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राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्रशुद्ध मुहूर्त में हुई, दिग्विजय सिंह फैला रहे भ्रम: विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार

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राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्रशुद्ध मुहूर्त में हुई, दिग्विजय सिंह फैला रहे भ्रम: विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार

सारांश

विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिग्विजय सिंह के राम मंदिर और महाकाल चढ़ावे संबंधी आरोपों को निराधार बताया — कहा, प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्रशुद्ध मुहूर्त में हुई। RSS सरकार्यवाह होसबाले ने चढ़ावे में अनियमितता को गंभीर पाप बताते हुए समाज से संयम की अपील की।

मुख्य बातें

विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने 4 जुलाई को कहा कि राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्रशुद्ध विधि और शुभ मुहूर्त में संपन्न हुई थी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के आरोपों को विहिप ने निराधार और भ्रम फैलाने वाला बताया।
महाकाल मंदिर के चढ़ावे पर लगे आरोपों को आलोक कुमार ने असत्य करार दिया; कहा — RSS के पास नागपुर के अतिरिक्त देश में कोई संपत्ति नहीं।
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने राम मंदिर चढ़ावे में अनियमितता को गंभीर पाप बताया और दोषियों को सजा देने की माँग की।
होसबाले ने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें और हिंदू-विरोधी षड्यंत्रों को विफल करें।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने 4 जुलाई को नई दिल्ली में कहा कि अयोध्या के राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पूरी तरह शास्त्रशुद्ध विधि और शुभ मुहूर्त में संपन्न हुई थी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्राण-प्रतिष्ठा और उज्जैन के महाकाल मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोपों को उन्होंने निराधार और भ्रम फैलाने वाला करार दिया।

दिग्विजय सिंह के आरोपों पर विहिप का पलटवार

आलोक कुमार ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपने बयान के समर्थन में न कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया और न किसी धर्मग्रंथ का संदर्भ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामलला की मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा धर्म, मंदिर परंपराओं के विशेषज्ञों और धार्मिक ग्रंथों के विद्वानों से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही की गई थी। उनके शब्दों में, 'इतने सालों बाद इस तरह का बयान देकर वे केवल भ्रम फैला रहे हैं।'

महाकाल मंदिर चढ़ावे पर विहिप का रुख

महाकाल मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर आलोक कुमार ने कहा कि दिग्विजय सिंह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी की पुरानी आदत रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, किंतु यह आरोप सत्य प्रतीत नहीं होता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पास नागपुर स्थित मुख्यालय के अतिरिक्त देशभर में कहीं भी अपनी भूमि या भवन नहीं है — स्थानीय समाज के लोग भवन बनाकर संघ को उपयोग के लिए देते हैं।

राम मंदिर चढ़ावे में अनियमितता पर कड़ा रुख

RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान से सहमति जताते हुए आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी अत्यंत गंभीर पाप है। उन्होंने कहा, 'सजा मिलनी चाहिए। इससे बड़ा पाप और नहीं होगा। आरोपियों ने अपना लोक और परलोक दोनों खराब कर लिया है।'

होसबाले की अपील — धैर्य और संयम बनाए रखें

एक वीडियो संदेश में दत्तात्रेय होसबाले ने संपूर्ण हिंदू समाज से आह्वान किया कि वे इस कठिन क्षण में धैर्य और संयम बनाए रखें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिंदू-विरोधी और समाज को बदनाम करने के षड्यंत्रों को विफल करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे के मामले ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

आगे क्या

विहिप और संघ दोनों ने स्पष्ट किया है कि चढ़ावे में हुई किसी भी अनियमितता की जवाबदेही तय होनी चाहिए। गौरतलब है कि यह विवाद राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के लगभग डेढ़ वर्ष बाद उठा है, जो इसे और अधिक राजनीतिक रंग देता है। आने वाले दिनों में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ और संभावित जाँच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि धार्मिक चिंता की ओर। विहिप की प्रतिक्रिया तीखी है, लेकिन महाकाल मंदिर के चढ़ावे में अनियमितता का मुद्दा — जिसे RSS सरकार्यवाह होसबाले ने स्वयं 'गंभीर पाप' कहा — वह सवाल असली है और उसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दबने नहीं देना चाहिए। मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग किसी एक दल की नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विहिप ने दिग्विजय सिंह के राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा संबंधी आरोपों पर क्या कहा?
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा धर्मशास्त्र के विशेषज्ञों और विद्वानों से परामर्श के बाद शास्त्रशुद्ध विधि एवं शुभ मुहूर्त में संपन्न हुई थी। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपने बयान के पक्ष में न कोई प्रमाण दिया और न किसी धर्मग्रंथ का संदर्भ।
महाकाल मंदिर के चढ़ावे पर विहिप का क्या रुख है?
आलोक कुमार ने महाकाल मंदिर चढ़ावे से जुड़े आरोपों को असत्य बताया और कहा कि दिग्विजय सिंह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी की पुरानी आदत है। उन्होंने यह भी कहा कि RSS के पास नागपुर मुख्यालय के अलावा देश में कहीं कोई संपत्ति नहीं है।
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने राम मंदिर चढ़ावे पर क्या कहा?
एक वीडियो संदेश में दत्तात्रेय होसबाले ने राम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी अनियमितता या चोरी को अत्यंत गंभीर पाप बताया। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें और हिंदू-विरोधी षड्यंत्रों को विफल करें।
क्या राम मंदिर चढ़ावे में अनियमितता के आरोप सच हैं?
RSS सरकार्यवाह होसबाले ने स्वयं माना है कि यह एक 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जो लोग वहाँ नियुक्त थे, उन्होंने अपना लोक और परलोक दोनों खराब कर लिया है।
दिग्विजय सिंह का यह बयान इतने समय बाद क्यों आया?
राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा जनवरी 2024 में हुई थी और यह बयान लगभग डेढ़ वर्ष बाद आया है। विहिप ने इसे राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है; हालाँकि दिग्विजय सिंह ने अपने आरोपों का कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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