विश्व मानवतावादी दिवस: गुटेरेस बोले — तीन साल में 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं की मौत, अब कार्रवाई ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 19 अगस्त 2026 को विश्व मानवतावादी दिवस के अवसर पर एक वीडियो संदेश में चेतावनी दी कि दूसरों की मदद करना पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो गया है — पिछले तीन वर्षों में 1,000 से अधिक मानवतावादी कार्यकर्ता अपनी जान गँवा चुके हैं। उन्होंने दुनिया से अपील की कि मानवीय सहायता कर्मियों के लिए एकजुट होकर खड़ा होना अब अनिवार्य है।
मुख्य घटनाक्रम
गुटेरेस ने अपने संदेश में कहा, 'विश्व मानवतावादी दिवस पर हम उन समर्पित लोगों का सम्मान करते हैं, जो जरूरतमंद लाखों लोगों तक जीवन बचाने वाली मदद पहुँचाते हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन कार्यकर्ताओं में से अधिकांश स्थानीय कर्मचारी थे, जो अपने ही समुदायों की सेवा करते हुए मारे गए।
संयुक्त राष्ट्र ने इस वर्ष के दिवस की थीम 'एक्ट फॉर ह्यूमैनिटी' (मानवता के लिए कार्य करें) रखी है और नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है।
मानवतावादी कार्यकर्ताओं पर बढ़ते खतरे
गुटेरेस के अनुसार, अनगिनत कार्यकर्ता गोलीबारी, गोलाबारी, बमबारी, अपहरण और बलात्कार जैसी हिंसक घटनाओं से बाल-बाल बचे हैं। स्कूलों और अस्पतालों पर हमले जारी हैं, और हथियारों से लैस ड्रोन जैसे युद्ध के नए साधन नए तरह के खतरे उत्पन्न कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मदद पहुँचाने वाले काफिलों को रोका जाता है, कार्यकर्ताओं को धमकाया, गिरफ्तार और हिरासत में लिया जाता है — जिसके परिणामस्वरूप सबसे अधिक ज़रूरतमंद लोग बिना किसी सहायता के छूट जाते हैं।
फंडिंग में कटौती और घटता भरोसा
गुटेरेस ने चिंता जताई कि मानवतावादी कार्यों के लिए वैश्विक फंडिंग में कटौती की जा रही है और सहायता पहुँचाने के रास्तों पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन परिवारों के लिए विनाशकारी है जो जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उन बच्चों के लिए जो भोजन का इंतजार कर रहे हैं, और उन मरीजों के लिए जिन्हें तत्काल इलाज की ज़रूरत है।
संयुक्त राष्ट्र की माँग और अपील
महासचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानवतावादी कार्यकर्ताओं पर हमले गैर-कानूनी हैं और इनके परिणाम अत्यंत गंभीर होते हैं। उन्होंने सभी देशों और नागरिकों से आग्रह किया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान किया जाए, सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित की जाए, दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी अनुरोध किया है कि मारे गए मानवीय कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाए और उनके परिवारों, सहकर्मियों तथा समुदायों के साथ एकजुटता दिखाई जाए।
आगे की राह
गुटेरेस का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में सशस्त्र संघर्ष तेज़ हो रहे हैं और मानवतावादी संगठनों के सामने संसाधनों की भारी कमी है। 'एक्ट फॉर ह्यूमैनिटी' अभियान के ज़रिये संयुक्त राष्ट्र नागरिकों और सरकारों से उम्मीद कर रहा है कि वे मानवीय सहायता की रक्षा को एक वैश्विक प्राथमिकता बनाएँ।