क्या यूएनएचआरसी ने सूडान के अल फशर हत्याकांड पर विशेष सत्र बुलाया?

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क्या यूएनएचआरसी ने सूडान के अल फशर हत्याकांड पर विशेष सत्र बुलाया?

सारांश

यूएनएचआरसी का विशेष सत्र सूडान में बढ़ती हिंसा को लेकर हुआ। दारफुर में सैकड़ों हत्याएं और अर्धसैनिक बलों के अत्याचारों पर विचार किया गया। क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस पर प्रतिक्रिया देगा?

मुख्य बातें

यूएनएचआरसी का विशेष सत्र सूडान के अल फशर हत्याकांड पर ध्यान केंद्रित करता है।
सूडान में मानवाधिकारों का उल्लंघन गंभीर स्थिति में है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की कार्रवाई की अपील की गई है।
आरएसएफ के अत्याचारों की जांच की मांग की गई है।
हिंसा और अत्याचारों के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता है।

जिनेवा, 14 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख मानवाधिकार निकाय यूएनएचआरसी ने शुक्रवार को एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया। इसमें सूडान में हुई हिंसा पर चर्चा की गई। दारफुर के एक अस्पताल में सैकड़ों हत्याओं तथा पिछले महीने सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा किए गए अत्याचारों पर प्रकाश डाला गया।

मानवाधिकार परिषद ने एक मसौदा प्रस्ताव पर भी चर्चा की, जिसमें स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक मौजूदा टीम से अल-फशर शहर में रैपिड सपोर्ट फोर्सेज की हिंसक गतिविधियों और अन्य अधिकारों के उल्लंघन की तत्काल जांच करने का आह्वान किया गया।

प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई करने का आग्रह किया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा, "दिखावा और प्रदर्शन बहुत ज्यादा हुआ लेकिन कार्रवाई बहुत कम हुई है। इन अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठानी होगी—एक पूरी आबादी को नियंत्रित करने के लिए क्रूरता का प्रदर्शन किया गया है।"

तुर्क ने सूडान में युद्ध को "बढ़ावा देने और उससे लाभ कमाने" वाले व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई का आह्वान किया, और सूडानी क्षेत्र कोर्डोफान में बढ़ती हिंसा, बमबारी, नाकेबंदी और लोगों को उनके घरों से जबरन निकाले जाने को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले महीने आरएसएफ ने उत्तरी दारफुर की राजधानी अल-फशर पर कब्जा कर लिया और शहर के सऊदी अस्पताल में आतंक मचाया। यहां 450 से ज्यादा लोगों को मार डाला गया। आरएसएफ के लोग घर-घर जाकर नागरिकों की हत्या कर रहे थे और महिलाओं के साथ ज्यादती भी की।

26 अक्टूबर को अल-फशर के दारफूर क्षेत्र पर आरएसएफ के नियंत्रण को मजबूत कर दिया।

तुर्क ने आरएसएफ और सूडानी सशस्त्र बलों से यह भी आह्वान किया कि वे अकालग्रस्त शहर में अभी भी फंसे हुए लोगों तक जीवन रक्षक सहायता पहुंचाएं।

शहर से भाग रही महिलाओं ने हत्याओं और सुनियोजित बलात्कार की सूचना दी है, जबकि अन्य ने नागरिकों को सड़कों पर गोली मारे जाने और ड्रोन से हवाई हमला करने की बात कबूली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारी जिम्मेदारी है कि हम मानवाधिकारों के उल्लंघन की गंभीरता को समझें। सूडान में हो रही हिंसा केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं, बल्कि यह वैश्विक मानवाधिकारों पर एक चुनौती है। हम सभी को मिलकर इसका समाधान खोजना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूडान में हिंसा का कारण क्या है?
सूडान में हिंसा का मुख्य कारण राजनीतिक अस्थिरता और विभिन्न सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष है।
अल फशर में क्या हुआ?
अल फशर में पिछले महीने आरएसएफ के हमले में सैकड़ों लोग मारे गए और कई महिलाओं के साथ अत्याचार किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को क्या करना चाहिए?
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और सूडान में मानवाधिकारों की स्थिति को सुधारने के लिए दबाव बनाना चाहिए।
क्या इस मुद्दे पर कार्रवाई हो रही है?
हाँ, यूएनएचआरसी ने इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाया है और कार्रवाई की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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