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भारत-स्पेन औद्योगिक साझेदारी: पीयूष गोयल ने मैड्रिड में सप्लाई चेन मजबूती और FTA पर की चर्चा

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भारत-स्पेन औद्योगिक साझेदारी: पीयूष गोयल ने मैड्रिड में सप्लाई चेन मजबूती और FTA पर की चर्चा

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मैड्रिड यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह भारत-ईयू एफटीए की पृष्ठभूमि में भारत-स्पेन संबंधों को रणनीतिक धुरी पर स्थापित करने की कोशिश थी। 10 वर्षों में व्यापार 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य और 27 ईयू सदस्यों की एकमत सहमति इस साझेदारी को असाधारण बनाती है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 14 जुलाई को मैड्रिड में स्पेन के मंत्री जॉर्डी हेरेउ से मुलाकात कर भारत-स्पेन आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।
दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को 10 गुना बढ़ाने के लक्ष्य पर विचार-विमर्श किया।
भारत-ईयू एफटीए को 27 सदस्य देशों की सर्वसम्मत सहमति प्राप्त है — गोयल ने इसे ऐतिहासिक बताया।
ईयू और भारत मिलकर वैश्विक व्यापार एवं अर्थव्यवस्था का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे, सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी और पर्यटन प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिह्नित।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 14 जुलाई को मैड्रिड में स्पेन के उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जॉर्डी हेरेउ से द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और पर्यटन सहित भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में भारत-स्पेन सहयोग को नई ऊँचाई देने के अवसरों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की रूपरेखा अंतिम चरण में है और दोनों देश आर्थिक संबंधों को व्यापक आधार देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

बैठक के मुख्य बिंदु

गोयल ने बैठक के बाद कहा, "हमने भारत-ईयू एफटीए पर भी चर्चा की और दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने, मजबूत सप्लाई चेन बनाने और आर्थिक सहयोग को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।" उन्होंने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, मोबिलिटी, रेलवे, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन, कला, विज्ञान और संस्कृति को उन प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया जहाँ दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं।

इंडिया-स्पेन बिजनेस फोरम में संबोधन

इंडिया-स्पेन बिजनेस फोरम में मुख्य भाषण देते हुए गोयल ने कहा, "मैंने हमारे व्यापार और निवेश संबंधों में जबरदस्त बढ़ोतरी हासिल करने के लिए भारत और स्पेन के बीच सामान और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।" उन्होंने इस लक्ष्य को साकार करने के लिए चार सूत्री रणनीति प्रस्तुत की — एक-दूसरे में व्यापक निवेश, भारत-ईयू एफटीए के अवसरों का पूरा उपयोग, पर्यटन एवं प्रतिभा को जोड़ना, और सरकार-से-सरकार संबंधों को और सुदृढ़ करना।

द्विपक्षीय व्यापार को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य

गोयल ने इससे पहले भी स्पष्ट किया था कि भारत और स्पेन को अगले 10 वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को 10 गुना बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ और भारत मिलकर वैश्विक व्यापार एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो इस साझेदारी की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।

भारत-ईयू एफटीए की खासियत

मैड्रिड में कारोबारियों और नेताओं को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, "शायद यह एकमात्र ऐसा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है जिसे यूरोप ने किसी भी सदस्य देश की आलोचना के बिना अंतिम रूप दिया है। भारत के साथ इस साझेदारी में सभी 27 सदस्य देश पूरी तरह सहमत हैं, और भारत में भी कारोबारियों की यही राय है — देश में कहीं से भी कोई विरोध या असंतोष की बात नहीं सुनी गई।" यह सर्वसम्मति भारत-ईयू संबंधों के इतिहास में एक उल्लेखनीय मोड़ मानी जा रही है।

आगे की राह

व्यापार, कारोबार, निवेश, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और ऊँचे स्तर पर ले जाने की दिशा में दोनों पक्षों ने ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई। भारत-ईयू एफटीए के लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में नए अवसरों का द्वार खुलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ठोस समयसीमा और क्रियान्वयन तंत्र के बिना यह एक और राजनयिक वक्तव्य बनकर रह सकता है। भारत-ईयू एफटीए को लेकर 27 देशों की सर्वसम्मति निस्संदेह उल्लेखनीय है, पर असली परीक्षा तब होगी जब टैरिफ रियायतों और बाज़ार पहुँच की बारीकियाँ सामने आएँगी। स्पेन के साथ रेलवे और सस्टेनेबिलिटी में सहयोग की बात सुनने में आकर्षक है, लेकिन इन क्षेत्रों में पिछले समझौतों की प्रगति की समीक्षा भी ज़रूरी है। यह यात्रा भारत की यूरोप-केंद्रित व्यापार कूटनीति की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसकी सफलता एफटीए के अंतिम स्वरूप पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल की स्पेन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मैड्रिड में स्पेन के उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जॉर्डी हेरेउ से मुलाकात कर भारत-स्पेन औद्योगिक साझेदारी, सप्लाई चेन सुदृढ़ीकरण और भारत-ईयू एफटीए पर चर्चा की। इसके अलावा इंडिया-स्पेन बिजनेस फोरम में मुख्य भाषण देकर उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की रणनीति भी साझा की।
भारत और स्पेन के बीच व्यापार को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य क्या है?
गोयल ने कहा कि भारत और स्पेन को अगले 10 वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को 10 गुना बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने व्यापक निवेश, एफटीए अवसरों का उपयोग, पर्यटन-प्रतिभा संपर्क और सरकार-से-सरकार संबंध मजबूत करने की चार सूत्री रणनीति सुझाई।
भारत-ईयू एफटीए की क्या स्थिति है और यह खास क्यों है?
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों की सर्वसम्मत सहमति प्राप्त है, जिसे गोयल ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में भी कारोबारियों की ओर से कोई विरोध नहीं है, जो इस एफटीए को असाधारण बनाता है।
भारत-स्पेन सहयोग के लिए कौन-से क्षेत्र प्राथमिकता में हैं?
गोयल ने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, मोबिलिटी, रेलवे, सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन, कला, विज्ञान, संस्कृति और पर्यटन को प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। इनके अलावा टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और रक्षा में भी सहयोग गहरा करने की संभावनाएँ जताई गई हैं।
भारत और ईयू मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में कितनी हिस्सेदारी रखते हैं?
भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक व्यापार एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। यह आँकड़ा इस साझेदारी की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत को स्पष्ट करता है।
राष्ट्र प्रेस
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