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दीपक चाहर के तीन बल्ले चोरी, पिता लोकेंद्र बोले — अकादमी के बच्चों का भविष्य खराब नहीं करूंगा

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दीपक चाहर के तीन बल्ले चोरी, पिता लोकेंद्र बोले — अकादमी के बच्चों का भविष्य खराब नहीं करूंगा

सारांश

आगरा में दीपक चाहर की क्रिकेट अकादमी से तीन महंगे बल्ले चुरा लिए गए — हर बल्ले की कीमत ₹50,000। पिता लोकेंद्र ने पुलिस से दूरी बनाए रखी ताकि अकादमी के बच्चों का भविष्य न बिगड़े। दीपक ने सोशल मीडिया पर चोर से बल्ला वापस करने की अपील की और पैसे देने का वादा किया।

मुख्य बातें

दीपक चाहर के तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्ले सोमवार रात 8 बजे आगरा की क्रिकेट अकादमी से चोरी हुए।
एक बल्ले की अनुमानित कीमत ₹50,000 ; बल्ले स्पॉन्सर कंपनी द्वारा विशेष रूप से बनाए गए थे।
पिता लोकेंद्र सिंह चाहर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से मना किया — अकादमी के बच्चों के भविष्य की चिंता।
सीसीटीवी फुटेज से कोई सुराग नहीं मिला।
दीपक चाहर ने सोशल मीडिया पर बल्ला वापस करने पर पैसे देने का प्रस्ताव रखा।

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर दीपक चाहर के तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्ले सोमवार रात करीब 8 बजे आगरा स्थित उनके पिता की क्रिकेट अकादमी से चोरी हो गए। दीपक ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिए सार्वजनिक की, जबकि उनके पिता लोकेंद्र सिंह चाहर ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई — क्योंकि वे अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दाँव पर नहीं लगाना चाहते।

घटनाक्रम: कैसे हुई बल्लों की चोरी

लोकेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि भारी बारिश की चेतावनी के चलते उन्होंने उस दिन अकादमी में जल्दी छुट्टी कर दी थी। उन्होंने कहा, 'सिर्फ दीपक और कुछ और बच्चे यहाँ रुके थे। वे शेड में अभ्यास कर रहे थे, वहीं उनका किट बैग रखा था। दीपक उस समय गेंदबाज़ी कर रहे थे। बारिश रुकने के बाद रात 8 बजे के करीब वे रोशनी में फिर अभ्यास करने लगे और किट बैग शेड में ही छूट गया।' अभ्यास के बाद जब टीम शेड में लौटी तो देखा कि बैग से तीन बल्ले गायब थे।

पुलिस शिकायत क्यों नहीं

लोकेंद्र ने बताया, 'मैंने कैमरे भी चेक करवाए, उनमें कुछ नहीं मिला।' उन्होंने दो संभावनाएँ गिनाईं — या तो अकादमी के किसी बच्चे ने बल्ले छिपा दिए हों, या बाहर से अभ्यास देखने आए किसी व्यक्ति ने ले लिए हों। उन्होंने कहा, 'अकादमी के बच्चे मेरे अपने बच्चे हैं। मैं किसी पर संदेह नहीं करना चाहता। मैंने पुलिस में शिकायत इसलिए नहीं की क्योंकि मैं इन बच्चों का भविष्य खराब नहीं करना चाहता।'

बल्लों की कीमत और अहमियत

लोकेंद्र के मुताबिक चोरी हुए बल्ले कोई सामान्य उपकरण नहीं थे — ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के लिए विशेष रूप से तैयार बल्ले थे, जो दीपक चाहर को उनकी स्पॉन्सर कंपनी ने दिए थे। उन्होंने बताया, 'एक बल्ले की कीमत करीब ₹50,000 है।' दीपक इन्हीं बल्लों से खेलने में सहज थे, इसलिए इस नुकसान ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया।

दीपक चाहर का सोशल मीडिया पर बयान

दीपक चाहर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिसने भी बल्ला चुराया है, उसे इसकी असली कीमत का अंदाज़ा नहीं होगा — वह या तो टेनिस बॉल से खेलेगा या बेच देगा। दीपक ने यह भी कहा, 'अगर चोरी करने वाले को पैसों की ज़रूरत थी, तो मुझे बताना चाहिए था — मैं दे देता। अगर अब भी बल्ला वापस कर दिया जाए तो मैं उसे पैसे दूंगा।' यह बयान एक क्रिकेटर की उदारता और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।

आगे क्या होगा

फ़िलहाल मामले में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है और लोकेंद्र सिंह चाहर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे इसे आपसी स्तर पर सुलझाना चाहते हैं। बल्लों की बरामदगी की संभावना कम है, लेकिन दीपक के सार्वजनिक अपील से यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना क्रिकेट अकादमियों में सुरक्षा इंतज़ामों पर भी सवाल उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक गहरा मानवीय विरोधाभास छिपा है — एक राष्ट्रीय क्रिकेटर के पिता जो न्याय पाने की बजाय कमज़ोर बच्चों की रक्षा को तरजीह देते हैं। लोकेंद्र चाहर का यह फैसला दर्शाता है कि ग्रासरूट क्रिकेट में कोच और अभिभावक किस नाज़ुक संतुलन में काम करते हैं। दीपक का सोशल मीडिया अपील एक चर्चित खिलाड़ी की परिपक्वता को उजागर करता है जो आरोप लगाने की बजाय संवाद का रास्ता चुनता है — यह उदाहरण युवा खिलाड़ियों के लिए शायद किसी भी बल्ले से ज़्यादा कीमती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक चाहर के बल्ले कहाँ और कब चोरी हुए?
दीपक चाहर के तीन बल्ले सोमवार रात करीब 8 बजे आगरा स्थित उनके पिता की क्रिकेट अकादमी के शेड से चोरी हुए। उस समय दीपक और कुछ अन्य बच्चे वहाँ अभ्यास कर रहे थे और किट बैग शेड में छूट गया था।
चोरी हुए बल्लों की कीमत कितनी है?
लोकेंद्र सिंह चाहर के अनुसार एक बल्ले की कीमत करीब ₹50,000 है। ये बल्ले दीपक की स्पॉन्सर कंपनी द्वारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थे।
दीपक चाहर के पिता ने पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की?
लोकेंद्र सिंह चाहर ने कहा कि वे अकादमी में आने वाले बच्चों का भविष्य खराब नहीं करना चाहते। उन्हें संदेह है कि बल्ले या तो अकादमी के किसी बच्चे ने छिपाए होंगे या बाहर के किसी दर्शक ने लिए होंगे, और पुलिसिया कार्रवाई से निर्दोष बच्चे प्रभावित हो सकते हैं।
दीपक चाहर ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
दीपक चाहर ने कहा कि चोरी करने वाले को बल्ले की असली कीमत का अंदाज़ा नहीं होगा। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगर बल्ला वापस कर दिया जाए तो वे चोर को पैसे देंगे, और यह भी कहा कि ज़रूरत होती तो वे खुद पैसे दे देते।
क्या सीसीटीवी फुटेज से कोई सुराग मिला?
नहीं। लोकेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि उन्होंने कैमरे चेक करवाए लेकिन फुटेज में कुछ भी नहीं मिला। फ़िलहाल मामले में पुलिस की कोई भागीदारी नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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