उत्तर प्रदेश: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई, 26 इंजीनियर निलंबित
सारांश
Key Takeaways
- जल जीवन मिशन के तहत 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई।
- 12 इंजीनियरों को निलंबित किया गया है।
- अन्य इंजीनियरों पर विभागीय जांच की जा रही है।
- सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक जल पहुंचाना है।
- लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लखनऊ, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्य के हर ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्यरत ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने काम में लापरवाही करने वाले इंजीनियरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जल जीवन मिशन परियोजना के तहत कार्यों में देरी और लापरवाही के आरोप में २६ इंजीनियरों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस जैसी कठोर कार्रवाई की गई है।
नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत १२ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, चार अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच का आदेश दिया गया है।
परियोजना के कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। साथ ही, विभिन्न योजनाओं से प्राप्त शिकायतों के आधार पर सात इंजीनियरों का स्थानांतरण किया गया है।
हाल के समय में जल निगम कर्मचारियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार हर ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से जल पहुंचाने की दिशा में कृतसंकल्पित है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा। यदि कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते हैं, तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल निगम ग्रामीण विभाग ने जिन कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, उनमें लखीमपुर खीरी के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के अधिशासी अभियंता मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के सहायक अभियंता अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजीनियर अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजीनियर अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं।
जल निगम ग्रामीण विभाग ने अनुशासनिक जांच के लिए चार इंजीनियरों के खिलाफ आदेश दिए हैं, जिनमें औरैया के अधिशासी अभियंता अमन यादव, मैनपुरी के अधिशासी अभियंता अंकित यादव, प्रयागराज के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, और शामली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव शामिल हैं।
इसके अलावा, गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता भारत भूषण, आगरा में तैनात अमित कुमार, और मीरजापुर में तैनात राजेश कुमार गुप्ता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सहायक अभियंता विपिन कुमार वर्मा को प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित किया गया है। रामपुर में तैनात मो. असजद को रामपुर से चंदौली, प्रदीप कुमार मिश्रा को बाराबंकी से बिजनौर, उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर, अमित कुमार को शामली से बाराबंकी, चन्द्र बोध त्यागी को मैनपुरी से आजमगढ़, और जूनियर इंजीनियर अजय कुमार को कौशांबी से आजमगढ़ स्थानांतरित किया गया है।