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क्या दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में एटीएम फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में एटीएम फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में एटीएम धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से अवैध हथियार और जामिंग डिवाइस बरामद किए गए हैं। यह घटना एटीएम फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी के गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास अवैध हथियार पाए गए।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी है।
एटीएम फ्रॉड के नए तरीके सामने आए हैं।
पुलिस जांच जारी है और अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। किशनगढ़ थाना पुलिस की सजगता और तत्परता के कारण एटीएम फ्रॉड में संलिप्त दोनों आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 12,700 नकद, चार एटीएम जामिंग डिवाइसपेचकस बरामद किया गया है।

दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों की पहचान सलमान पुत्र कबीर और सलमान पुत्र उस्मान के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एटीएम मशीनों से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने की घटनाओं में शामिल थे और अवैध हथियारों के साथ वारदात को अंजाम देते थे।

अपराधों पर नियंत्रण और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किशनगढ़ थाना पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। इस क्रम में 1 जनवरी को इलाके में गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल सुभाष और हेड कांस्टेबल हितेंद्र ने एक संदिग्ध व्यक्ति को घूमते हुए देखा। पुलिस टीम को देखकर वह व्यक्ति भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

तलाशी के दौरान आरोपी सलमान पुत्र कबीर के पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। मामले की जानकारी तुरंत ड्यूटी ऑफिसर को दी गई, जिसके बाद एसआई कमल चौधरी पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। इस संबंध में थाना किशनगढ़ में एफआईआर संख्या 02/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने एटीएम धोखाधड़ी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने साथी का नाम उजागर किया।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी एटीएम मशीनों के कैश डिस्पेंसिंग शटर में छोटे धातु के जामिंग क्लिप लगा देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने की कोशिश करता, तो उसके खाते से रकम कट जाती थी, लेकिन जामिंग डिवाइस के कारण नकदी बाहर नहीं निकलती थी। ग्राहक इसे तकनीकी खराबी समझकर बैंक से रिफंड की उम्मीद में एटीएम छोड़ देता था। इसके बाद आरोपी जामिंग क्लिप हटाकर मशीन के भीतर फंसी नकदी निकाल लेते थे।

आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 12,700 नकद और चार एटीएम जामिंग धातु क्लिप बरामद की गई हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पहले कितनी एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हमें सतर्क रहना होगा।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में एटीएम फ्रॉड का क्या मामला है?
दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले में पुलिस ने एटीएम धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास क्या सामान मिला?
आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 12,700 नकद और चार एटीएम जामिंग डिवाइस बरामद हुए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और कानूनी कार्रवाई पूरी की। मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
एटीएम फ्रॉड के तरीके क्या हैं?
आरोपी एटीएम मशीनों के कैश डिस्पेंसिंग शटर में जामिंग क्लिप लगाते थे, जिससे ग्राहक पैसे निकालने में असफल रहते थे।
क्या और घटनाएं भी हुई हैं?
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और पता लगा रही है कि आरोपी पहले कितनी एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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