ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार, 12 चोरी की बाइक और ₹18 लाख के पार्ट्स बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना सूरजपुर पुलिस ने 24 जून 2025 को एक सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, 5 से 6 मोटरसाइकिलों के पार्ट्स और दो अवैध चाकू बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹18 लाख बताई जा रही है। गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
कार्रवाई कैसे हुई
23 जून को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना सूरजपुर पुलिस ने गुलिस्तानपुर अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने सूर्या उर्फ मोहन, दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया। शुरुआती तलाशी में इनके पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और दो अवैध चाकू मिले।
पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर एलजी गोलचक्कर के पास जंगल क्षेत्र से 10 और चोरी की मोटरसाइकिलें तथा बड़ी मात्रा में मोटरसाइकिल पार्ट्स बरामद किए गए। बरामद वाहनों में बुलेट, हीरो स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, हीरो करिज्मा और अन्य मॉडल शामिल हैं।
गिरोह का तरीकावार
जाँच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय था। आरोपी पहले रेकी कर सुनसान स्थानों या पार्किंग में खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। कई मामलों में ये 'ऑन डिमांड' वाहन चोरी करते थे — यानी किसी विशेष मॉडल की माँग पर उसे चुराया जाता था।
चोरी के बाद मोटरसाइकिलों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया जाता था और बाद में उनके इंजन, टायर, हैंडल, टंकी, शॉकर और अन्य पार्ट्स निकालकर बेचे जाते थे। आरोपी आसिफ कबाड़ का काम करता है और चोरी के वाहनों को काटकर पार्ट्स बेचने में उसकी अहम भूमिका थी।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शातिर और अभ्यस्त अपराधी हैं। इनके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत विभिन्न थानों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगे की जाँच
पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि इस गिरोह ने आसपास के जिलों में और कितनी वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। गौरतलब है कि बरामद वाहनों की पहचान और उनके असली मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया भी जारी है।