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अजय राय अयोध्या में नजरबंद: भाजपा बोली — मंदिर के अंदर राजनीति बर्दाश्त नहीं

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अजय राय अयोध्या में नजरबंद: भाजपा बोली — मंदिर के अंदर राजनीति बर्दाश्त नहीं

सारांश

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में राम मंदिर दर्शन से पहले होटल में ही नजरबंद कर दिया गया। भाजपा ने मंदिर में राजनीति का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है — और पृष्ठभूमि में चल रही एसआईटी जाँच इस विवाद को और पेचीदा बना रही है।

मुख्य बातें

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को 30 जून को अयोध्या के होटल पद्म श्री पैलेस में जिला पुलिस ने नजरबंद किया।
राय कांग्रेस सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर दर्शन करने पहुँचे थे।
यूपी मंत्री अनिल राजभर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया; भाजपा राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने कहा — मंदिर में राजनीति गलत है।
यह विवाद राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जाँच की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
कांग्रेस ने नजरबंदी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया; भाजपा ने जाँच में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को 30 जून को अयोध्या में राम मंदिर दर्शन से पहले ही नजरबंद कर दिया गया, जिससे मंगलवार को तीखा सियासी विवाद छिड़ गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर राजनीति स्वीकार्य नहीं है।

क्या हुआ अयोध्या में

अजय राय कांग्रेस सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राम मंदिर में दर्शन करने अयोध्या पहुँचे थे। उनका आरोप है कि सोमवार रात अयोध्या पहुँचने के बाद जिला पुलिस ने उन्हें होटल पद्म श्री पैलेस में ही नजरबंद कर दिया और प्रतिनिधिमंडल को मंदिर तक जाने से रोक दिया गया।

एक वीडियो संदेश में राय ने कहा, 'हम अयोध्या में भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लेने आए थे। हम भगवान राम से यह भी प्रार्थना करना चाहते थे कि चढ़ावे, दान और जमीन घोटालों के आरोपों से इस पवित्र धाम की जो बदनामी हुई है, उससे मुक्ति मिले।'

भाजपा की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'इसमें कुछ खास बात नहीं है। इनके पास 50-60 समर्थक भी नहीं हैं। ये लोग हताश हैं। राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए इन्होंने अदालत से लेकर हर स्तर तक पूरी कोशिश की थी।'

भाजपा राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने भी सरकार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मामले की जाँच चल रही है। मंदिर जाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन मंदिर के अंदर राजनीति करना गलत है। किसी चल रही जाँच में हस्तक्षेप करना भी उचित नहीं है।'

पृष्ठभूमि: चढ़ावा विवाद और एसआईटी जाँच

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच एसआईटी (SIT) कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि इसी मामले को उजागर करने के लिए अयोध्या पहुँचे उनके नेताओं को जानबूझकर रोका गया। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामले पिछले कुछ महीनों से विवाद के केंद्र में हैं।

कांग्रेस का रुख

कांग्रेस ने नजरबंदी को राजनीतिक अवरोध बताते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला करार दिया। पार्टी का कहना है कि किसी भी नागरिक को धार्मिक स्थल पर जाने से नहीं रोका जा सकता और यह कदम संविधान के विरुद्ध है।

आगे क्या होगा

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि जाँच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और यह विवाद आगामी दिनों में और तूल पकड़ सकता है, विशेषकर एसआईटी जाँच की प्रगति के साथ।

संपादकीय दृष्टिकोण

और भाजपा की प्रतिक्रिया भी उतनी ही राजनीतिक है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन के पास राय को रोकने का कोई ठोस कानूनी आधार था, या यह महज निवारक कार्रवाई थी — क्योंकि इसका जवाब तय करेगा कि 'कानून की रक्षा' और 'राजनीतिक दमन' के बीच की रेखा कहाँ खिंचती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय को अयोध्या में क्यों नजरबंद किया गया?
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का आरोप है कि सोमवार रात अयोध्या पहुँचने के बाद जिला पुलिस ने उन्हें होटल पद्म श्री पैलेस में नजरबंद कर दिया। यह घटना राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जाँच के दौरान हुई।
भाजपा ने इस नजरबंदी को सही क्यों ठहराया?
भाजपा राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने कहा कि मंदिर जाना अपराध नहीं है, लेकिन मंदिर के अंदर राजनीति करना गलत है। यूपी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि कांग्रेस नेता हताश हैं और उनके पास 50-60 समर्थक भी नहीं हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जाँच फिलहाल एसआईटी कर रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि इसी मामले को उजागर करने के उद्देश्य से उनके नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अयोध्या पहुँचा था।
कांग्रेस का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?
कांग्रेस ने नजरबंदी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और राजनीतिक अवरोध बताया है। पार्टी का कहना है कि किसी भी नागरिक को धार्मिक स्थल पर जाने से नहीं रोका जा सकता और यह कदम संविधान-विरुद्ध है।
अजय राय अयोध्या में क्या करना चाहते थे?
अजय राय कांग्रेस सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए राम मंदिर में दर्शन करने पहुँचे थे। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि वे भगवान राम का आशीर्वाद लेने और मंदिर से जुड़े आरोपों से मुक्ति की प्रार्थना करने आए थे।
राष्ट्र प्रेस
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