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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; 15 मोटरसाइकिल-स्कूटी बरामद

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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार; 15 मोटरसाइकिल-स्कूटी बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने एक ही कार्रवाई में दिल्ली-NCR में सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के चार सदस्यों को दबोचा और 15 चोरी के वाहन बरामद किए — जो न्यू अशोक नगर से शाहदरा तक दर्ज मामलों से जुड़े हैं।

मुख्य बातें

नोएडा सेक्टर-58 पुलिस ने 20 मई 2025 को अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी — पुष्पेंद्र, राजू, ब्रजेश और लोकेश — सभी मूल रूप से सम्भल निवासी हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर 15 मोटरसाइकिल व स्कूटी और 2 अवैध चाकू बरामद।
बरामद वाहन दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई थानों में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित।
आरोपियों पर BNS की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

नोएडा के सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने 20 मई 2025 को एक अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर चोरी की 15 मोटरसाइकिल व स्कूटी बरामद कीं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय था और दिन-रात मौका मिलते ही वाहन चुरा लेता था।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस को 20 मई को स्थानीय खुफिया तंत्र और गोपनीय सूचना के माध्यम से जानकारी मिली कि कुछ वाहन चोर सेक्टर-60 स्थित हनुमान मंदिर की ओर आने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और चारों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुष्पेंद्र पुत्र नन्दलाल निवासी सम्भल, राजू पुत्र राजिष्टर निवासी सम्भल, ब्रजेश पुत्र साधु निवासी सम्भल (हाल निवासी गाजियाबाद) तथा लोकेश पुत्र नत्थु निवासी सम्भल (हाल निवासी गाजियाबाद) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से दो अवैध चाकू भी बरामद किए गए।

गिरोह का तरीकावार

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली-NCR के विभिन्न इलाकों में मोटरसाइकिल और स्कूटी चुराते थे। चोरी के बाद वाहनों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था, और बाद में उन्हें कम कीमत पर खरीदारों को बेच दिया जाता था। पुलिस के अनुसार गिरोह काफी समय से विभिन्न राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

बरामद वाहन और संबंधित मामले

बरामद 15 वाहनों में स्प्लेंडर, सुपर स्प्लेंडर, पैशन प्रो और जूपिटर स्कूटी सहित कई मॉडल शामिल हैं। जाँच में सामने आया कि इनमें से कई वाहन दिल्ली और गाजियाबाद के विभिन्न थानों — न्यू अशोक नगर, कौशांबी, सेक्टर-24, सेक्टर-39 और शाहदरा — में दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित हैं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच

सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। यह कार्रवाई दिल्ली-NCR में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। असली सवाल यह है कि चोरी के वाहन खरीदने वाले 'ग्राहक' कौन थे — जब तक उस कड़ी को नहीं तोड़ा जाता, ऐसे गिरोह फिर से संगठित हो सकते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में गिरफ्तार वाहन चोरी गिरोह कहाँ-कहाँ सक्रिय था?
पुलिस के अनुसार यह गिरोह नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद क्षेत्र में सक्रिय था। बरामद वाहन दिल्ली के न्यू अशोक नगर, कौशांबी, सेक्टर-24, सेक्टर-39 और शाहदरा थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों से जुड़े पाए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनकी पहचान क्या है?
चारों आरोपी — पुष्पेंद्र पुत्र नन्दलाल, राजू पुत्र राजिष्टर, ब्रजेश पुत्र साधु और लोकेश पुत्र नत्थु — मूल रूप से सम्भल के निवासी हैं। ब्रजेश और लोकेश हाल में गाजियाबाद में रह रहे थे।
पुलिस ने कितने और कौन-से वाहन बरामद किए?
पुलिस ने कुल 15 मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद कीं, जिनमें स्प्लेंडर, सुपर स्प्लेंडर, पैशन प्रो और जूपिटर स्कूटी शामिल हैं। ये सभी वाहन दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से चोरी हुए बताए जाते हैं।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
सेक्टर-58 थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
क्या गिरोह के और सदस्य भी हैं?
पुलिस के अनुसार जाँच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। अभी तक केवल चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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