ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का कड़ा एक्शन: संविदा लाइनमैन बर्खास्त, जेई को चार्जशीट
सारांश
Key Takeaways
- ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सख्त कार्रवाई की है।
- संविदा लाइनमैन को बर्खास्त किया गया।
- अवर अभियंता को चार्जशीट दिया गया है।
- यह मामला विद्युत विभाग से जुड़ा है।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग से संबंधित अवैध वसूली के एक वायरल वीडियो के मामले में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कड़ा कदम उठाया है। मामले की जांच के बाद संविदा लाइनमैन को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया है, जबकि नियंत्रण में कमी पाए जाने पर संबंधित अवर अभियंता (जेई) को चार्जशीट जारी करने के आदेश दिए गए हैं。
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जनपद मऊ में विद्युत चोरी से जुड़े एक मामले में अवैध धन की मांग से संबंधित वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए अधीक्षण अभियंता को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जानकारी के अनुसार, ११ फरवरी २०२६ को अपराह्न करीब २:४० से २:५० बजे के बीच सूचना मिलने पर विद्युत विभाग की टीम ने मऊ जनपद के ग्राम रकौली में जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान फेकू यादव को बिना किसी स्वीकृत विद्युत संयोजन के निजी नलकूप संचालित करते हुए पाया गया। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए १२ फरवरी २०२६ को एंटी पावर थेफ्ट थाना में उनके खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। बताया गया कि १३ फरवरी २०२६ को फेकू यादव ने ग्राम रकौली निवासी संविदा लाइनमैन यशवंत कुमार उर्फ टुनटुन के घर जाकर बातचीत की, जिसकी रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
वायरल वीडियो में कथित लेनदेन की बात सामने आने के बाद ऊर्जा मंत्री ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता द्वारा कराई गई जांच में पता चला कि विद्युत वितरण खंड मऊ के अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कोटवां से संबंधित इस मामले में विभाग ने २४ घंटे के भीतर एंटी पावर थेफ्ट थाना में एफआईआर दर्ज करा दी थी। हालाँकि, प्रकरण में नियंत्रण और पर्यवेक्षण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अवर अभियंता को चार्जशीट जारी की जा रही है।
वहीं संविदा लाइनमैन यशवंत कुमार द्वारा लेनदेन संबंधी वार्ता सामने आने से विभाग की छवि धूमिल होने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।