रांची में बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़: 7 गिरफ्तार, 12 मोटरसाइकिलें बरामद
सारांश
मुख्य बातें
रांची पुलिस ने 19 मई 2026 को नामकुम थाना क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके ठिकानों से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, कई कटे हुए इंजन और छह मोबाइल फोन जब्त किए। मामले में नामकुम थाना में कांड संख्या 133/26 दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी की शुरुआत कैसे हुई
18 मई की शाम रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली कि चोरी की एक नीले रंग की अपाचे बाइक पर एक युवक रामपुर की ओर जा रहा है। इस सूचना पर ग्रामीण एसपी के निर्देशन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया।
टीम ने सिदरौल जोड़ा मंदिर के पास वाहन जांच अभियान चलाया, जहाँ उक्त बाइक के साथ एक युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बिहार के सारण जिले के सिताबदियारा निवासी अभय सिंह उर्फ मन्नु सिंह के रूप में बताई।
गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य रांची और आसपास के इलाकों में लगने वाले हाट-बाजारों से मोटरसाइकिलें चुराते थे। इसके बाद वाहनों की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी और बाइक को बेच दिया जाता था। चोरी से प्राप्त रकम गिरोह के सदस्य आपस में बाँट लेते थे।
अभय सिंह ने स्वीकार किया कि वह बाइक को नंबर प्लेट बदलकर बेचने के लिए बेड़ो निवासी वसीम ओहदार उर्फ वसीम आलम के पास ले जा रहा था। उसने यह भी बताया कि वह पहले भी बाइक चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और जेल में ही उसकी मुलाकात वसीम से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर यह गिरोह बनाया।
गिरफ्तार आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड
अभय सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने वसीम ओहदार, दानिस आलम, सरीफ खान, नसीम अंसारी, तौहिर अंसारी और मोईन खान को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि अभय सिंह और वसीम ओहदार दोनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और रांची के विभिन्न थानों में इनके खिलाफ बाइक चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और धोखाधड़ी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
सभी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी में कुल 12 चोरी की मोटरसाइकिलें और कई कटे हुए इंजन बरामद हुए। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। छापेमारी अभियान में नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब रांची और आसपास के क्षेत्रों में वाहन चोरी की घटनाओं में वृद्धि की शिकायतें सामने आ रही थीं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की जाँच जारी है।