चाईबासा-जमशेदपुर में चोरी की 20 मोटरसाइकिलें बरामद, अंतरजिला गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिलों की पुलिस ने 2 जून 2026 को संयुक्त अभियान चलाते हुए एक सक्रिय अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं और गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत ₹25 से ₹30 लाख के बीच बताई जा रही है।
अभियान की शुरुआत कैसे हुई
1 जून को पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि नौबामुंडी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति चोरी के दोपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री में संलिप्त है। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (किरीबुरू) के नेतृत्व में नौबामुंडी, किरीबुरू और बड़ा जामदा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। इसी समय पूर्वी सिंहभूम के सिदगोड़ा थाना की पुलिस भी मोटरसाइकिल चोरी के एक अलग मामले की जाँच कर रही थी, जिसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने समन्वय कर संयुक्त अभियान को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
छापेमारी के दौरान नौबामुंडी थाना क्षेत्र के दुकासाई गाँव से पहले आरोपी सोनू लोहरा उर्फ भोला (उम्र 20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 5 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। इसके बाद दूसरे आरोपी राज पूर्ति (उम्र 23 वर्ष), निवासी टोटोगांड़ा गाँव, थाना छोटानागरा, को भी गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर टोटोगांड़ा गाँव से 9 मोटरसाइकिलें और किरीबुरू थाना क्षेत्र के टोटीबा बिरहोर टोला से 6 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
बरामद वाहनों की सूची
पुलिस के अनुसार बरामद 20 मोटरसाइकिलों में होंडा एक्टिवा, बजाज पल्सर एनएस-200, हीरो सुपर स्प्लेंडर, यामाहा आर-15, यामाहा एफजेड, होंडा शाइन, यामाहा फेजर और यामाहा फसिनो समेत विभिन्न कंपनियों के दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की कुल अनुमानित बाज़ार कीमत ₹25 लाख से ₹30 लाख के बीच आँकी गई है।
गिरोह का तरीकाकार
पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चुराकर उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में कम कीमत पर बेचता था। गिरोह की अंतरजिला सक्रियता इसे पारंपरिक स्थानीय चोरी के मामलों से अलग बनाती है। गौरतलब है कि दो अलग-अलग जिलों की पुलिस का समन्वित प्रयास इस कार्रवाई को विशेष रूप से उल्लेखनीय बनाता है।
आगे की जाँच
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों की पहचान और चोरी के वाहनों के व्यापक नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस के अंतरजिला समन्वय अभियानों की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाती है।