पीयूष गोयल की जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, AI, क्लीन एनर्जी और भारत-EU FTA पर साझेदारी की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार, 18 अगस्त को नई दिल्ली में जर्मनी के हेसन राज्य के मंत्री-अध्यक्ष बोरिस राइन और फेडरल व यूरोपियन मामलों, अंतरराष्ट्रीय मामलों और डी-ब्यूरोक्रेटाइजेशन के मंत्री मैनफ्रेड पेंट्ज के साथ-साथ जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन एनर्जी, फार्मा, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग सहित एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते तलाशे गए।
बैठक में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा
दोनों पक्षों के बीच AI, क्लीन एनर्जी, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), फार्मा, केमिकल, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, डीप-टेक और स्किलिंग के क्षेत्रों में सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
गोयल ने एक्स पर क्या कहा
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बोरिस राइन, मैनफ्रेड पेंट्ज और जर्मनी की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ 'बेहतरीन बातचीत' हुई। उन्होंने कहा, 'भारत और हेसन के बीच मज़बूत आपसी तालमेल को आधार बनाते हुए, हम भारत-EU FTA से पैदा हुए नए मौकों का फायदा उठाकर व्यापार, टेक्नोलॉजी, निवेश और इनोवेशन के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने की उम्मीद करते हैं।'
भारतीय व्यापार महोत्सव में गोयल का संबोधन
इस बैठक से पहले, बीते सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक भागीदारी और विभिन्न देशों के साथ मज़बूत होते व्यापारिक संबंध भारतीय उद्योगों के लिए बड़े अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) संपन्न किए हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्राथमिकता-आधारित पहुँच मिल रही है।
$30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
गोयल ने भारत के निर्यात प्रदर्शन की सराहना करते हुए MSME, किसानों, मछुआरों, उद्यमियों और सेवा क्षेत्र के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग $4 ट्रिलियन की है और सरकार का लक्ष्य इसे 2047 तक $30 ट्रिलियन तक पहुँचाना है। गौरतलब है कि यह लक्ष्य 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ है।
आगे क्या
भारत-EU FTA वार्ता की पृष्ठभूमि में यह बैठक दोनों देशों के बीच निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति दे सकती है। जर्मनी के हेसन राज्य की उपस्थिति — जो फ्रैंकफर्ट जैसे वित्तीय केंद्र का घर है — भारत के फिनटेक और GCC क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक मानी जा रही है।