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दिग्विजय सिंह चढ़ावे की रसीद दिखाएं, ट्रस्ट ब्याज समेत रकम लौटाएगा: भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक

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दिग्विजय सिंह चढ़ावे की रसीद दिखाएं, ट्रस्ट ब्याज समेत रकम लौटाएगा: भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक

सारांश

भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने एक साथ कई मोर्चों पर पलटवार किया — दिग्विजय सिंह से चढ़ावे की रसीद माँगी, लालू यादव को सरकारी बंगले का अपात्र बताया, और पाकिस्तान को चेताया कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।'

मुख्य बातें

अजय आलोक ने दिग्विजय सिंह को चुनौती दी कि चढ़ावे की रसीद दिखाएं — श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ब्याज समेत रकम लौटाएगा।
लालू प्रसाद यादव को 10 सर्कुलर रोड बंगले का अपात्र बताया — न MLA, न MLC, सजायाफ्ता व्यक्ति को सरकारी आवास नहीं मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार ने UAPA के तहत 23 नए आतंकियों को घोषित किया, अधिकतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े, पाकिस्तान में मौजूद।
सिंधु जल संधि आतंकवाद समाप्त होने तक स्थगित रहेगी — आलोक ने कहा 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।' उमर अब्दुल्ला सरकार पर जम्मू-कश्मीर की पाठ्यपुस्तकों में अलगाववादी नेताओं को महान बताने पर तीखी आलोचना।
समाजवादी पार्टी पर आरोप — टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच कई बार फोन पर बातचीत की खबरें, श्रीराम चढ़ावा मामले में सच सामने आएगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने 4 जुलाई को पटना में कई अहम मुद्दों पर एक साथ पलटवार किया — राम मंदिर चढ़ावा विवाद से लेकर लालू प्रसाद यादव के सरकारी आवास मामले तक। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे चढ़ावे की रसीद प्रस्तुत करें, तो ट्रस्ट निश्चित रूप से ब्याज समेत रकम वापस करेगा।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दिग्विजय पर सीधा हमला

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राम मंदिर में चढ़ावे की वापसी की माँग और भगवान श्रीराम की मूर्ति के रंग को लेकर की गई टिप्पणी पर अजय आलोक ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने दिग्विजय सिंह को 'नास्तिक' बताते हुए कहा कि वे 'बड़े बेशर्म' हैं जो कोर्ट में जाकर चंदा माँगने की बात कर रहे हैं। आलोक ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'चढ़ावे की रसीद दिखाएं — ट्रस्ट निश्चित रूप से ब्याज समेत वापस लौटाएगा, क्योंकि राम मंदिर में ऐसे नास्तिकों का धन आना भी नहीं चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग दुनियाभर के मंदिरों में चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन मस्जिदों और वक्फ में हेराफेरी के मामलों पर चुप रहते हैं।

लालू प्रसाद यादव के आवास विवाद पर प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव द्वारा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने पर नाराजगी जताने पर अजय आलोक ने कहा कि लालू यादव उस बंगले के हकदार ही नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया, 'वह न तो विधायक (MLA) हैं और न ही विधान परिषद सदस्य (MLC)। ऐसे में किस आधार पर उन्हें सरकारी आवास मिलना चाहिए?' आलोक ने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव एक सजायाफ्ता व्यक्ति हैं और सरकार किसी मुजरिम को आवास नहीं देती।

जेड कैटेगरी सुरक्षा बहाली पर स्पष्टीकरण

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड कैटेगरी सुरक्षा बहाल किए जाने पर अजय आलोक ने कहा कि गृह मंत्रालय हर तीन महीने में इस सुरक्षा कवर की समीक्षा करता है। 'यदि किसी व्यक्ति को खतरा महसूस होता है तो सुरक्षा बहाल की जाती है, और यदि नहीं तो हटा ली जाती है — यह एक नियमित प्रक्रिया है।' उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग आवास हटाने को गलत बता रहे हैं, उन्हें सुरक्षा बहाली पर भी अपनी राय रखनी चाहिए।

श्रीराम चढ़ावा मामला और समाजवादी पार्टी पर आरोप

संत समाज द्वारा चंपत राय का बचाव किए जाने और ट्रस्ट से उनका इस्तीफा अस्वीकार करने की माँग के संदर्भ में अजय आलोक ने समाजवादी पार्टी (SP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'टिन्नू यादव' और अखिलेश यादव के बीच कई बार फोन पर बातचीत होने की खबरें हैं। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे और बातें सामने आएंगी, देश को पता चलेगा कि इन चोरियों के पीछे असल में कौन था।' आलोक ने चेतावनी दी कि साधु-संतों का गुस्सा समाजवादी पार्टी नहीं झेल पाएगी।

सिंधु जल संधि, UAPA और जम्मू-कश्मीर पाठ्यक्रम विवाद

भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगित रखने के निर्णय पर अजय आलोक ने कहा, 'पाकिस्तान को एक बात साफ समझ लेनी चाहिए — पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।' केंद्र सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम कानून (UAPA) के तहत 23 नए आतंकियों को घोषित किए जाने — जिनमें अधिकतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं — का स्वागत करते हुए उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में अलगाववादी नेताओं को महान बताना 'एकेडमिक जिहाद' है और बच्चों के मन में जहर घोलने जैसा है। आलोक ने कहा कि ऐसी मानसिकता 'औरंगजेब की मानसिकता' को प्रदर्शित करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर और चढ़ावे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है और लोकसभा चुनावों के बाद भी विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध जारी है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लालू आवास, सिंधु जल संधि और जम्मू-कश्मीर पाठ्यक्रम को एक साथ साधने की कोशिश। दिग्विजय सिंह को 'रसीद दिखाओ' की चुनौती राजनीतिक रूप से चतुर है, लेकिन यह ट्रस्ट की पारदर्शिता पर बड़े सवालों को दरकिनार करती है जो संत समाज के भीतर से भी उठ रहे हैं। लालू यादव के आवास मुद्दे पर कानूनी तर्क मजबूत है, लेकिन सुरक्षा बहाली पर सरकार की स्थिति विरोधाभासी नजर आती है। जम्मू-कश्मीर पाठ्यपुस्तक विवाद गंभीर है और इस पर उमर अब्दुल्ला सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय आलोक ने दिग्विजय सिंह को क्या चुनौती दी?
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह राम मंदिर में किए गए चढ़ावे की रसीद प्रस्तुत करें, तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट निश्चित रूप से ब्याज समेत पूरी रकम वापस करेगा। उन्होंने दिग्विजय सिंह को 'नास्तिक' बताते हुए कहा कि राम मंदिर में ऐसे लोगों का धन आना भी नहीं चाहिए।
लालू प्रसाद यादव को सरकारी बंगला क्यों नहीं मिलना चाहिए — भाजपा का क्या तर्क है?
अजय आलोक के अनुसार लालू प्रसाद यादव न विधायक हैं, न विधान परिषद सदस्य, और वे एक सजायाफ्ता व्यक्ति हैं। इन तीनों आधारों पर उनका 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले पर कोई अधिकार नहीं बनता।
सिंधु जल संधि पर भारत का क्या रुख है?
भारत ने दोहराया है कि आतंकवाद समाप्त होने तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। अजय आलोक ने कहा कि पाकिस्तान को यह साफ समझ लेना चाहिए कि 'पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।'
UAPA के तहत नए आतंकी घोषित करने का क्या महत्व है?
केंद्र सरकार ने UAPA के तहत 23 नए आतंकियों को घोषित किया है, जिनमें अधिकतर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं और पाकिस्तान में रह रहे हैं। यह कदम भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को और सख्त करने की दिशा में उठाया गया है।
जम्मू-कश्मीर की पाठ्यपुस्तकों में अलगाववादी नेताओं को महान बताने पर विवाद क्यों है?
उमर अब्दुल्ला सरकार पर आरोप है कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की किताबों में अलगाववादी नेताओं को महान बताया गया है। भाजपा ने इसे 'एकेडमिक जिहाद' करार देते हुए कहा कि बच्चों के मन में आतंकियों को आदर्श बताना अत्यंत गंभीर और निंदनीय है।
राष्ट्र प्रेस
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