5 जुलाई 2026
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कर्णप्रयाग में बिजली लाइन सामान चोरी: चमोली पुलिस ने चार आरोपी गिरफ्तार, सभी यूपी के

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कर्णप्रयाग में बिजली लाइन सामान चोरी: चमोली पुलिस ने चार आरोपी गिरफ्तार, सभी यूपी के

सारांश

चमोली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के सहारे रात भर जाँच कर गौचर चौकी पर संदिग्ध वाहन रोका और आरडीएसएस परियोजना का चोरी हुआ सारा सामान बरामद किया। चारों आरोपी यूपी के मुरादाबाद, संभल और बुलंदशहर के निवासी हैं।

मुख्य बातें

चमोली पुलिस ने 5 जुलाई 2026 को कर्णप्रयाग में बिजली लाइन सामान चोरी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चोरी गई सामग्री में लगभग 1,100 मीटर पीवीसी केबल , 3-4 क्विंटल एल्युमीनियम तार और हार्डवेयर शामिल हैं; अनुमानित मूल्य लगभग ₹8 लाख ।
सामान आरडीएसएस योजना के तहत नौटी, पुडियानी और जख गाँवों की परियोजना साइटों पर रखा था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से संदिग्ध वाहन की पहचान कर गौचर पुलिस चौकी पर पकड़ा।
चारों आरोपी — मोहम्मद दानिश, चांद मोहम्मद, फरमान और सुएब — उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने 4-5 जुलाई 2026 की रात कर्णप्रयाग क्षेत्र से बिजली लाइन का सामान चुराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी का माल एक वाहन में लादकर ले जा रहे थे और गौचर पुलिस चौकी पर वाहन रोककर तलाशी में पकड़े गए। चोरी का समस्त सामान बरामद कर लिया गया है।

मामले का घटनाक्रम

4 जुलाई को टीएस पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साइट इंजीनियर नकुल कुमार ने कर्णप्रयाग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि अज्ञात चोरों ने लगभग 1,100 मीटर पीवीसी केबल, 3-4 क्विंटल एल्युमीनियम तार और हार्डवेयर सामग्री चुरा ली। यह सामान आरडीएसएस योजना के तहत बिजली लाइन उन्नयन परियोजना के लिए कर्णप्रयाग के नौटी, पुडियानी और जख गाँवों की साइटों पर रखा गया था।

चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग ₹8 लाख बताई गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस की कार्रवाई

कर्णप्रयाग के सर्किल ऑफिसर त्रिवेंद्र सिंह राणा की निगरानी और थाना प्रभारी विनोद थपलियाल के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने अपराध स्थल के आसपास की गहन जाँच के साथ-साथ निकटवर्ती मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।

जाँच में रात के समय एक संदिग्ध वाहन की आवाजाही सामने आई। इस सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गौचर पुलिस चौकी पर उस वाहन को रोका और तलाशी ली, जिसमें चोरी का सारा सामान मिला।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद दानिश (23) और चांद मोहम्मद (20) मुरादाबाद के रहने वाले हैं। तीसरे आरोपी फरमान (30) का संबंध संभल से है, जबकि चौथे आरोपी सुएब (23) का पता बुलंदशहर बताया गया है।

आम जनता और परियोजना पर असर

यह सामान आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के अंतर्गत ग्रामीण विद्युत वितरण के उन्नयन कार्य के लिए था। चोरी की इस घटना से कर्णप्रयाग के दूरदराज गाँवों में बिजली सुधार कार्य प्रभावित होने की आशंका थी, हालाँकि सामान की बरामदगी से परियोजना पर दीर्घकालिक असर टलने की संभावना है।

गौरतलब है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी अवसंरचना परियोजनाओं के सामान की चोरी की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। चमोली पुलिस ने सीसीटीवी साक्ष्य और त्वरित कार्रवाई के संयोजन से इस मामले को महज कुछ घंटों में सुलझाया, जिसे अधिकारियों ने प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण बताया।

आगे की कार्रवाई

चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिवत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की जाँच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध अन्य स्थानों पर हुई इसी तरह की चोरियों से है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग की सकारात्मक मिसाल है। हालाँकि असली सवाल यह है कि आरडीएसएस जैसी केंद्रीय योजनाओं की साइटों पर भौतिक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं होते, जिससे चोरी की नौबत ही न आए।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्णप्रयाग बिजली सामान चोरी मामले में क्या हुआ?
उत्तराखंड के चमोली जिले में आरडीएसएस योजना के तहत बिजली लाइन उन्नयन कार्य के लिए रखी गई सामग्री — लगभग 1,100 मीटर पीवीसी केबल, 3-4 क्विंटल एल्युमीनियम तार और हार्डवेयर — चोरी हो गई। चमोली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध वाहन को गौचर चौकी पर रोककर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और सारा सामान बरामद किया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं — मोहम्मद दानिश (23) और चांद मोहम्मद (20) मुरादाबाद से, फरमान (30) संभल से, और सुएब (23) बुलंदशहर से। सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी हुए सामान की कीमत कितनी थी?
अधिकारियों के अनुसार, चोरी गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग ₹8 लाख बताई गई है। इसमें पीवीसी केबल, एल्युमीनियम तार और हार्डवेयर शामिल हैं।
आरडीएसएस योजना क्या है और इस चोरी से इसे क्या नुकसान हुआ?
आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण बिजली वितरण नेटवर्क का उन्नयन करना है। चोरी से कर्णप्रयाग के नौटी, पुडियानी और जख गाँवों में बिजली सुधार कार्य बाधित होने की आशंका थी, हालाँकि सामान की पूर्ण बरामदगी के बाद परियोजना पर दीर्घकालिक असर टल गया है।
पुलिस ने इतनी जल्दी आरोपियों को कैसे पकड़ा?
चमोली पुलिस ने अपराध स्थल के आसपास गहन जाँच और निकटवर्ती सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से रात के समय एक संदिग्ध वाहन की पहचान की। इसके बाद गौचर पुलिस चौकी पर वाहन रोककर तलाशी ली गई, जिसमें चोरी का सामान मिला और आरोपी मौके पर ही पकड़े गए।
राष्ट्र प्रेस
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