राजस्थान पुलिस ने ₹5-6 करोड़ के हाई-टेंशन केबल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 12 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को सीकर जिले में एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो कथित तौर पर ₹5-6 करोड़ मूल्य के बिजली के हाई-टेंशन केबल चुराने में संलिप्त था। सीकर जिला विशेष टीम (डीएसटी) और सदर नीम का थाना पुलिस के संयुक्त अभियान में गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन तथा अन्य सामग्री बरामद की गई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, आरोपियों ने पावरग्रिड वाटामन ट्रांसमिशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही 765 केवी डीसी सीकर-दो से नरेला ट्रांसमिशन लाइन के लगभग 103 किलोमीटर हिस्से में तार चोरी करने की बात कबूल की है। ये चोरियाँ सदर नीम का थाना और डबला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुईं।
जाँच की शुरुआत 9 अगस्त 2026 को हुई, जब नीमकाथाना स्थित स्किपर लिमिटेड के सहायक प्रबंधक दीपांकर देबनाथ ने शिकायत दर्ज कराई कि 11 जुलाई से 6 अगस्त के बीच चार स्थानों से कंडक्टर, तार और अन्य ट्रांसमिशन लाइन सामग्री की चोरी हुई।
बरामदगी और साक्ष्य
पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन — एक थार, एक कार, एक पिकअप ट्रक और दो मोटरसाइकिलें — बरामद कीं। इसके अलावा, चोरी किए गए तारों को बेचकर प्राप्त धन से खरीदे गए दो आईफोन भी जब्त किए गए। आरोपियों ने दर्जनों तार चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस की कार्रवाई और टीम
यह अभियान जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देशों पर एसपी प्रवीण नायक नूनावत के निर्देशन में चलाया गया। अतिरिक्त एसपी (नीम का थाना) लोकेश मीना और सर्कल ऑफिसर सुशील मान के मार्गदर्शन में पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्धों पर नज़र रखी और गिरोह का पता लगाने के लिए तकनीकी खुफिया जानकारी का उपयोग किया।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों में धीरज बगड़िया (26), मोहित जाखर (20), लोकेश मेहरानिया (20), विजय कुमार मेहरानिया (20), सचिन कुमार सैनी (19), दीपक मीना (23), राहुल यादव (21), हनुमान मीना उर्फ अभि (19), जगदीश बावरिया (38), मोनू जाट, हिमांशु नायक (19) और सुनील गुर्जर (24) शामिल हैं।
आगे की जाँच
जाँचकर्ता चोरी किए गए तारों को बेचने या ठिकाने लगाने के स्थानों का पता लगा रहे हैं, खरीदारों और सहयोगियों की पहचान कर रहे हैं और संपत्ति से जुड़े अन्य अपराधों से संभावित संबंधों की जाँच कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आगे की पूछताछ से गिरोह के व्यापक नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है तथा अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।