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नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 12 बाइक-स्कूटी बरामद

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नोएडा पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 12 बाइक-स्कूटी बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने गोपनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए एनसीआर में सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को दबोचा और 12 चोरी की बाइक-स्कूटी बरामद कीं। आरोपी सीसीटीवी-रहित इलाकों की रेकी कर वारदात को अंजाम देते थे और वाहन कम दाम पर बेच देते थे।

मुख्य बातें

नोएडा सेक्टर-63 थाना पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपी: गौरव (निवासी अमरोहा) और मन्नू (निवासी हापुड़) ; दोनों को एफएनजी सर्विस रोड ग्रीन बेल्ट के पास से पकड़ा गया।
बरामदगी में 12 चोरी की मोटरसाइकिलें व स्कूटी , एक अवैध चाकू और एक फर्जी नंबर प्लेट शामिल हैं।
12 में से 8 वाहनों के मामले एनसीआर के विभिन्न थानों में पहले से दर्ज हैं।
मुख्य आरोपी गौरव पूर्व में दिल्ली में वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है; गौतमबुद्धनगर, दिल्ली व फरीदाबाद में उसके खिलाफ अनेक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन खरीद-फरोख्त नेटवर्क की जाँच कर रही है।

नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने 7 जुलाई 2026 को गोपनीय सूचना और स्थानीय खुफिया तंत्र के आधार पर एक सक्रिय अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर 12 चोरी की मोटरसाइकिलें व स्कूटी बरामद की गईं। मौके से एक अवैध चाकू और एक फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की गई।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी अमरोहा और मन्नू पुत्र मनोज, निवासी जिला हापुड़ के रूप में हुई है। दोनों को एफएनजी सर्विस रोड स्थित ग्रीन बेल्ट के निकट से पकड़ा गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी गौरव मजदूरी का काम करता था और पूर्व में दिल्ली में वाहन चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। वहीं, मन्नू पंक्चर बनाने का कार्य करता था और गौरव के साथ मिलकर चोरी की वारदातों में सहयोग करता था।

मुख्य घटनाक्रम और बरामदगी

पुलिस जाँच में सामने आया कि बरामद 12 वाहनों में से 8 वाहनों के संबंध में एनसीआर के विभिन्न थानों में वाहन चोरी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। शेष वाहनों के संबंध में भी जाँच जारी है। गौतमबुद्धनगर, दिल्ली और फरीदाबाद सहित कई जिलों में आरोपी गौरव के खिलाफ वाहन चोरी व अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। मन्नू के खिलाफ भी वाहन चोरी से जुड़े अनेक मुकदमे पाए गए हैं।

गिरोह का तरीकावार

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे पहले उन इलाकों की रेकी करते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे नहीं होते थे। मौका मिलते ही वे सुनसान स्थानों पर खड़ी बाइक व स्कूटी चुरा लेते और उन्हें कुछ समय के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखते थे। इसके बाद चोरी के वाहनों को कम कीमत पर राहगीरों को बेच दिया जाता था। कई बार वे वाहनों के महंगे पार्ट्स निकालकर अलग से बेचते थे, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ होता था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

सेक्टर-63 थाना पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। यह मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है — पुलिस का मानना है कि एनसीआर में फैला यह गिरोह संगठित रूप से काम कर रहा था। आगामी दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वह एनसीआर में दोबारा सक्रिय कैसे हो सका। जब तक अंतर-जिला पुलिस समन्वय और साझा डेटाबेस मजबूत नहीं होता, ऐसे गिरोह रिहाई के बाद नई जगह से काम शुरू कर देते हैं।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में पकड़े गए वाहन चोर गिरोह में कौन-कौन शामिल था?
गिरोह के दो गिरफ्तार सदस्यों की पहचान गौरव पुत्र महेंद्र सिंह (निवासी अमरोहा) और मन्नू पुत्र मनोज (निवासी हापुड़) के रूप में हुई है। दोनों को 7 जुलाई 2026 को नोएडा के एफएनजी सर्विस रोड स्थित ग्रीन बेल्ट के पास से गिरफ्तार किया गया।
नोएडा पुलिस ने कितने वाहन बरामद किए और उनमें से कितने पर मुकदमे दर्ज थे?
पुलिस ने कुल 12 चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद कीं। इनमें से 8 वाहनों के संबंध में एनसीआर के विभिन्न थानों में पहले से वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज हैं; शेष वाहनों की जाँच जारी है।
यह गिरोह वाहन चोरी कैसे करता था?
आरोपी पहले सीसीटीवी-रहित सुनसान इलाकों की रेकी करते थे, फिर मौका देखकर वहाँ खड़ी बाइक या स्कूटी चुरा लेते थे। चोरी के वाहनों को कुछ समय अलग-अलग जगहों पर छिपाकर बाद में कम कीमत पर बेच देते थे या उनके महंगे पार्ट्स निकालकर अलग से बेचते थे।
मुख्य आरोपी गौरव का आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गौरव पूर्व में दिल्ली में वाहन चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है। गौतमबुद्धनगर, दिल्ली और फरीदाबाद सहित कई स्थानों पर उसके खिलाफ वाहन चोरी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्या इस गिरोह के और सदस्य भी पकड़े जाएंगे?
नोएडा सेक्टर-63 थाना पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। आगामी दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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