विदिशा के गरीब मजदूर परिवारों पर बिजली विभाग का अन्याय: दिग्विजय सिंह की चिंता
सारांश
Key Takeaways
- विदिशा में गरीब मजदूर परिवारों पर बिजली विभाग का दबाव
- दिग्विजय सिंह ने कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया
- नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अनसुना किया गया
- बिजली विभाग की कार्रवाई से आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ
- सरकार से राहत की मांग की गई
भोपाल, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि विदिशा जिले के गरीब मजदूर परिवारों को बिजली विभाग द्वारा गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें विद्युत चोरी के मामलों में फंसाकर जुर्माना भरने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने विदिशा की सिरोंज तहसील के विभिन्न गांवों में मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गरीब परिवारों के खिलाफ विद्युत चोरी के मामलों में कार्रवाई की गई है, जिससे उन्हें न्यायालय में पेश होना पड़ रहा है। अब इन परिवारों पर लोक अदालत में उपस्थित होकर जुर्माने की राशि चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है।
दिग्विजय सिंह ने इस प्रक्रिया को अत्यधिक अन्यायपूर्ण और अमानवीय बताया है। उन्होंने कहा कि सिरोंज तहसील के ग्राम बरखेड़ा ताल के ३५ परिवारों, ग्राम बनारसी के १० परिवारों, ग्राम इमलानी के ३० परिवारों, ग्राम मुंडरा बागल के ३० परिवारों और ग्राम देहरी के ३५ परिवारों के पास वर्षों से एक-बत्ती कनेक्शन हैं। समय के साथ इन परिवारों का विस्तार हुआ, लेकिन सरकार द्वारा उन्हें नए कनेक्शन नहीं दिए गए। अब उन पर विद्युत चोरी के आरोप लगाकर जुर्माना वसूलने का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि परिवारों ने बार-बार नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है और उन्हें नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ विद्युत चोरी के मामले दर्ज करना और उन्हें न्यायालय में समझौते के लिए बाध्य करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह अत्यंत दुःखद है कि जब किसान और मजदूर वर्ग अपनी फसल समेटने और कृषि कार्यों में व्यस्त हैं, तब बिजली विभाग उन पर हजारों रुपए का जुर्माना थोप रहा है। यह गरीब परिवारों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर रहा है, क्योंकि उनके पास इतनी बड़ी राशि कहां से आएगी।
सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार और विद्युत वितरण कंपनी से अपील की है कि इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और गरीब मजदूर परिवारों को राहत प्रदान की जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण गरीबों को परेशान किया जा रहा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।