दिल्ली-एनसीआर में 18 चोरियों का अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार, ₹3.98 लाख कैश और तांबे के तार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने 25 मई 2026 को दिल्ली-एनसीआर में बिजली की दुकानों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह पर दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में 18 चोरी की वारदातों में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान ₹3,98,915 रुपए नकद, चोरी किए गए तांबे के तारों के 22 बंडल, दो वाहन और चोरी में इस्तेमाल औजार बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्रवाई 12 और 13 मई की दरमियानी रात महरौली स्थित इग्नू रोड पर एक बिजली की दुकान में हुई सेंधमारी के बाद शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दुकान का शटर तोड़कर तांबे के तार के बंडल और नकदी चुराई थी। इस मामले में महरौली पुलिस स्टेशन में 'भारतीय न्याय संहिता' की संबंधित धाराओं के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई थी।
इसके बाद एसएचओ महरौली इंस्पेक्टर रितेश शर्मा के नेतृत्व और एसीपी महरौली रघुबीर सिंह की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
आरोपियों की पहचान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान शाहदरा के खेड़ा निवासी सोनू (32) तथा उत्तर प्रदेश के लोनी स्थित न्यू विकास नगर के रहने वाले आरिफ (26) और चांद (30) के रूप में हुई है। सोनू टेंपो ड्राइवर था, जबकि आरिफ और चांद ऑटो रिक्शा (टीएसआर) चालक के रूप में काम करते थे। दिन में सामान्य पेशा अपनाकर ये आरोपी रात को बिजली की दुकानों को निशाना बनाते थे।
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले सोनू को एक स्विफ्ट डिजायर कार के साथ पकड़ा। तलाशी में कार से चोरी के तांबे के तार और दुकान का शटर तोड़ने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई लोहे की दो छड़ें मिलीं। सोनू से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरिफ और चांद को भी गिरफ्तार किया।
गिरोह का तरीकावार
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह मुख्यतः रात के समय बिजली की दुकानों को निशाना बनाता था और पहचान छिपाने के लिए नकली नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग करता था। बरामद स्विफ्ट डिजायर कार कथित तौर पर चोरी के तांबे के तार बेचकर कमाए गए पैसों से खरीदी गई थी। गौरतलब है कि तांबे के तार का बाज़ार मूल्य अधिक होने के कारण बिजली की दुकानें इस गिरोह के लिए आसान और लाभकारी लक्ष्य बनती थीं।
फरार आरोपी और आगे की जांच
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के तीन अन्य सदस्य — अय्यूब, अकबर और उबैस — अभी तक फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों में इस गिरोह की 18 चोरी के मामलों में संलिप्तता की पुष्टि हो चुकी है। चोरी के और सामान की बरामदगी के लिए जांच जारी है।