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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: वीएचपी के सुरेंद्र जैन का दिग्विजय सिंह पर कड़ा पलटवार

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: वीएचपी के सुरेंद्र जैन का दिग्विजय सिंह पर कड़ा पलटवार

सारांश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब खुली राजनीतिक जंग में बदल गया है। वीएचपी के सुरेंद्र जैन ने दिग्विजय सिंह को उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल, मुंबई बम धमाकों वाले कार्यक्रम और राम मूर्ति के रंग पर दिए बयान पर एक साथ घेरा — और साफ कहा कि सनातन पर प्रहार बर्दाश्त नहीं होगा।

मुख्य बातें

वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 4 जुलाई को गुरुग्राम में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर कड़ा पलटवार किया।
जैन ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए वीएचपी को आंतरिक सुरक्षा अधिवेशन आयोजित करने से रोका था।
RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान का समर्थन करते हुए जैन ने कहा कि चढ़ावा मामले में जाँच पहले दिन से सही दिशा में है।
जैन ने कांग्रेस और सपा पर 250 से अधिक आरोप होने का दावा करते हुए उन पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।
चंपत राय पर आरोप लगने के बाद एसआईटी गठन और नामजद एफआईआर दर्ज होने को जैन ने पारदर्शिता का प्रमाण बताया।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने 4 जुलाई को गुरुग्राम में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा पलटवार किया। यह प्रतिक्रिया अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े विवाद पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों के बाद आई। जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर और सनातन आस्था पर किसी भी प्रहार को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

सुरेंद्र जैन के मुख्य आरोप

जैन ने दिग्विजय सिंह पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनका इतिहास 'चंदा चोरी, देश को लूटने और हिंदू विरोधियों को संरक्षण देने' का रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए वीएचपी को देश की आंतरिक सुरक्षा पर अधिवेशन आयोजित करने से रोका था। जैन के अनुसार, उस दौर में कांग्रेस की नीतियों के चलते देश में आतंकवाद का माहौल बना रहा।

जैन ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह एक ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमें एक लेखक की पुस्तक के आधार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर मुंबई बम धमाकों में संलिप्तता के 'झूठे आरोप' लगाए गए थे। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर और सनातन की आस्था पर प्रहार करोगे तो देश की जनता माफ नहीं करेगी।'

राम मूर्ति के रंग पर विवाद

दिग्विजय सिंह ने भगवान श्रीराम की मूर्ति के रंग को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर सुरेंद्र जैन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जैन ने कहा कि मूर्ति के रंग, आकार और पत्थर के चयन पर संतों की अध्यक्षता में गहन विचार-विमर्श हुआ था और इस विषय के विशेषज्ञ उस चर्चा में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि देश के मंदिरों में जाकर देखा जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि मूर्तियाँ किस रंग की होती हैं।

RSS और एसआईटी जाँच पर बयान

RSS के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने चढ़ावा विवाद में कहा था कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और कुछ हिंदू विरोधी तत्व सनातन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। सुरेंद्र जैन ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पहले दिन से जाँच इसी दिशा में चल रही है और होसबोले के वक्तव्य के अनुरूप कार्रवाई जारी है।

जैन ने एक अहम तथ्य की ओर ध्यान दिलाया — उनके अनुसार यह देश में अपनी तरह का एकमात्र उदाहरण है जहाँ जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं, उसी ने एसआईटी गठन की माँग की है। उन्होंने कहा कि चंपत राय पर आरोप लगने के बाद एसआईटी का गठन हुआ और नामजद एफआईआर दर्ज की गई।

विपक्ष पर निशाना

जैन ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर आरोप लगाया कि ये दल इस विवाद का राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं, जबकि खुद इन पर 250 से अधिक आरोप हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सैफई में राष्ट्रीय संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नेशनल हेराल्ड मामले में जमीन हड़पने के आरोपों का भी जिक्र किया। जैन ने कहा कि इन मामलों में विपक्ष ने कभी एसआईटी की माँग नहीं की, बल्कि अदालत में जाँच से बचने की कोशिश की गई।

यह विवाद ऐसे समय में और तूल पकड़ रहा है जब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक मामले राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में एसआईटी जाँच की दिशा और विपक्ष की प्रतिक्रिया इस विवाद का अगला मोड़ तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उस बड़ी राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है जो राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से लगातार जारी है। वीएचपी का यह पलटवार रक्षात्मक कम, आक्रामक अधिक है — दिग्विजय सिंह के हर पुराने बयान को एक साथ उठाकर वे खुद को पीड़ित की बजाय आरोपी की भूमिका में आने से बचा रहे हैं। गौरतलब है कि एसआईटी जाँच अभी जारी है और आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए — ऐसे में दोनों पक्षों के बयान अदालत से बाहर की लड़ाई को दर्शाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि चंपत राय द्वारा खुद एसआईटी माँगना और उस पर नामजद एफआईआर — ये दोनों तथ्य एक साथ रखे जाएँ तो तस्वीर जटिल हो जाती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर विवाद उठा है, जिसमें चंपत राय पर आरोप लगे और एसआईटी का गठन किया गया तथा नामजद एफआईआर दर्ज की गई। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं, जिसके जवाब में वीएचपी और आरएसएस ने पलटवार किया है।
सुरेंद्र जैन ने दिग्विजय सिंह पर क्या आरोप लगाए?
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते वीएचपी का आंतरिक सुरक्षा अधिवेशन रोका, मुंबई बम धमाकों में आरएसएस पर झूठे आरोप लगाने वाले कार्यक्रम में शिरकत की, और अब राम मंदिर व सनातन आस्था पर प्रहार कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह ने राम मूर्ति के रंग पर क्या कहा था?
दिग्विजय सिंह ने भगवान श्रीराम की मूर्ति के रंग को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर सुरेंद्र जैन ने कहा कि मूर्ति के रंग, आकार और पत्थर के चयन पर संतों की अध्यक्षता में विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा हुई थी। जैन ने कहा कि देश के मंदिरों में जाकर देखने से यह स्पष्ट हो जाएगा।
एसआईटी जाँच में अब तक क्या हुआ है?
चंपत राय पर आरोप लगने के बाद एसआईटी का गठन किया गया और नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सुरेंद्र जैन ने इसे पारदर्शिता का प्रमाण बताया और कहा कि जाँच आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान के अनुरूप सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
वीएचपी ने कांग्रेस और सपा पर क्या आरोप लगाए?
सुरेंद्र जैन ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस विवाद का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती हैं, जबकि खुद इन पर 250 से अधिक आरोप हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सैफई में राष्ट्रीय संपत्ति के दुरुपयोग और नेशनल हेराल्ड मामले में जमीन हड़पने के आरोप भी लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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