बांग्लादेश चुनावी हिंसा: BNP से जुड़े गुटों पर 75% वारदातों का आरोप — 'ओधिकार' रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में 2026 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले और बाद में हुई चुनावी हिंसा को लेकर ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन 'ओधिकार' ने एक विस्तृत निगरानी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से जुड़े गुट चुनाव-पूर्व 52 फीसदी, मतदान के दिन 53 फीसदी और चुनाव-पश्चात 75 फीसदी हिंसक घटनाओं में संलिप्त पाए गए। यह रिपोर्ट 11 अगस्त 2026 को ढाका में सेंटर ऑन इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (CIRDAP) में आयोजित एक विशेष चर्चा के दौरान सार्वजनिक की गई।
रिपोर्ट के मुख्य आँकड़े
'ओधिकार' की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव से पहले कुल 62 घटनाएँ दर्ज की गईं। इनमें से 34 मामलों में अधिकारियों ने किसी न किसी रूप में कार्रवाई की, जबकि 28 मामलों में कोई प्रशासनिक प्रतिक्रिया नहीं हुई। मतदान के दिन 19 चुनाव क्षेत्रों में कुल 32 घटनाएँ रिकॉर्ड की गईं।
मतदान-दिवस की 32 घटनाओं में से 17 में BNP और उसके सहयोगी शामिल थे, 4 में जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी, तथा 2 में इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के कार्यकर्ता। रिपोर्ट के अनुसार, 11 मामलों में कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं हुई और 7 मामलों में कार्रवाई की स्थिति अस्पष्ट रही।
हिंसा के प्रमुख केंद्र
बांग्लादेश के सभी जिलों में चटगांव, कॉक्स बाजार, भोला, मैमनसिंह और ढाका प्रमुख हिंसा-क्षेत्रों के रूप में उभरे। चुनाव-पूर्व हिंसा में चटगांव में सर्वाधिक 11 घटनाएँ दर्ज हुईं, उसके बाद कॉक्स बाजार में 8, ढाका और मैमनसिंह में 5-5 तथा सिराजगंज में 4 घटनाएँ रिकॉर्ड की गईं।
मतदान के दिन मैमनसिंह में 7 और भोला में 6 घटनाएँ सबसे अधिक रहीं। चटगांव में 4 तथा कॉक्स बाजार और फेनी में 3-3 मामले सामने आए। रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव-पूर्व मुख्यतः डराने-धमकाने की घटनाएँ हुईं, जबकि चुनाव-पश्चात मारपीट, संपत्ति को नुकसान और हत्या जैसी वारदातें अधिक दर्ज की गईं।
जमात-ए-इस्लामी की भूमिका
बांग्लादेश के प्रतिष्ठित समाचारपत्र द डेली स्टार ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी चुनाव-पूर्व 15 फीसदी, मतदान-दिवस 13 फीसदी और चुनाव-पश्चात 9 फीसदी हिंसक घटनाओं में शामिल पाए गए। गौरतलब है कि यह आँकड़ा BNP से जुड़े गुटों की तुलना में काफी कम है, लेकिन चुनाव-पूर्व चरण में इनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही।
व्यापक हिंसा का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब 'ओधिकार' ने पिछले महीने खुलासा किया था कि अप्रैल से जून 2026 के बीच बांग्लादेश में भीड़ द्वारा की गई हत्याओं (मॉब लिंचिंग) में 33 लोग मारे गए, जबकि इसी अवधि में राजनीतिक हिंसा में 41 लोगों की जान गई और 970 लोग घायल हुए। आलोचकों का कहना है कि आगामी राष्ट्रीय चुनाव से पहले इस रिपोर्ट का सार्वजनिक होना बांग्लादेश में चुनावी माहौल की गंभीरता को उजागर करता है।
आगे की राह
'ओधिकार' की रिपोर्ट ने चुनावी हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही और कानूनी कार्रवाई की माँग को नए सिरे से उठाया है। बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव की तैयारी के बीच यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार पर्यवेक्षकों और निर्वाचन आयोग दोनों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।