क्या चीन ने यूएनएचआरसी के ईरान विशेष सत्र में अपने सिद्धांतात्मक रुख को स्पष्ट किया?
सारांश
Key Takeaways
- चीन ने मानवाधिकारों के मुद्दे पर स्वतंत्रता का समर्थन किया।
- ईरान की आंतरिक स्थिति पर चर्चा की गई।
- चीन ने द्वैध मानदंडों का विरोध किया।
- संप्रभुता का सम्मान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- वार्ता के माध्यम से मतभेदों के समाधान की उम्मीद है।
बीजिंग, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने शुक्रवार को ईरान में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया।
इस सत्र में, चीन के स्थायी प्रतिनिधि च्या क्वेइदे ने स्पष्ट किया कि हर देश को मानवाधिकार विकास का अपना मार्ग चुनने का अधिकार है। चीन, मानवाधिकार के मुद्दे का उपयोग करके अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि ईरान में जो कुछ भी हो रहा है, वह ईरान का आंतरिक मामला है और इसका निर्णय केवल ईरान की जनता को करना चाहिए। चीन हमेशा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करने का समर्थक है।
च्या क्वेइदे ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ईरान की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और ईरान की सरकार और जनता का समर्थन करना चाहिए ताकि वे अपनी चुनौतियों पर काबू पा सकें। चीन सभी पक्षों से वार्ता के माध्यम से मतभेद समाधान की उम्मीद करता है।
ज्ञात हो कि हाल ही में ईरान की घरेलू स्थिति ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। आइसलैंड जैसे कुछ देशों के अनुरोध पर यूएनएचआरसी ने यह विशेष सत्र आयोजित किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)