11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा पुलिस ने ई-रिक्शा बैटरी चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार; 13 लीथियम बैटरी बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा पुलिस ने ई-रिक्शा बैटरी चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार; 13 लीथियम बैटरी बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय ई-रिक्शा बैटरी चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। चार आरोपी गिरफ्तार, 13 स्मार्ट लीथियम बैटरी और 414 बैटरी सेल बरामद। गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में रेकी कर सुनसान जगह खड़े ई-रिक्शा को निशाना बनाता था।

मुख्य बातें

नोएडा थाना फेस-1 पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को ई-रिक्शा बैटरी चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
चार आरोपी — कासिम उर्फ लक्की, रहीशउल्ला, शाहनवाज और रिजवान — सेक्टर-14 व सेक्टर-15 के बीच पुल के पास से गिरफ्तार।
बरामदगी में 13 स्मार्ट लीथियम बैटरी , 414 लीथियम बैटरी सेल और ₹11,800 नकद शामिल।
गिरोह दिल्ली , गाजियाबाद और नोएडा में रेकी कर सुनसान स्थानों पर खड़े ई-रिक्शा को निशाना बनाता था।
आरोपियों का थाना जैतपुर, दक्षिण दिल्ली में भी पूर्व आपराधिक इतिहास; वहाँ जेल जा चुके हैं।
पुलिस अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों और चोरी की बैटरी खरीदने वाले कबाड़ियों की तलाश में जुटी है।

नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को ई-रिक्शा की लीथियम बैटरी चुराने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 स्मार्ट लीथियम बैटरी, 414 लीथियम बैटरी सेल और ₹11,800 की नकद राशि बरामद की है।

गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, थाना फेस-1 की टीम ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई की। चारों आरोपियों को सेक्टर-14 और सेक्टर-15 के बीच बने पुल के पास से दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासिम उर्फ लक्की (21), निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, गाजियाबाद; रहीशउल्ला (29), निवासी इकरामनगर, थाना लोनी, गाजियाबाद; शाहनवाज (28), निवासी भागीरथी विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली; और रिजवान (23), निवासी ओल्ड मुस्तफाबाद, थाना दयालपुर, दिल्ली के रूप में हुई है।

गिरोह का तरीकावार

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध के तौर-तरीकों का खुलासा किया। आरोपी पहले दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा खड़े होने वाले स्थानों की रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान स्थानों पर खड़े ई-रिक्शा को निशाना बनाया जाता था और बैटरी चुराकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया जाता था।

आरोपियों ने बताया कि जब पैसों की जरूरत होती थी, तो वे चोरी की बैटरियों को एक साथ बेचने के बजाय कबाड़ियों को एक-एक करके बेचते थे और मजबूरी का बहाना बनाते थे। बिक्री से मिली रकम आपस में बाँट ली जाती थी।

पूर्व आपराधिक इतिहास और दिल्ली कनेक्शन

जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने दक्षिण दिल्ली के थाना जैतपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बैटरी चोरी की वारदातें की थीं और उस मामले में जेल भी जा चुके हैं। गौरतलब है कि यह गिरोह लंबे समय से नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में सक्रिय था।

जाँच का दायरा

पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके अतिरिक्त थाना जैतपुर साउथ, दिल्ली में भी मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने कुल कितनी बैटरियाँ चुराई हैं, इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, तथा चोरी की बैटरियाँ खरीदने वाले कबाड़ियों की भूमिका क्या रही है।

आगे क्या होगा

पुलिस की पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इस मामले ने नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शा चालकों की आजीविका से जुड़ी सुरक्षा को लेकर चिंताएँ उठाई हैं, क्योंकि लीथियम बैटरी की कीमत अधिक होने से छोटे वाहन चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी गिरोह सक्रिय रहा, जो निगरानी और पुनर्वास तंत्र की कमज़ोरी की ओर इशारा करता है। इस मामले में कबाड़ियों की भूमिका की जाँच अहम है — बिना खरीदार के चोरी का यह चक्र नहीं चल सकता। जब तक आपूर्ति-श्रृंखला के इस छोर पर सख्ती नहीं होती, ऐसे गिरोह टूटकर फिर जुड़ते रहेंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में ई-रिक्शा बैटरी चोर गिरोह का भंडाफोड़ कब और कैसे हुआ?
नोएडा थाना फेस-1 पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से सेक्टर-14 और सेक्टर-15 के बीच बने पुल के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 13 स्मार्ट लीथियम बैटरी, 414 लीथियम बैटरी सेल और ₹11,800 नकद बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार चारों आरोपी हैं — कासिम उर्फ लक्की (21) और रहीशउल्ला (29), दोनों इकरामनगर, थाना लोनी, गाजियाबाद के निवासी; शाहनवाज (28), भागीरथी विहार, थाना दयालपुर, दिल्ली; और रिजवान (23), ओल्ड मुस्तफाबाद, थाना दयालपुर, दिल्ली। सभी का पूर्व आपराधिक इतिहास है।
यह गिरोह ई-रिक्शा की बैटरी कैसे चुराता था?
आरोपी पहले दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के इलाकों में ई-रिक्शा खड़े होने वाली जगहों की रेकी करते थे। इसके बाद सुनसान स्थानों पर खड़े ई-रिक्शा से बैटरी चुराकर उन्हें अलग-अलग जगह छिपा देते थे और बाद में कबाड़ियों को एक-एक करके बेचते थे।
क्या इन आरोपियों का दिल्ली में भी कोई मामला दर्ज है?
हाँ, पुलिस के अनुसार इन आरोपियों ने दक्षिण दिल्ली के थाना जैतपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बैटरी चोरी की वारदातें की थीं और उस मामले में जेल भी जा चुके हैं। थाना जैतपुर साउथ, दिल्ली में भी अलग मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अब पुलिस की जाँच किस दिशा में जा रही है?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कुल कितनी बैटरियाँ चुराई हैं और इस नेटवर्क में कितने और लोग शामिल हैं। साथ ही चोरी की बैटरियाँ खरीदने वाले कबाड़ियों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले