अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹4,92,500 की मशीन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
अलवर जिला पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने 24 जून 2026 को एक अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और राठी मार्केट से उखाड़ी गई एटीएम मशीन — जिसमें ₹4,92,500 नकद थे — को बरामद करने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अपराध में इस्तेमाल एक आइशर ट्रैक्टर व एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी
17 जून की रात, अज्ञात चोरों ने उद्योग नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित राठी मार्केट के एटीएम को निशाना बनाया। आरोपियों ने मशीन को रस्सियों से बांधकर एक वाहन की मदद से जमीन से उखाड़ा और पूरी मशीन लेकर फरार हो गए। बैंक प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
जाँच में सामने आया कि गिरोह ने एक चतुर रणनीति अपनाई थी — लक्ष्य की पहचान और सर्वेक्षण के लिए एक स्थानीय साथी का उपयोग किया गया, लेकिन पहचाने जाने के डर से उस स्थानीय संपर्क को असली वारदात में शामिल नहीं किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी जाँच
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में यह ऑपरेशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और रामगढ़ सर्कल अधिकारी पिंटू कुमार की देखरेख में चलाया गया। एसएचओ भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में उद्योग नगर पुलिस स्टेशन, डीएसटी और साइक्लोन सेल की संयुक्त टीमें गठित की गईं।
टीमों ने राजस्थान और हरियाणा के प्रमुख राजमार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साइक्लोन सेल द्वारा ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई और छापेमारी में क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन, आइशर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों में हंबीर सिंह (42), पुत्र तेज सिंह, निवासी गरौली गाँव, थाना जनुथर, जिला डीग, और कमलेश कुमार मीणा (36), पुत्र हरफूल मीणा, निवासी बीरपुर गाँव, थाना टहला, जिला अलवर, शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, दोनों आदतन और अनुभवी अपराधी हैं। हंबीर सिंह के खिलाफ बरोदा मेव, सदर डीग, नदबई, सिकंदरा (दौसा), कोतवाली (दौसा) और जनुथर थानों में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के अपराध शामिल हैं। कमलेश कुमार मीणा के खिलाफ तहला (अलवर) और बसवा (दौसा) थानों में 7 मामले दर्ज हैं।
गिरोह का विस्तार और कबूलनामा
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चुराने की बात स्वीकार की। उन्होंने आगरा (उत्तर प्रदेश), पलवल और हिसार (हरियाणा) में एटीएम चोरी के बड़े मामलों में संलिप्तता भी कबूल की। अधिकारियों के अनुसार, यह आपराधिक नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।
आगे की जाँच
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित और वारदातों की जाँच कर रही है। इस ऑपरेशन में डीएसटी यूनिट 1 और 2, साइक्लोन सेल और उद्योग नगर थाने के कर्मियों की अहम भूमिका रही। यह मामला दर्शाता है कि संगठित अंतरराज्यीय गिरोह किस तरह परिष्कृत तरीकों से बैंकिंग अवसंरचना को निशाना बना रहे हैं।