18 अगस्त 2026
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पीयूष गोयल की जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, AI, क्लीन एनर्जी और भारत-EU FTA पर साझेदारी की चर्चा

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पीयूष गोयल की जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, AI, क्लीन एनर्जी और भारत-EU FTA पर साझेदारी की चर्चा

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की जर्मन प्रतिनिधिमंडल से यह मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं — यह भारत-EU FTA के बाद के नए आर्थिक परिदृश्य में AI, क्लीन एनर्जी और डीप-टेक में साझेदारी की ज़मीन तैयार करने की कोशिश है। $4 ट्रिलियन से $30 ट्रिलियन के सफर में जर्मनी जैसे तकनीकी दिग्गज की भूमिका अहम हो सकती है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 18 अगस्त को नई दिल्ली में जर्मनी के हेसन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष बोरिस राइन और मंत्री मैनफ्रेड पेंट्ज से मुलाकात की।
बैठक में AI , क्लीन एनर्जी , R&D , डेटा सेंटर , GCC , फार्मा , फिनटेक और डीप-टेक सहित एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
गोयल ने भारत-EU FTA के अवसरों का लाभ उठाकर साझेदारी मज़बूत करने की उम्मीद जताई।
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ FTA संपन्न किए हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिली है।
भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग $4 ट्रिलियन ; सरकार का लक्ष्य 2047 तक $30 ट्रिलियन ।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 18 अगस्त को नई दिल्ली में जर्मनी के हेसन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष बोरिस राइन और फेडरल व यूरोपियन मामलों, अंतरराष्ट्रीय मामलों और डी-ब्यूरोक्रेटाइजेशन के मंत्री मैनफ्रेड पेंट्ज के साथ-साथ जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एनर्जी, फार्मा, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग सहित एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते तलाशे गए।

बैठक में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा

दोनों पक्षों के बीच AI, क्लीन एनर्जी, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), फार्मा, केमिकल, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग के क्षेत्रों में सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

गोयल ने एक्स पर क्या कहा

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बोरिस राइन, मैनफ्रेड पेंट्ज और जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ 'बेहतरीन बातचीत' हुई। उन्होंने कहा, 'भारत और हेसन के बीच मज़बूत आपसी तालमेल को आधार बनाते हुए, हम भारत-EU FTA से पैदा हुए नए मौकों का फायदा उठाकर व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश और इनोवेशन के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने की उम्मीद करते हैं।'

भारतीय व्यापार महोत्सव में गोयल का संबोधन

इस बैठक से पहले, बीते सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक भागीदारी और विभिन्न देशों के साथ मज़बूत होते व्यापारिक संबंध भारतीय उद्योगों के लिए बड़े अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है।

$30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

गोयल ने भारत के निर्यात प्रदर्शन की सराहना करते हुए MSME, किसानों, मछुआरों, उद्यमियों और सेवा क्षेत्र के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग $4 ट्रिलियन की है और सरकार का लक्ष्य इसे 2047 तक $30 ट्रिलियन तक पहुँचाना है। गौरतलब है कि यह लक्ष्य 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ है।

आगे क्या

भारत-EU FTA वार्ता की पृष्ठभूमि में यह बैठक दोनों देशों के बीच निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति दे सकती है। जर्मनी के हेसन राज्य की उपस्थिति — जो फ्रैंकफर्ट जैसे वित्तीय केंद्र का घर है — भारत के फिनटेक और GCC क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इन चर्चाओं से ठोस निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कब और कितना होता है। नौ FTA का आँकड़ा प्रभावशाली है, परंतु आलोचकों का कहना है कि इनका लाभ अभी तक MSME स्तर तक पूरी तरह नहीं पहुँचा है। $30 ट्रिलियन का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, किंतु AI और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में जर्मनी के साथ साझेदारी तभी अर्थपूर्ण होगी जब घरेलू स्किलिंग ढाँचा उसके अनुरूप तैयार हो।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा की?
18 अगस्त को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में AI, क्लीन एनर्जी, R&D, डेटा सेंटर, GCC, फार्मा, केमिकल, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में भारत-जर्मनी साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में भारत-EU FTA के तहत उभरने वाले नए व्यापार और निवेश अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
जर्मनी के हेसन राज्य के कौन-से मंत्री इस बैठक में शामिल हुए?
हेसन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष बोरिस राइन और फेडरल व यूरोपियन मामलों, अंतरराष्ट्रीय मामलों और डी-ब्यूरोक्रेटाइजेशन के मंत्री मैनफ्रेड पेंट्ज इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। उनके साथ जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
भारत-EU FTA का इस बैठक से क्या संबंध है?
गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत-EU FTA से पैदा होने वाले नए अवसरों का लाभ उठाते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश और इनोवेशन में साझेदारी मज़बूत की जाएगी। यह FTA भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाज़ारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच देने में सहायक होगा।
भारत सरकार का 2047 तक अर्थव्यवस्था का क्या लक्ष्य है?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग $4 ट्रिलियन की है और सरकार का लक्ष्य इसे 2047 तक $30 ट्रिलियन तक पहुँचाना है। यह लक्ष्य 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा है।
केंद्र सरकार ने अब तक कितने मुक्त व्यापार समझौते किए हैं?
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं, जिनकी बदौलत भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है। इससे निर्यातकों, उद्योगों और सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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