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अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹4,92,500 की मशीन बरामद

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अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, ₹4,92,500 की मशीन बरामद

सारांश

अलवर पुलिस और डीएसटी ने राठी मार्केट से उखाड़ी गई ₹4,92,500 की एटीएम मशीन बरामद की और दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरोह राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था और आरोपियों ने कई राज्यों में एटीएम चोरी की बात कबूल की।

मुख्य बातें

अलवर पुलिस और डीएसटी ने 24 जून 2026 को अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया।
राठी मार्केट से उखाड़ी गई एटीएम मशीन — जिसमें ₹4,92,500 नकद थे — बरामद की गई।
हंबीर सिंह (42) और कमलेश कुमार मीणा (36) गिरफ्तार; दोनों के खिलाफ क्रमशः 14 और 7 पूर्व आपराधिक मामले दर्ज।
गिरोह का नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला था।
आरोपियों ने आगरा, पलवल और हिसार में एटीएम चोरी और तीन ट्रैक्टर चोरी की बात कबूल की।
अपराध में इस्तेमाल आइशर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल भी जब्त।

अलवर जिला पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने 24 जून 2026 को एक अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और राठी मार्केट से उखाड़ी गई एटीएम मशीन — जिसमें ₹4,92,500 नकद थे — को बरामद करने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अपराध में इस्तेमाल एक आइशर ट्रैक्टर व एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी

17 जून की रात, अज्ञात चोरों ने उद्योग नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित राठी मार्केट के एटीएम को निशाना बनाया। आरोपियों ने मशीन को रस्सियों से बांधकर एक वाहन की मदद से जमीन से उखाड़ा और पूरी मशीन लेकर फरार हो गए। बैंक प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।

जाँच में सामने आया कि गिरोह ने एक चतुर रणनीति अपनाई थी — लक्ष्य की पहचान और सर्वेक्षण के लिए एक स्थानीय साथी का उपयोग किया गया, लेकिन पहचाने जाने के डर से उस स्थानीय संपर्क को असली वारदात में शामिल नहीं किया गया।

पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी जाँच

अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में यह ऑपरेशन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और रामगढ़ सर्कल अधिकारी पिंटू कुमार की देखरेख में चलाया गया। एसएचओ भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में उद्योग नगर पुलिस स्टेशन, डीएसटी और साइक्लोन सेल की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

टीमों ने राजस्थान और हरियाणा के प्रमुख राजमार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साइक्लोन सेल द्वारा ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई और छापेमारी में क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन, आइशर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपियों में हंबीर सिंह (42), पुत्र तेज सिंह, निवासी गरौली गाँव, थाना जनुथर, जिला डीग, और कमलेश कुमार मीणा (36), पुत्र हरफूल मीणा, निवासी बीरपुर गाँव, थाना टहला, जिला अलवर, शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, दोनों आदतन और अनुभवी अपराधी हैं। हंबीर सिंह के खिलाफ बरोदा मेव, सदर डीग, नदबई, सिकंदरा (दौसा), कोतवाली (दौसा) और जनुथर थानों में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के अपराध शामिल हैं। कमलेश कुमार मीणा के खिलाफ तहला (अलवर) और बसवा (दौसा) थानों में 7 मामले दर्ज हैं।

गिरोह का विस्तार और कबूलनामा

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चुराने की बात स्वीकार की। उन्होंने आगरा (उत्तर प्रदेश), पलवल और हिसार (हरियाणा) में एटीएम चोरी के बड़े मामलों में संलिप्तता भी कबूल की। अधिकारियों के अनुसार, यह आपराधिक नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।

आगे की जाँच

पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित और वारदातों की जाँच कर रही है। इस ऑपरेशन में डीएसटी यूनिट 1 और 2, साइक्लोन सेल और उद्योग नगर थाने के कर्मियों की अहम भूमिका रही। यह मामला दर्शाता है कि संगठित अंतरराज्यीय गिरोह किस तरह परिष्कृत तरीकों से बैंकिंग अवसंरचना को निशाना बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाहरी निष्पादक' मॉडल बताता है कि ये अपराधी कानून प्रवर्तन की पहचान-प्रणाली से वाकिफ हैं। सवाल यह है कि आगरा, पलवल और हिसार की पूर्व वारदातों में इतनी देर तक ये क्यों नहीं पकड़े गए — और क्या बैंकों की एटीएम सुरक्षा व्यवस्था इस तरह के 'पूरी मशीन उखाड़ने' वाले हमलों के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलवर में एटीएम चोरी की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 17 जून की रात उद्योग नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के राठी मार्केट, अलवर में हुई। अज्ञात चोरों ने एटीएम मशीन — जिसमें ₹4,92,500 नकद थे — को रस्सियों और वाहन की मदद से उखाड़कर ले गए।
अलवर एटीएम चोरी में कौन-कौन गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने हंबीर सिंह (42), निवासी गरौली गाँव, जिला डीग, और कमलेश कुमार मीणा (36), निवासी बीरपुर गाँव, जिला अलवर को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ पहले से कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का नेटवर्क कहाँ तक फैला था?
अधिकारियों के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैला था। आरोपियों ने आगरा (UP), पलवल और हिसार (हरियाणा) में एटीएम चोरी तथा तीन ट्रैक्टर चोरी की बात कबूल की।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
साइक्लोन सेल के तकनीकी विश्लेषण और ह्यूमन इंटेलिजेंस के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जाँच से संदिग्धों की पहचान हुई। बाद में छापेमारी में एटीएम मशीन, ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल बरामद की गई।
गिरोह ने एटीएम चोरी का तरीका क्या अपनाया था?
गिरोह ने पहले एक स्थानीय साथी से लक्ष्य की पहचान करवाई, लेकिन असली वारदात में उसे शामिल नहीं किया। फिर एटीएम को रस्सियों से बाँधकर वाहन की मदद से उखाड़ा और पूरी मशीन लेकर फरार हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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