18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चाईबासा-जमशेदपुर में चोरी की 20 मोटरसाइकिलें बरामद, अंतरजिला गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चाईबासा-जमशेदपुर में चोरी की 20 मोटरसाइकिलें बरामद, अंतरजिला गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम पुलिस के दुर्लभ संयुक्त अभियान ने एक सक्रिय अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह को तोड़ दिया — 20 वाहन बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार और ₹30 लाख तक की संपत्ति जब्त। गिरोह के और सदस्यों की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम पुलिस के संयुक्त अभियान में 2 जून 2026 को अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़।
कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद; अनुमानित कीमत ₹25 से ₹30 लाख ।
आरोपी सोनू लोहरा उर्फ भोला (20) को दुकासाई गाँव से गिरफ्तार किया गया; उसकी निशानदेही पर 5 वाहन बरामद।
दूसरे आरोपी राज पूर्ति (23) की निशानदेही पर टोटोगांड़ा और टोटीबा बिरहोर टोला से 15 वाहन बरामद।
बरामद वाहनों में होंडा एक्टिवा , बजाज पल्सर एनएस-200 , यामाहा आर-15 सहित कई प्रमुख ब्रांड शामिल।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और वाहन नेटवर्क की जाँच जारी रखे हुए है।

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिलों की पुलिस ने 2 जून 2026 को संयुक्त अभियान चलाते हुए एक सक्रिय अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में कुल 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं और गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत ₹25 से ₹30 लाख के बीच बताई जा रही है।

अभियान की शुरुआत कैसे हुई

1 जून को पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि नौबामुंडी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति चोरी के दोपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री में संलिप्त है। सूचना की पुष्टि के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (किरीबुरू) के नेतृत्व में नौबामुंडी, किरीबुरू और बड़ा जामदा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। इसी समय पूर्वी सिंहभूम के सिदगोड़ा थाना की पुलिस भी मोटरसाइकिल चोरी के एक अलग मामले की जाँच कर रही थी, जिसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने समन्वय कर संयुक्त अभियान को अंजाम दिया।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण

छापेमारी के दौरान नौबामुंडी थाना क्षेत्र के दुकासाई गाँव से पहले आरोपी सोनू लोहरा उर्फ भोला (उम्र 20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 5 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। इसके बाद दूसरे आरोपी राज पूर्ति (उम्र 23 वर्ष), निवासी टोटोगांड़ा गाँव, थाना छोटानागरा, को भी गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर टोटोगांड़ा गाँव से 9 मोटरसाइकिलें और किरीबुरू थाना क्षेत्र के टोटीबा बिरहोर टोला से 6 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

बरामद वाहनों की सूची

पुलिस के अनुसार बरामद 20 मोटरसाइकिलों में होंडा एक्टिवा, बजाज पल्सर एनएस-200, हीरो सुपर स्प्लेंडर, यामाहा आर-15, यामाहा एफजेड, होंडा शाइन, यामाहा फेजर और यामाहा फसिनो समेत विभिन्न कंपनियों के दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की कुल अनुमानित बाज़ार कीमत ₹25 लाख से ₹30 लाख के बीच आँकी गई है।

गिरोह का तरीकाकार

पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चुराकर उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में कम कीमत पर बेचता था। गिरोह की अंतरजिला सक्रियता इसे पारंपरिक स्थानीय चोरी के मामलों से अलग बनाती है। गौरतलब है कि दो अलग-अलग जिलों की पुलिस का समन्वित प्रयास इस कार्रवाई को विशेष रूप से उल्लेखनीय बनाता है।

आगे की जाँच

दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों की पहचान और चोरी के वाहनों के व्यापक नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। यह कार्रवाई झारखंड पुलिस के अंतरजिला समन्वय अभियानों की बढ़ती प्रभावशीलता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चोरी के वाहन दूरदराज के गाँवों में कम कीमत पर खपाए जाते हैं। दो जिलों की पुलिस का समन्वय सराहनीय है, लेकिन केवल दो गिरफ्तारियाँ यह सवाल उठाती हैं कि गिरोह के बाकी सदस्य और वाहन खरीदने वाले नेटवर्क की जाँच कितनी गहराई तक जाएगी। जब तक आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे — यानी वाहनों के अंतिम खरीदार और बिचौलिए — तक कार्रवाई नहीं पहुँचती, ऐसे गिरोह नए रूप में उभरते रहते हैं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाईबासा-जमशेदपुर में मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
1 जून 2026 को पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि नौबामुंडी थाना क्षेत्र में चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री हो रही है। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम की सिदगोड़ा थाना पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें दो आरोपी गिरफ्तार और 20 वाहन बरामद हुए।
इस मामले में कितनी मोटरसाइकिलें बरामद हुईं और उनकी कीमत क्या है?
कुल 20 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹25 से ₹30 लाख के बीच बताई गई है। इनमें होंडा एक्टिवा, बजाज पल्सर एनएस-200, यामाहा आर-15 और हीरो सुपर स्प्लेंडर जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
पहले आरोपी सोनू लोहरा उर्फ भोला (20 वर्ष) को दुकासाई गाँव से गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर 5 वाहन मिले। दूसरे आरोपी राज पूर्ति (23 वर्ष), निवासी टोटोगांड़ा, की निशानदेही पर 15 और वाहन बरामद हुए। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
यह गिरोह किस तरह काम करता था?
पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चुराकर उन्हें दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में कम कीमत पर बेचता था। गिरोह की अंतरजिला सक्रियता — पश्चिम और पूर्वी सिंहभूम दोनों में — इसे स्थानीय चोरी के सामान्य मामलों से अलग बनाती है।
क्या इस गिरोह के और सदस्य हैं और आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की जाँच अभी जारी है। दोनों गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले