भारत-ईयू एफटीए पर पीयूष गोयल और शेफकोविच की ब्रसेल्स में समीक्षा बैठक, व्यापार-निवेश विस्तार पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) के व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस शेफकोविच से मुलाकात की और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की प्रगति का आकलन किया। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और मज़बूत आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग के नए अवसरों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक की मुख्य बातें
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इस बैठक में क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और रेजिलिएंट सप्लाई चेन को केंद्र में रखते हुए द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने पर सहमति बनी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ एफटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2026 में कैमरून में आयोजित विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के दौरान भी गोयल और शेफकोविच की मुलाकात हुई थी, जिसमें एफटीए को अंतिम रूप देने पर प्रगति की समीक्षा की गई थी।
एफटीए की पृष्ठभूमि
भारत-ईयू एफटीए की प्रक्रिया को जनवरी 2026 में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा किए गए संयुक्त ऐलान के बाद नई गति मिली। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को संरचनात्मक रूप से मज़बूत करने का लक्ष्य रखता है।
यूरोपीय संसद और बेल्जियम से चर्चा
ब्रसेल्स दौरे के दौरान गोयल ने यूरोपीय संसद की अंतरराष्ट्रीय व्यापार समिति (INTA) के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-ईयू एफटीए से दोनों पक्षों के कारोबार, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलने वाले व्यापक अवसरों पर चर्चा की। गोयल ने लैंगे को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।
इसके अतिरिक्त, गोयल ने बेल्जियम के उपप्रधानमंत्री एवं रोज़गार, अर्थव्यवस्था और कृषि मंत्री डेविड क्लैरिनवाल से बैठक की, जिसमें व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स और कार्यबल गतिशीलता (वर्कफोर्स मोबिलिटी) में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ।
जलवायु और स्वच्छ विकास पर सहयोग
गोयल ने यूरोपीय संघ के जलवायु, नेट-जीरो और स्वच्छ विकास आयुक्त वॉप्के हूकस्ट्रा से भी मुलाकात की। इस बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और मज़बूत वैल्यू चेन के क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष ज़ोर दिया गया, ताकि दोनों पक्ष अपने साझा नेट-जीरो लक्ष्यों की दिशा में मिलकर आगे बढ़ सकें।
आगे की राह
ब्रसेल्स में हुई इन बैठकों से स्पष्ट है कि भारत और यूरोपीय संघ एफटीए को केवल व्यापारिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में आकार देने की कोशिश कर रहे हैं — जिसमें हरित अर्थव्यवस्था और तकनीकी आत्मनिर्भरता दोनों शामिल हैं। आने वाले महीनों में वार्ता की गति और दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति यह तय करेगी कि यह समझौता कब तक मूर्त रूप लेता है।