सनी देओल का F1 रेसर बनने का सपना: धर्मेंद्र की परवाह ने रोका रेसट्रैक का रास्ता
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता सनी देओल ने खुलासा किया है कि वे एक प्रोफेशनल फॉर्मूला 1 रेसिंग ड्राइवर बनना चाहते थे, लेकिन पिता धर्मेंद्र की अत्यधिक सुरक्षात्मक सोच के कारण यह सपना अधूरा रह गया। यह खुलासा उन्होंने क्विज़ रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में एक बातचीत के दौरान किया।
KBC में हुआ दिल का राज़ उजागर
शो के दौरान मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सनी देओल से पूछा, 'सनी जी, हमने सुना है कि आप एक रेसिंग ड्राइवर बनना चाहते थे? फॉर्मूला 1 वगैरह।' इस पर सनी देओल ने अपने अधूरे जुनून का खुलासा करते हुए कहा कि ड्राइविंग के प्रति उनका गहरा लगाव था, मगर परिस्थितियाँ साथ नहीं दे सकीं।
धर्मेंद्र की 'प्रोटेक्टिव' सोच बनी रोड़ा
सनी देओल ने अपने शब्दों में कहा, 'हाँ, मुझे ड्राइविंग का बहुत शौक हुआ करता था। जैसे आप जानते हैं कि अगर हम स्पोर्ट्स या कुछ और करना चाहते थे, तो पापा के ज़्यादा प्रोटेक्टिव होने के वजह से इजाज़त नहीं मिलती थी। इसलिए वो सपना बीच में ही रह गया।' धर्मेंद्र का मानना था कि खेल, विशेष रूप से मोटरस्पोर्ट, जोखिम से भरे होते हैं और वे अपने बेटे को उस खतरे में नहीं डालना चाहते थे।
बॉलीवुड में बनाई अलग पहचान
रेसट्रैक का रास्ता भले ही बंद हो गया, लेकिन सनी देओल ने हिंदी सिनेमा में अपने लिए एक सशक्त करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे चर्चित एक्शन स्टार्स में अपनी जगह पक्की की। यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म उद्योग में पारिवारिक विरासत और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बीच की कशमकश अक्सर चर्चा का विषय बनती है।
फिल्म 'बंटवारा 1947' से जुड़ा है यह एपिसोड
इस KBC एपिसोड में सनी देओल के साथ उनकी आगामी फिल्म 'बंटवारा 1947' की टीम के सदस्य आमिर खान और प्रीति जिंटा भी मौजूद थे। फिल्म में शबाना आज़मी, अली फज़ल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार भी हैं। इसका निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है। 'बंटवारा 1947' दुनियाभर में 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है।
आगे क्या
सनी देओल का यह खुलासा उनके प्रशंसकों के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत करता है — एक ऐसा स्टार जो रेसट्रैक पर दौड़ सकता था, लेकिन सिल्वर स्क्रीन पर दौड़ा और जीता। 'बंटवारा 1947' की सफलता यह तय करेगी कि उनका यह नया अध्याय दर्शकों के दिलों में कितनी गहरी छाप छोड़ता है।