30 जुलाई 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट भंग हो, साधु-संतों को सौंपा जाए: UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

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राम मंदिर ट्रस्ट भंग हो, साधु-संतों को सौंपा जाए: UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय

सारांश

UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर शंकराचार्यों के अधीन लाने की माँग की है। चढ़ावे में हेरफेर के आरोपों के बीच उन्होंने भदोही नामकरण और हॉकी जर्सी विवाद पर भी सरकार को घेरा — कहा, 'नाम बदलने से विकास नहीं होता।'

मुख्य बातें

UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 30 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की माँग की।
राय ने कहा कि ट्रस्ट को शंकराचार्यों और साधु-संतों के अधीन लाया जाए तथा अयोध्या के स्थानीय निवासियों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।
चढ़ावे में कथित हेरफेर को 'भगवान राम को बदनाम करने वाला कृत्य' बताया।
भदोही का नाम संत रविदास नगर रखने की घोषणा को 'केवल नाम बदलने की राजनीति' करार दिया; कालीन उद्योग के पलायन पर चिंता जताई।
हॉकी टीम की जर्सी का रंग नारंगी से नीला करने की माँग की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने 30 जुलाई को मांग की कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और इसकी देखरेख साधु-संतों तथा शंकराचार्यों को सौंपी जाए। उन्होंने चढ़ावे में हेरफेर के आरोपों को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि ट्रस्ट में शामिल लोगों ने भगवान राम के नाम को कलंकित किया है।

ट्रस्ट पर क्या हैं आरोप

राय के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट की स्थापना पुण्य के उद्देश्य से की गई थी, किंतु कथित तौर पर चढ़ावे के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि जो लोग राम के नाम पर सत्ता में आए, उन्होंने बाद में भगवान राम की छवि को ही नुकसान पहुँचाने का काम किया — जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

ट्रस्ट पुनर्गठन की मांग

राय ने स्पष्ट किया कि उनकी राय में मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर उसे शंकराचार्यों और साधु-संतों के अधीन लाया जाए, ताकि संस्था की धार्मिक शुचिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के स्थानीय निवासियों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, क्योंकि वे भगवान राम की धरोहर के वास्तविक वाहक हैं।

भदोही नामकरण पर तीखी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर रखने की घोषणा पर राय ने कहा कि यह सरकार सत्ता में आने के बाद से केवल नाम बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'नाम बदलने से विकास नहीं होता — इसके लिए धरातल पर उतरना होगा।' उन्होंने विशेष रूप से कालीन उद्योग की दुर्दशा का उल्लेख किया और कहा कि भदोही की कालीन फैक्ट्रियाँ हरियाणा और अन्य राज्यों में स्थानांतरित हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय रोज़गार पर गहरा असर पड़ा है।

हॉकी जर्सी विवाद पर राय का रुख

राय ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी (ऑरेंज) किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए और सरकार को यह आदेश वापस लेकर जर्सी का रंग पुनः नीला करना चाहिए, क्योंकि इससे देशभर के खेलप्रेमियों की भावनाएँ जुड़ी हैं।

कांवड़ यात्रा पर समर्थन

सावन माह में कांवड़ यात्रा की परंपरा का समर्थन करते हुए राय ने कहा कि यह सदियों पुरानी आस्था की परंपरा है, जिससे किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और इसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया जाना चाहिए। आगे की राजनीतिक घटनाक्रम पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी, विशेष रूप से यह देखना होगा कि ट्रस्ट और सरकार इन माँगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल विपक्षी बयानबाज़ी तक सीमित करना उचित नहीं होगा — राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे को लेकर उठे सवाल पहले भी सामने आ चुके हैं और धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता की माँग व्यापक जनभावना से जुड़ी है। भदोही के कालीन उद्योग के पलायन का मुद्दा ठोस आर्थिक तथ्य है, जिसे नामकरण की बहस में दबाया नहीं जाना चाहिए। हॉकी जर्सी विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया दर्शाती है कि विपक्ष हर सांकेतिक निर्णय को सत्ता-राजनीति के चश्मे से देख रहा है — यह रणनीति चुनावी दृष्टि से कारगर हो सकती है, लेकिन नीतिगत बहस को उथला भी बना देती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की माँग क्यों की?
UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे के साथ कथित तौर पर हेरफेर हुई है, जो भगवान राम के नाम को कलंकित करती है। उन्होंने माँग की कि ट्रस्ट को भंग कर शंकराचार्यों और साधु-संतों के अधीन लाया जाए ताकि उसकी धार्मिक शुचिता बहाल हो सके।
राय ने ट्रस्ट के पुनर्गठन में किसे शामिल करने की बात कही?
राय ने कहा कि नए ट्रस्ट में शंकराचार्यों, साधु-संतों के साथ-साथ अयोध्या के स्थानीय निवासियों को भी शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि वे भगवान राम की धरोहर के वास्तविक प्रतिनिधि हैं।
भदोही के नामकरण पर अजय राय का क्या कहना है?
राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भदोही का नाम संत रविदास नगर रखने की घोषणा की आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार केवल नाम बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भदोही के कालीन उद्योग को हरियाणा और अन्य राज्यों में पलायन से रोकने के लिए ठोस रोज़गार नीति की ज़रूरत है।
हॉकी जर्सी रंग बदलने पर कांग्रेस का क्या रुख है?
अजय राय ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से नारंगी किए जाने का विरोध किया और सरकार से यह आदेश वापस लेने की माँग की। उनका कहना है कि खेल से करोड़ों लोगों की भावनाएँ जुड़ी हैं और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
कांवड़ यात्रा पर अजय राय का क्या बयान है?
राय ने सावन में कांवड़ यात्रा की परंपरा का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि यह सदियों पुरानी आस्था है जिससे कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांवड़ियों को सम्मानित करने की भी अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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