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ग्रेटर नोएडा में अंतरजनपदीय चोरी गिरोह गिरफ्तार, ₹50 लाख के जेवर और ₹1.65 लाख नकद बरामद

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ग्रेटर नोएडा में अंतरजनपदीय चोरी गिरोह गिरफ्तार, ₹50 लाख के जेवर और ₹1.65 लाख नकद बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में थाना सूरजपुर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिए एनसीआर में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले चार शातिर चोरों को दबोचा। ₹50 लाख के जेवर, ₹1.65 लाख नकद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद — गिरोह के और सदस्यों की तलाश जारी।

मुख्य बातें

थाना सूरजपुर पुलिस ने 29 मई 2026 को अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर ₹50 लाख के आभूषण, ₹1 लाख 65 हज़ार नकद, एक ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद।
गिरोह ने 21 मई को ओमीक्रोन-3 और 24 मई को डेल्टा-1 में बंद मकानों में चोरी की — ₹3.70 लाख नकद समेत।
गिरफ्तार आरोपी — प्रदीप यादव उर्फ फौजी , शिव कुमार उर्फ चूंचा , वीरेश उर्फ वीरा , सूरज उर्फ बंटा — पहले से कई आपराधिक मामलों में वांछित।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की थाना सूरजपुर पुलिस ने 29 मई 2026 को एक अंतरजनपदीय चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ₹50 लाख मूल्य के चोरी के आभूषण, ₹1 लाख 65 हज़ार नकद, एक ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद किए।

गिरफ्तार अभियुक्त कौन हैं

पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा को दबोचा। सभी आरोपी अलग-अलग जनपदों के निवासी हैं और गिरफ्तारी के समय गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में रह रहे थे।

गिरोह का तरीकावार

पुलिस जाँच के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली और एनसीआर के नोएडा क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों और सेक्टरों में बंद पड़े मकानों की ऑटो से रेकी करता था। मौका मिलते ही घरों के ताले और ग्रिल तोड़कर अंदर घुसकर जेवर और नकदी चुरा ली जाती थी। गिरोह चार से पाँच सदस्यों में बँटकर काम करता था — एक या दो बाहर निगरानी करते, बाकी वारदात को अंजाम देते थे।

मुख्य वारदातें

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 21 मई को ओमीक्रोन-3 स्थित एक बंद मकान की खिड़की तोड़कर लाखों रुपये के आभूषण और ₹3.70 लाख नकद चुराए गए थे। इसके अलावा 24 मई को डेल्टा-1 क्षेत्र में दो अलग-अलग बंद मकानों में चोरी की गई। इन मामलों में थाना सूरजपुर में पहले से मुकदमे दर्ज हैं।

बरामद सामान का ब्यौरा

बरामद आभूषणों में सोने-चाँदी की चैन, हार, कंगन, अंगूठियाँ, पायल, बिछुए, मंगलसूत्र, झुमके, टॉप्स और सिक्के शामिल हैं। वारदातों में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी ज़ब्त कर लिया गया है।

आपराधिक पृष्ठभूमि और आगे की जाँच

जाँच में सामने आया कि चारों आरोपी पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि एनसीआर में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले ऐसे अंतरजनपदीय गिरोहों की सक्रियता पिछले कुछ महीनों में बढ़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एनसीआर पुलिस के लिए एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह बार-बार एनसीआर की आवासीय सोसायटियों को निशाना क्यों बना पाते हैं — यह आवासीय सुरक्षा ढाँचे की कमज़ोरी को उजागर करता है। चारों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड यह भी दर्शाता है कि पूर्व गिरफ्तारियाँ इन्हें रोकने में नाकाफी रहीं। जब तक गिरोह के पूरे नेटवर्क और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त की कड़ी नहीं तोड़ी जाती, ऐसी वारदातें थमने की संभावना कम है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में किस गिरोह को गिरफ्तार किया गया?
थाना सूरजपुर पुलिस ने एक अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के चार सदस्यों — प्रदीप यादव उर्फ फौजी, शिव कुमार उर्फ चूंचा, वीरेश उर्फ वीरा और सूरज उर्फ बंटा — को 29 मई 2026 को गिरफ्तार किया। ये सभी अलग-अलग जनपदों के निवासी हैं और गौतमबुद्धनगर में सक्रिय थे।
पुलिस ने गिरोह से क्या-क्या बरामद किया?
आरोपियों की निशानदेही पर ₹50 लाख मूल्य के सोने-चाँदी के आभूषण, ₹1 लाख 65 हज़ार नकद, वारदात में इस्तेमाल एक ऑटो और तीन अवैध चाकू बरामद किए गए। आभूषणों में चैन, हार, कंगन, मंगलसूत्र, पायल और सिक्के शामिल हैं।
इस गिरोह ने कौन-सी प्रमुख वारदातें की थीं?
आरोपियों ने 21 मई को ओमीक्रोन-3 में एक बंद मकान की खिड़की तोड़कर लाखों के जेवर और ₹3.70 लाख नकद चुराए। 24 मई को डेल्टा-1 क्षेत्र में दो अलग-अलग बंद मकानों में भी चोरी की गई, जिनमें थाना सूरजपुर में मुकदमे दर्ज हैं।
गिरोह किस तरीके से चोरी करता था?
गिरोह ऑटो से दिल्ली-एनसीआर की सोसायटियों में बंद मकानों की रेकी करता था, फिर ताले-ग्रिल तोड़कर चोरी करता था। चार-पाँच सदस्यों में से एक-दो बाहर निगरानी करते और बाकी अंदर वारदात को अंजाम देते थे।
क्या इन आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है?
हाँ, जाँच में सामने आया कि चारों आरोपी पहले से चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों और नेटवर्क की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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