रायगढ़ पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी रैकेट का पर्दाफाश, 9 गिरफ्तार

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रायगढ़ पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी रैकेट का पर्दाफाश, 9 गिरफ्तार

सारांश

रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े मोटरसाइकिल चोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन से 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपए है।

Key Takeaways

  • पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं।
  • रैकेट ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी सक्रिय था।
  • आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
  • यह घटना समाज में सुरक्षा की भावना को दर्शाती है।

रायपुर/रायगढ़, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रायगढ़ जिले की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने मोटरसाइकिल चोरी और उसकी बिक्री में शामिल एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 15 लाख रुपए की कीमत के 21 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

रायगढ़ पुलिस ने शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की।

पुलिस के अनुसार, जिले में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) ने गहन निगरानी रखी। खास जानकारी के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन और पुंजिपथरा पुलिस स्टेशन की एक जॉइंट टीम ने लैलुंगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के धौराडांड गांव निवासी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सुखदेव चौहान ने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर पुंजिपथरा, धरमजयगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की। उसने जुलाई 2025 में सरायपाली मार्केट से एक पैशन प्रो, अगस्त 2025 में तुमिडीह मार्केट से एक पल्सर और मार्च 2026 में पोरिया गांव से एक एचएफ डीलक्स चोरी करने की बात कबूल की।

आरोपी सुखदेव ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें नौ लोगों को बेचीं, जिनमें कार्तिक राम डुंगडुंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने गिरफ्तार खरीदारों से 14 मोटरसाइकिलें और सुखदेव के घर के पीछे छिपाई गई 7 और बाइकें बरामद कीं, जिससे कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें मिलीं। यह आरोपी पेशेवर ड्राइवर हैं और गाड़ी मरम्मत में माहिर हैं, जो मोटरसाइकिल के लॉक तोड़ने के लिए साधारण औजारों का उपयोग करते थे। वे चोरी की गाड़ियों को सुनसान स्थानों पर छिपाते थे और फिर उन्हें बहुत कम दामों पर बेच देते थे।

पुलिस ने कहा कि रैकेट में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। इस खुलासे के बाद मुख्य आरोपी के खिलाफ संगठित चोरी के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(1) जोड़ी गई है। खरीदारों पर चोरी की संपत्ति का सौदा करने के लिए बीएनएस की धारा 317 (2) और 317 (4) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Point of View

NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

रायगढ़ पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
रायगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने कितनी चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की?
पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
क्या यह रैकेट केवल रायगढ़ में सक्रिय था?
नहीं, इस रैकेट में ओडिशा के कुछ हिस्सों से भी मोटरसाइकिलें चोरी की गई थीं।
क्या आरोपी पेशेवर थे?
हां, आरोपी पेशेवर ड्राइवर थे और गाड़ी मरम्मत में माहिर थे।
पुलिस ने उन पर क्या धाराएं लगाई हैं?
पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई हैं।
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