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ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार, 12 चोरी की बाइक और ₹18 लाख के पार्ट्स बरामद

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ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार, 12 चोरी की बाइक और ₹18 लाख के पार्ट्स बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया — 5 गिरफ्तार, 12 बाइक और ₹18 लाख के पार्ट्स बरामद। गिरोह दिल्ली-एनसीआर में 'ऑन डिमांड' चोरी कर वाहनों को काटकर पार्ट्स बेचता था।

मुख्य बातें

थाना सूरजपुर पुलिस ने 23 जून 2025 को गुलिस्तानपुर अंडरपास के पास चेकिंग अभियान में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी: सूर्या उर्फ मोहन , दीपक पाल , लक्की चंदेल , आसिफ और अंकित गुप्ता ; एक सदस्य अभी फरार।
बरामद सामग्री: 12 चोरी की मोटरसाइकिलें , 5-6 बाइकों के पार्ट्स , 2 अवैध चाकू — अनुमानित कीमत ₹18 लाख ।
गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय था; 'ऑन डिमांड' चोरी और पार्ट्स बेचना इनका तरीका था।
आरोपी आसिफ कबाड़ व्यापारी है जो चोरी के वाहनों के पार्ट्स बेचने में अहम भूमिका निभाता था।
पुलिस फरार आरोपी की तलाश और आसपास के जिलों में गिरोह की अन्य वारदातों की जाँच कर रही है।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना सूरजपुर पुलिस ने 24 जून 2025 को एक सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, 5 से 6 मोटरसाइकिलों के पार्ट्स और दो अवैध चाकू बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹18 लाख बताई जा रही है। गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

कार्रवाई कैसे हुई

23 जून को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना सूरजपुर पुलिस ने गुलिस्तानपुर अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने सूर्या उर्फ मोहन, दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया। शुरुआती तलाशी में इनके पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और दो अवैध चाकू मिले।

पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर एलजी गोलचक्कर के पास जंगल क्षेत्र से 10 और चोरी की मोटरसाइकिलें तथा बड़ी मात्रा में मोटरसाइकिल पार्ट्स बरामद किए गए। बरामद वाहनों में बुलेट, हीरो स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, हीरो करिज्मा और अन्य मॉडल शामिल हैं।

गिरोह का तरीकावार

जाँच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय था। आरोपी पहले रेकी कर सुनसान स्थानों या पार्किंग में खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। कई मामलों में ये 'ऑन डिमांड' वाहन चोरी करते थे — यानी किसी विशेष मॉडल की माँग पर उसे चुराया जाता था।

चोरी के बाद मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया जाता था और बाद में उनके इंजन, टायर, हैंडल, टंकी, शॉकर और अन्य पार्ट्स निकालकर बेचे जाते थे। आरोपी आसिफ कबाड़ का काम करता है और चोरी के वाहनों को काटकर पार्ट्स बेचने में उसकी अहम भूमिका थी।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शातिर और अभ्यस्त अपराधी हैं। इनके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत विभिन्न थानों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।

आगे की जाँच

पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि इस गिरोह ने आसपास के जिलों में और कितनी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। गौरतलब है कि बरामद वाहनों की पहचान और उनके असली मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पार्ट्स की समानांतर अर्थव्यवस्था चलाती है। 'ऑन डिमांड' चोरी का मॉडल बताता है कि इस गिरोह के पीछे एक संगठित खरीदार नेटवर्क भी था, जिसकी जाँच अभी बाकी है। सवाल यह है कि इतने सारे जिलों में सक्रिय रहने के बावजूद यह गिरोह इतने समय तक कैसे बचता रहा — और क्या बरामद 12 बाइकें ही इनकी पूरी 'सूची' हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में किस गिरोह को गिरफ्तार किया गया है?
थाना सूरजपुर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय था। यह गिरोह 'ऑन डिमांड' मोटरसाइकिलें चुराकर उनके पार्ट्स बेचता था।
पुलिस ने इस कार्रवाई में क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, 5 से 6 बाइकों के पार्ट्स और दो अवैध चाकू बरामद किए। इन सभी की अनुमानित कीमत करीब ₹18 लाख बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका तरीका क्या था?
गिरफ्तार आरोपियों में सूर्या उर्फ मोहन, दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता शामिल हैं। ये पहले रेकी करते थे, फिर सुनसान पार्किंग से बाइक चुराते थे और बाद में उन्हें काटकर पार्ट्स बेच देते थे।
क्या गिरोह के सभी सदस्य पकड़े जा चुके हैं?
नहीं, गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि गिरोह ने आसपास के जिलों में और कितनी वारदातें की हैं।
इस गिरोह का कबाड़ व्यापार से क्या संबंध था?
आरोपी आसिफ कबाड़ का काम करता है और चोरी की मोटरसाइकिलों को काटकर उनके इंजन, टायर, हैंडल, टंकी, शॉकर जैसे पार्ट्स बेचने में उसकी मुख्य भूमिका थी। यह गिरोह की कमाई का प्रमुख ज़रिया था।
राष्ट्र प्रेस
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