क्या संभल में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया?

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क्या संभल में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया?

सारांश

संभल में बिजली चोरी के खिलाफ उठाए गए कदमों से प्रशासन ने दिखाया कि वे इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं। डीएम और एसपी ने मिलकर अभियान चलाया और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की। जानें इस अभियान की पूरी कहानी और भविष्य की योजनाएं।

Key Takeaways

  • संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन का सख्त कदम।
  • डीएम और एसपी ने मिलकर अभियान का नेतृत्व किया।
  • अवैध कनेक्शनों की जांच और कार्रवाई की गई।
  • भविष्य में ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।
  • बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लागू होगा।

संभल, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूपी के संभल में बिजली चोरी को रोकने के लिए प्रशासन ने सोमवार तड़के एक विशाल कार्रवाई की। सुबह लगभग 4 बजे, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर एक व्यापक अभियान शुरू किया।

यह कार्रवाई थाना रायसत्ती और नखासा क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से बिजली चोरी की कई शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।

इस अचानक कार्रवाई में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक टीम सड़कों पर उतरी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर अवैध बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर नियमों के खिलाफ लगाए गए कनेक्शन मिले, जिनकी जानकारी संबंधित विभाग को देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरपीएफ बल भी तैनात रहे। मौके पर एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह, एसडीएम रामानुज, सीओ असमोली कुलदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, डिप्टी कलेक्टर निधि पटेल, तहसीलदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी। इस प्रकार के औचक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बिजली चोरी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले, 13 दिसंबर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बिजली चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मिलकर बिजली चोरी का नेटवर्क पकड़ा। अधिकारियों ने छतों पर फैले कटिया कनेक्शन और धार्मिक स्थलों पर अवैध कनेक्शन मिलने पर सख्त रुख अपनाया था। इस दौरान अनेक घरों, मदरसों और मस्जिदों में बिजली चोरी पकड़ी गई थी। लगभग 250 से 300 घरों में बिजली चोरी का मामला सामने आया था। एक छत के ऊपर से अवैध बिजली घर बनाकर लोगों को सप्लाई दी जा रही थी।

Point of View

बल्कि यह एक सकारात्मक संदेश भी है कि सरकार अवैध गतिविधियों के प्रति गंभीर है।
NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

बिजली चोरी के खिलाफ यह अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 5 जनवरी को सुबह 4 बजे शुरू हुआ।
इस अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा था?
इस अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई कर रहे थे।
कितने स्थानों पर अवैध कनेक्शन पाए गए?
कई स्थानों पर नियमों के खिलाफ लगाए गए कनेक्शन पाए गए थे।
प्रशासन ने भविष्य में क्या योजना बनाई है?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
क्या बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
जी हां, बिजली चोरी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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