क्या संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में दुर्व्यवहार की आलोचना की?

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क्या संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में दुर्व्यवहार की आलोचना की?

सारांश

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने अमेरिकी प्रवासन नीतियों में हो रहे दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता जताई है। उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने प्रवासियों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की और हिरासत में हो रही मौतों की जांच की मांग की। क्या अमेरिका अपनी नीतियों में बदलाव करेगा?

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने अमेरिका में प्रवासन नीतियों की आलोचना की।
उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने प्रवासी अधिकारों की रक्षा की अपील की।
हिरासत में मौतों की संख्या में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की गई।
प्रदर्शनकारियों ने प्रवासन नीतियों में सुधार की मांग की।

जिनेवा, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने एक बयान में अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन में बार-बार हो रहे दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने प्रवासियों और शरणार्थियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार एवं अपमान पर कहा कि मानवीय गरिमा और उचित प्रक्रिया के अधिकारों का सम्मान होना आवश्यक है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने बताया कि गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए कई व्यक्तियों को समय पर कानूनी सलाह और अपनी हिरासत व निष्कासन के फैसलों का विरोध करने के लिए उचित साधन नहीं मिलते। तुर्क ने अमेरिका से आग्रह किया कि उसकी प्रवासन नीतियों और प्रवर्तन कार्रवाई को मानवीय गरिमा और उचित प्रक्रिया के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में बढ़ती मौतों की संख्या पर चिंता जताते हुए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की। बयान के अनुसार, पिछले वर्ष कम से कम ३० ऐसी मौतें हुई थीं, जबकि इस वर्ष अब तक छह और मौतें हो चुकी हैं।

इसी वर्ष ७ जनवरी को मिनियापोलिस में एक संघीय प्रवर्तन अभियान के दौरान एक आईसीई एजेंट ने ३७ वर्षीय अमेरिकी नागरिक को गोली मार दी। एक सप्ताह बाद उसी क्षेत्र में एक और आईसीई एजेंट ने एक वेनेजुएला के अप्रवासी को गोली मारी, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।

इसी बीच, जानकारी मिली कि अमेरिकी मिनियापोलिस-सेंट पॉल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अमेरिकी आव्रजन प्रवर्तन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग १०० पादरी सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।

फेथ इन मिनेसोटा समूह के अनुसार, एयरपोर्ट के टर्मिनल-१ परिसर में सड़कों को अवरुद्ध करने के बाद स्थानीय पुलिस ने इन धार्मिक नेताओं को हिरासत में लिया। आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शनकारी एयरलाइंस, विशेष रूप से डेल्टा एयर लाइन्स और सिग्नेचर एविएशन से, मिनेसोटा में अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के अभियानों में सहयोग बंद करने का आह्वान कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर पादरी सदस्यों ने एक साथ प्रार्थना की, भजन गाए और आईसीई की हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में जानकारी दी। फेथ इन मिनेसोटा ने बताया कि एयरपोर्ट से अनुमानित दो हजार लोगों को निर्वासित किया गया है। यूनियन सदस्यों ने यह भी बताया कि आईसीई ने १२ एयरपोर्ट कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद क्या है?
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसका उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा और संरक्षण करना है।
अमेरिका में प्रवासियों के अधिकारों का उल्लंघन कैसे हो रहा है?
अमेरिकी प्रवासन नीतियों में कई ऐसे प्रावधान हैं जो प्रवासियों के लिए मानवीय गरिमा का उल्लंघन करते हैं, जैसे हिरासत में दुर्व्यवहार और कानूनी सहायता की कमी।
राष्ट्र प्रेस