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कोलकाता: सॉल्ट लेक बैंक लॉकर से ₹1.5 करोड़ के सोने के गहने गायब, महिला ने दर्ज कराई FIR

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कोलकाता: सॉल्ट लेक बैंक लॉकर से ₹1.5 करोड़ के सोने के गहने गायब, महिला ने दर्ज कराई FIR

सारांश

कोलकाता के सॉल्ट लेक में बैंक लॉकर से ₹1.5 करोड़ के गहने गायब होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ममता सिंघी ने FIR दर्ज कराई और डुप्लीकेट चाबी के इस्तेमाल की आशंका जताई। घटना ने बैंक लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के सॉल्ट लेक में एक ज्वाइंट बैंक लॉकर से कथित तौर पर ₹1.5 करोड़ के सोने के गहने गायब हो गए।
शिकायतकर्ता ममता सिंघी ने बिधाननगर ईस्ट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है।
लॉकर आखिरी बार 18 दिसंबर को खोला गया था; 24 अगस्त को बहू के जाने पर खाली मिला।
परिवार ने डुप्लीकेट चाबी के इस्तेमाल और बैंक के माध्यम से पहुँच की आशंका जताई है।
बैंक प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज सीधे पुलिस को देने की बात कही; परिवार करीब पाँच घंटे बैंक में बैठा रहा।
पुलिस बैंक में पूछताछ कर रही है; जाँच जारी है।

कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ज्वाइंट बैंक लॉकर से कथित तौर पर ₹1.5 करोड़ के सोने के गहने गायब हो गए। शिकायतकर्ता ममता सिंघी ने बिधाननगर ईस्ट पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

घटनाक्रम: कब और कैसे हुआ खुलासा

ममता सिंघी के अनुसार, यह लॉकर उनके और उनकी बहू के नाम पर संयुक्त रूप से था। उन्होंने बताया कि उन्होंने आखिरी बार 18 दिसंबर को लॉकर खोला था और उस समय सभी गहने सुरक्षित मौजूद थे। इसके बाद 24 अगस्त को उनकी बहू बैंक पहुँची और लॉकर खोलने पर वह बिल्कुल खाली मिला — दोनों ज्वेलरी बॉक्स सहित अंदर रखा कोई भी सामान नदारद था।

बहू ने तत्काल फ़ोन कर ममता सिंघी को सूचित किया। वे बैंक पहुँचीं और उन्होंने भी लॉकर को खाली पाया। बैंक के प्रबंधक एवं अन्य कर्मचारियों ने भी यही स्थिति देखी। इसके बाद परिवार के सदस्य भी बैंक पहुँचे, पुलिस को सूचना दी गई और FIR दर्ज कराई गई।

गहनों की कीमत और भावनात्मक क्षति

ममता सिंघी ने बताया कि लॉकर में कई वर्षों में संचित ज्वेलरी रखी थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है। यह महज़ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत का भी हिस्सा था। गौरतलब है कि बैंक लॉकर को अमूमन सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है, और इस घटना ने उस भरोसे को गहरी चोट पहुँचाई है।

बैंक प्रबंधन के रवैये पर नाराज़गी

शिकायतकर्ता ने बैंक प्रबंधन के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि परिवार के सदस्य करीब पाँच घंटे तक बैंक में बैठे रहे, लेकिन बैंक की तरफ़ से अपेक्षित सहायता नहीं मिली। परिवार ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने की माँग की, परंतु बैंक की ओर से स्पष्ट किया गया कि फुटेज सीधे पुलिस को सौंपी जाएगी। घटना के बाद बैंक के हेड ऑफिस से आए कुछ अधिकारियों ने ममता सिंघी से मुलाकात की, लेकिन उनके अनुसार इसके अतिरिक्त बैंक की ओर से कोई ठोस कार्रवाई उनके संज्ञान में नहीं आई है।

डुप्लीकेट चाबी की आशंका

ममता सिंघी ने कहा कि लॉकर की चाबी उनके पास ही है और उन्हें संदेह है कि डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि लॉकर तक पहुँच बैंक के माध्यम से ही संभव हुई होगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बैंक में पूछताछ जारी है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जाँच की जा रही है।

बैंक लॉकर सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने बैंक लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक सवाल खड़े किए हैं। ममता सिंघी ने कहा कि लोग घर में ज्वेलरी सुरक्षित न रख पाने के कारण बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस घटना के बाद उनका बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था से विश्वास उठ गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि गहने वापस भी मिल जाते हैं, तो भी वे भविष्य में बैंक लॉकर में ज्वेलरी नहीं रखेंगी। पुलिस जाँच जारी है और मामले में आगे कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें बैंकों की देनदारी को स्पष्ट करने की कोशिश थी, लेकिन CCTV फुटेज तक ग्राहक की पहुँच और डुप्लीकेट चाबी जैसे मुद्दों पर अस्पष्टता बनी हुई है। यदि जाँच में बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो यह मामला संस्थागत जवाबदेही पर एक बड़ी बहस छेड़ सकता है। पाँच घंटे तक उचित सहायता न मिलने की शिकायत बताती है कि ग्राहक सेवा और संकट प्रतिक्रिया के मामले में बैंकिंग क्षेत्र में अभी बहुत सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता सॉल्ट लेक बैंक लॉकर चोरी का मामला क्या है?
कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित एक बैंक के ज्वाइंट लॉकर से कथित तौर पर ₹1.5 करोड़ के सोने के गहने गायब हो गए। शिकायतकर्ता ममता सिंघी ने बिधाननगर ईस्ट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है और पुलिस जाँच जारी है।
गहने कब से गायब होने का पता चला?
ममता सिंघी की बहू 24 अगस्त को बैंक लॉकर खोलने गई थी, तब लॉकर खाली मिला। इससे पहले आखिरी बार 18 दिसंबर को लॉकर खोला गया था और उस समय सभी गहने सुरक्षित थे।
शिकायतकर्ता को किस पर संदेह है?
ममता सिंघी ने आशंका जताई है कि लॉकर तक पहुँच बैंक के माध्यम से ही संभव हुई होगी। उन्हें संदेह है कि डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है, क्योंकि मूल चाबी उनके पास ही है।
बैंक ने CCTV फुटेज दिखाने से क्यों मना किया?
बैंक की ओर से परिवार को बताया गया कि CCTV फुटेज सीधे पुलिस को सौंपी जाएगी और उन्हें नहीं दिखाई जा सकती। पुलिस बैंक में पूछताछ कर रही है और यह फुटेज जाँच का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
इस घटना से बैंक लॉकर की सुरक्षा पर क्या सवाल उठे हैं?
इस घटना ने बैंक लॉकर सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। ममता सिंघी ने कहा कि इस घटना के बाद उनका बैंक की सुरक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ गया है और वे भविष्य में बैंक लॉकर का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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