर आरोप लगने के बाद एसआईटी का गठन हुआ और नामजद एफआईआर दर्ज की गई।
विपक्ष पर निशाना
जैन ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर आरोप लगाया कि ये दल इस विवाद का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, जबकि खुद इन पर 250 से अधिक आरोप हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सैफई में राष्ट्रीय संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नेशनल हेराल्ड मामले में जमीन हड़पने के आरोपों का भी जिक्र किया। जैन ने कहा कि इन मामलों में विपक्ष ने कभी एसआईटी की माँग नहीं की, बल्कि अदालत में जाँच से बचने की कोशिश की गई।
यह विवाद ऐसे समय में और तूल पकड़ रहा है जब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मामले राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी जाँच की दिशा और विपक्ष की प्रतिक्रिया इस विवाद का अगला मोड़ तय करेगी।