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दिल्ली पुलिस ने ₹2 लाख की ठगी-चोरी का मामला सुलझाया, आरोपी विशाल गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने ₹2 लाख की ठगी-चोरी का मामला सुलझाया, आरोपी विशाल गिरफ्तार

सारांश

नकली नोटों की गड्डी थमाकर सोने के गहने हड़पने की चालाकी दिल्ली पुलिस की सीसीटीवी जाँच के सामने नहीं टिकी। 20 किलोमीटर की फुटेज खँगालकर पुलिस ने आरोपी विशाल को रघुबीर नगर से दबोचा और पीड़िता राजबाला की सोने की बालियाँ बरामद कीं।

मुख्य बातें

द्वारका जिला पुलिस ने ₹2 लाख की धोखाधड़ी और चोरी का मामला सुलझाया।
आरोपी विशाल (26 वर्ष, निवासी रघुबीर नगर, दिल्ली ) गिरफ्तार; एक नाबालिग (सीसीएल) भी हिरासत में।
संदिग्धों ने पीड़िता राजबाला को ₹2 लाख बाँटने का लालच देकर नकली नोटों की आड़ में सोने के गहने हड़पे।
एफआईआर 10 सितंबर 2026 को डाबरी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई।
करीब 20 किलोमीटर दायरे की सीसीटीवी फुटेज खँगालकर संदिग्धों की पहचान हुई।
सोने की बालियाँ बरामद; सोने का पेंडेंट अभी तलाश जारी।

द्वारका जिला पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को नकली नोटों के जरिए सोने के गहने हड़पने की एक धोखाधड़ी का खुलासा किया, जिसमें रघुबीर नगर, दिल्ली के 26 वर्षीय विशाल को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग (कानून के साथ संघर्ष करने वाले बच्चे — सीसीएल) को हिरासत में लिया गया। पीड़िता राजबाला की चोरी गई सोने की बालियों की एक जोड़ी आरोपी के पास से बरामद हो गई है, जबकि सोने के पेंडेंट की तलाश अभी जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई ठगी

पुलिस के अनुसार, दो अज्ञात लड़कों ने महिला राजबाला — जो सतेंद्र कुमार की पत्नी हैं — के पास पहुँचकर पहले एटीएम का पता पूछा। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनके पास ₹2 लाख नकद है और वे वह रकम महिला के साथ बाँटना चाहते हैं। रकम का लालच देकर संदिग्धों ने कथित तौर पर महिला को अपनी सोने की बालियाँ और एक सोने का पेंडेंट उन्हें सौंपने के लिए राजी कर लिया। बदले में उन्होंने नोटों की एक गड्डी थमाई, जो बाद में नकली निकली।

एफआईआर और जाँच की शुरुआत

इस घटना की शिकायत के आधार पर 10 सितंबर 2026 को डाबरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर पीड़िता से प्रारंभिक पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खँगालनी शुरू की। फुटेज में दोनों संदिग्ध महिला के पास आते और उससे बात करते स्पष्ट दिखे।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग

जाँच के दौरान पुलिस ने करीब 20 किलोमीटर के दायरे की सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। संदिग्धों की आवाजाही का रुख रघुबीर नगर की ओर पाया गया। विस्तृत डिजिटल ट्रेलिंग के बाद पुलिस ने विशाल (पुत्र लक्ष्मण, निवासी रघुबीर नगर) की पहचान की और उसे एक सीसीएल के साथ दबोचा। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में नकली नोटों से जुड़ी झाँसेबाज़ी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई

आरोपी विशाल के पास से सोने की बालियों की एक जोड़ी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि चोरी हुए सोने के पेंडेंट को बरामद करने के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि इस तरह के 'नोट बाँटने का लालच देकर गहने ठगने' के मामलों में अक्सर संगठित गिरोह शामिल होते हैं, और नाबालिग की संलिप्तता इस प्रकरण की गंभीरता को और बढ़ा देती है। आगे की जाँच और बकाया संपत्ति की बरामदगी के लिए पुलिस टीम सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें बुजुर्ग और अकेली महिलाएँ निशाने पर होती हैं। इस मामले में एक नाबालिग की संलिप्तता यह संकेत देती है कि इस किस्म के गिरोह किशोरों को भी अपने काम में इस्तेमाल कर रहे हैं — जो एक गहरी सामाजिक चिंता है। सीसीटीवी नेटवर्क की 20 किलोमीटर की जाँच से मिली सफलता पुलिस की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि बरामदगी आधी-अधूरी क्यों है और गिरोह में और कितने सदस्य हैं।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस मामले में गिरफ्तारी की है?
द्वारका जिला पुलिस ने नकली नोटों के जरिए एक महिला के सोने के गहने ठगने के मामले में 26 वर्षीय विशाल को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग (सीसीएल) को हिरासत में लिया है। आरोपियों ने पीड़िता राजबाला को ₹2 लाख बाँटने का लालच देकर उनसे सोने की बालियाँ और पेंडेंट ले लिए थे।
आरोपियों ने ठगी कैसे की?
संदिग्धों ने पीड़िता के पास पहुँचकर पहले एटीएम का पता पूछा, फिर दावा किया कि उनके पास ₹2 लाख नकद हैं जो वे बाँटना चाहते हैं। इस लालच में फँसाकर उन्होंने महिला से सोने के गहने लिए और बदले में नकली नोटों की गड्डी थमा दी।
एफआईआर कब और कहाँ दर्ज हुई?
घटना की शिकायत के आधार पर 10 सितंबर 2026 को डाबरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद द्वारका जिला पुलिस ने जाँच शुरू की और करीब 20 किलोमीटर के दायरे की सीसीटीवी फुटेज खँगाली।
क्या चोरी हुए सारे गहने बरामद हो गए?
नहीं, आरोपी विशाल के पास से सोने की बालियों की एक जोड़ी बरामद कर ली गई है, लेकिन सोने का पेंडेंट अभी तक नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि बकाया संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
मामले में नाबालिग की क्या भूमिका है?
पुलिस के अनुसार विशाल के साथ एक नाबालिग (कानून के साथ संघर्ष करने वाला बच्चा — सीसीएल) भी इस घटना में शामिल था, जिसे हिरासत में लिया गया है। नाबालिग की भूमिका का विवरण जाँच के दौरान सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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