29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय सहयोग पर जोर: दिनेश त्रिवेदी ने हुमायूं कबीर से की शिष्टाचार भेंट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय सहयोग पर जोर: दिनेश त्रिवेदी ने हुमायूं कबीर से की शिष्टाचार भेंट

सारांश

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर से ढाका में शिष्टाचार भेंट हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई, जबकि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर त्रिवेदी ने कहा — 'सब कुछ संभव है।'

मुख्य बातें

दिनेश त्रिवेदी ने 29 सितंबर को ढाका में बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री-1 हुमायूं कबीर से शिष्टाचार मुलाकात की।
मुलाकात में भारत-बांग्लादेश के बीच निरंतर द्विपक्षीय सहयोग और परस्पर हित के मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे पर त्रिवेदी ने कहा — जब दोनों पक्षों को सुविधाजनक लगेगा, मुलाकात होगी; 'कार्य प्रगति पर है।' त्रिवेदी ने 25 जून 2026 को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त का पदभार संभाला था और उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष व्यक्तिगत दर्जा प्राप्त है।
त्रिवेदी ने कबीर को 'बहुत ईमानदार, बहुत स्पष्टवादी और बहुत खुला' बताया और कहा कि दोनों के बीच संबंध अच्छे हैं।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार, 29 सितंबर को ढाका में बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री-1 हुमायूं कबीर से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें नए पद पर आसीन होने पर भारत की ओर से बधाई दी। इस भेंट में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को निरंतर आगे बढ़ाने और परस्पर हित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुलाकात का मुख्य एजेंडा

भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में बताया कि बातचीत का केंद्रबिंदु भारत और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए परस्पर लाभकारी परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना था। बयान में कहा गया, 'त्रिवेदी ने कबीर को विदेश मामलों के राज्य मंत्री-1 का पदभार संभालने पर भारत की ओर से शुभकामनाएँ दीं। दोनों पक्षों ने पड़ोसी देशों के रूप में भारत और बांग्लादेश के बीच सहयोग को आगे भी जारी रखने के महत्व पर चर्चा की।'

प्रधानमंत्री स्तरीय मुलाकात पर उम्मीद

मंत्रालय के बाहर पत्रकारों ने जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे की संभावना पर सवाल उठाया, तो त्रिवेदी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि जब भी दोनों पक्षों के प्रधानमंत्रियों को यह सुविधाजनक लगेगा, मुलाकात अवश्य होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजनीतिक मजबूरियाँ हैं, किंतु साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि 'कार्य प्रगति पर है।'

त्रिवेदी ने पत्रकारों से कहा, 'इस तरह की किसी भी बात पर कोई सवाल नहीं है। मैं सकारात्मक हूँ, राज्य मंत्री सकारात्मक हैं और बांग्लादेश के लोग सकारात्मक हैं। सब कुछ संभव है।'

द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति

द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति के बारे में पूछे जाने पर भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों पक्षों में राजनीतिक मजबूरियाँ हैं, लेकिन इनका असर व्यापक संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दे — व्यापार, जल-बँटवारा और सीमा प्रबंधन — चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

राज्य मंत्री हुमायूं कबीर के बारे में त्रिवेदी ने सकारात्मक शब्दों में कहा कि उनके साथ उनके संबंध अच्छे हैं और उन्होंने कबीर को 'बहुत ईमानदार, बहुत स्पष्टवादी और बहुत खुला' बताया।

उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की पृष्ठभूमि

दिनेश त्रिवेदी ने 25 जून 2026 को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के रूप में औपचारिक रूप से पदभार संभाला था। पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की राजनीति, बंगाली भाषा और संस्कृति से गहरी पहचान रखते हैं — एक ऐसी योग्यता जो ढाका में कूटनीतिक संवाद को अधिक सहज बनाती है। भारत सरकार ने उन्हें इस राजनयिक जिम्मेदारी के साथ-साथ केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष व्यक्तिगत दर्जा भी प्रदान किया है।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह शिष्टाचार भेंट दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संपर्क की निरंतरता को दर्शाती है। त्रिवेदी ने स्वयं स्पष्ट किया कि यह मुलाकात मूलतः एक शिष्टाचार भेंट थी और बधाई देने का अवसर थी। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच प्रधानमंत्री स्तर की मुलाकात की संभावना पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और संदर्भ महत्वपूर्ण है — बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में जो अनिश्चितता आई थी, उसे सामान्य बनाने की यह एक सुचिंतित कूटनीतिक कोशिश है। त्रिवेदी का 'सब कुछ संभव है' वाला बयान आशावाद तो जताता है, लेकिन ठोस प्रगति का कोई संकेत नहीं देता। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह संपर्क प्रधानमंत्री स्तर की बैठक और व्यापार-जल जैसे ठोस मुद्दों पर सहमति में तब्दील हो पाता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश त्रिवेदी और हुमायूं कबीर की मुलाकात में क्या हुआ?
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 29 सितंबर को ढाका में बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री-1 हुमायूं कबीर से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें नए पद पर बधाई दी। बातचीत में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और परस्पर हित के मुद्दों पर चर्चा हुई।
क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत आएँगे?
भारतीय उच्चायुक्त त्रिवेदी ने कहा कि जब भी दोनों पक्षों के प्रधानमंत्रियों को सुविधाजनक लगेगा, मुलाकात अवश्य होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'कार्य प्रगति पर है,' हालाँकि किसी तिथि की पुष्टि नहीं हुई है।
दिनेश त्रिवेदी कौन हैं और वे बांग्लादेश में कब से उच्चायुक्त हैं?
दिनेश त्रिवेदी पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं जिन्होंने 25 जून 2026 को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त का पदभार संभाला। वे पश्चिम बंगाल की राजनीति और बंगाली भाषा-संस्कृति से परिचित हैं और उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष व्यक्तिगत दर्जा प्राप्त है।
भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति क्या है?
त्रिवेदी ने माना कि दोनों पक्षों में राजनीतिक मजबूरियाँ हैं, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि इनका असर व्यापक संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे, राज्य मंत्री और बांग्लादेश के लोग — सभी सकारात्मक हैं।
हुमायूं कबीर के बारे में त्रिवेदी ने क्या कहा?
त्रिवेदी ने हुमायूं कबीर को 'बहुत ईमानदार, बहुत स्पष्टवादी और बहुत खुला' बताया और कहा कि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कबीर के माध्यम से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भी शुभकामनाएँ भेजीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
    भारत-बांग्लादेश संबंध: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से की मुलाकात, बोले — 'कोई भी मुद्दा आपसी समझ से बाहर नहीं'
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले