10 अगस्त 2026
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अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह पकड़ा, ₹4,92,500 वाली मशीन बरामद

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अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह पकड़ा, ₹4,92,500 वाली मशीन बरामद

सारांश

अलवर पुलिस और डीएसटी ने राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया। राठी मार्केट से ₹4,92,500 वाली मशीन बरामद, दो आदतन अपराधी गिरफ्तार। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण ने जांच में निर्णायक भूमिका निभाई।

मुख्य बातें

अलवर जिला पुलिस और डीएसटी ने 24 जून 2026 को अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
17 जून की रात राठी मार्केट से ₹4,92,500 नकद सहित एटीएम मशीन उखाड़कर चुराई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी — हंबीर सिंह (42) और कमलेश कुमार मीणा (36) — आदतन अपराधी हैं; दोनों पर मिलाकर 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरोह का नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला था; आगरा, पलवल और हिसार में भी एटीएम चोरी कबूली।
बरामदगी में क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन , एक आइशर ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल शामिल।
साइक्लोन सेल की तकनीकी और ह्यूमन इंटेलिजेंस तथा सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच से सफलता मिली।

अलवर जिला पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने 24 जून 2026 को एक अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और राठी मार्केट से उखाड़ी गई एटीएम मशीन — जिसमें ₹4,92,500 नकद थे — को बरामद कर लिया। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अपराध में इस्तेमाल एक आइशर ट्रैक्टर तथा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

मुख्य घटनाक्रम

17 जून की रात, अज्ञात चोरों ने उद्योग नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित राठी मार्केट के एक एटीएम को निशाना बनाया। आरोपियों ने मशीन को रस्सियों और जंजीरों से बांधकर एक वाहन की सहायता से जमीन से उखाड़ लिया और भारी मशीन को गाड़ी में लादकर मौके से फरार हो गए। बैंक प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

ऑपरेशन की रूपरेखा

इस मामले को सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और रामगढ़ सर्कल अधिकारी पिंटू कुमार की देखरेख में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में उद्योग नगर पुलिस स्टेशन, डीएसटी और साइक्लोन सेल की संयुक्त विशेष टीमें गठित की गईं। अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की।

जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान और हरियाणा के प्रमुख राजमार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साइक्लोन सेल द्वारा की गई ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और छापेमारी कर उन्हें दबोच लिया गया।

गिरोह का तरीका और विस्तार

जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक अनूठा तरीका अपनाया था — लक्षित स्थान की पहचान और सर्वे के लिए एक स्थानीय साथी का उपयोग किया गया, लेकिन गिरफ्तारी के डर से असली चोरी में उसे शामिल नहीं किया गया। अपराधी नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चुराने की बात स्वीकार की। उन्होंने आगरा (उत्तर प्रदेश), पलवल और हिसार (हरियाणा) में एटीएम चोरी के अन्य बड़े मामलों में भी संलिप्तता कबूल की।

गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड

पकड़े गए आरोपियों में हंबीर सिंह (42), पुत्र तेज सिंह, निवासी गरौली गांव, थाना जनुथर, जिला डीग, और कमलेश कुमार मीणा (36), पुत्र हरफूल मीणा, निवासी बीरपुर गांव, थाना टहला, जिला अलवर, शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को आदतन और अनुभवी अपराधी बताया है।

हंबीर सिंह के विरुद्ध बरोदा मेव, सदर डीग, नदबई, सिकंदरा (दौसा), कोतवाली (दौसा) और जनुथर थानों में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के तहत अपराध शामिल हैं। कमलेश कुमार मीणा पर तहला (अलवर) और बसवा (दौसा) थानों में 7 मामले दर्ज हैं, जिनमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, मारपीट और दंगे के अपराध शामिल हैं।

ऑपरेशन में शामिल टीम

इस ऑपरेशन को उद्योग नगर एसएचओ भूपेंद्र सिंह, एएसआई महेश चंद, खेम सिंह, देवकी नंदन और कॉन्स्टेबल सद्दाम व राकेश ने अंजाम दिया। डीएसटी यूनिट 1 और 2 से एसआई धीरेंद्र सिंह, एएसआई हरविलास, जगवीर, हेड कॉन्स्टेबल दयाराम और कई अन्य जवानों ने अहम भूमिका निभाई। तकनीकी जांच का नेतृत्व साइक्लोन सेल के हेड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार और कॉन्स्टेबल संजय व अमित ने किया। एएसआई कसम खान और जान मोहम्मद की सटीक खुफिया जानकारी ने गिरफ्तारी में निर्णायक भूमिका निभाई।

यह मामला तीन राज्यों में सक्रिय एटीएम चोरी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है और पुलिस की अंतरराज्यीय समन्वय क्षमता की परीक्षा भी है। आगे की जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तीन राज्यों में फैले एक संगठित अपराध नेटवर्क की झलक है जो परिष्कृत तरीकों — स्थानीय रेकी, भारी वाहनों का उपयोग और पहचान से बचाव की रणनीति — से काम करता है। गौरतलब है कि दोनों आरोपियों पर पहले से दर्जनों मामले दर्ज होने के बावजूद वे सक्रिय रहे, जो ज़मानत प्रणाली और अंतरराज्यीय निगरानी के अंतराल पर सवाल उठाता है। साइक्लोन सेल की तकनीकी क्षमता की सराहना होनी चाहिए, लेकिन असली ज़रूरत यह है कि राज्य पुलिस बलों के बीच रियल-टाइम डेटा साझाकरण को संस्थागत रूप दिया जाए ताकि ऐसे गिरोह राज्य की सीमाओं को ढाल की तरह इस्तेमाल न कर सकें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलवर में एटीएम चोरी की घटना कब और कहाँ हुई?
17 जून 2026 की रात अलवर के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के राठी मार्केट में लगे एक एटीएम को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने ₹4,92,500 नकद सहित पूरी मशीन उखाड़कर चुरा ली।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका आपराधिक इतिहास क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों में हंबीर सिंह (42), जिला डीग निवासी, और कमलेश कुमार मीणा (36), जिला अलवर निवासी, शामिल हैं। हंबीर सिंह पर 14 और कमलेश पर 7 पूर्व आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क कहाँ-कहाँ तक फैला था?
गिरोह राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था। आरोपियों ने आगरा (उत्तर प्रदेश), पलवल और हिसार (हरियाणा) में भी एटीएम चोरी की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुँची?
राजस्थान और हरियाणा के प्रमुख राजमार्गों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। साइक्लोन सेल की ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर छापेमारी में गिरफ्तारी की गई।
इस ऑपरेशन में क्या-क्या बरामद किया गया?
पुलिस ने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन के साथ-साथ अपराध में इस्तेमाल एक आइशर ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल बरामद की। आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चुराने की बात भी कबूल की है।
राष्ट्र प्रेस
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