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बेटी की स्पाइन सर्जरी के लिए जुटाए ₹12.5 लाख चोरी हुए, दिल्ली पुलिस ने 6 घंटे में बरामद कर परिवार को राहत दी

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बेटी की स्पाइन सर्जरी के लिए जुटाए ₹12.5 लाख चोरी हुए, दिल्ली पुलिस ने 6 घंटे में बरामद कर परिवार को राहत दी

सारांश

बेटी की रीढ़ की सर्जरी के लिए जोड़े ₹12.5 लाख चोरों ने उड़ा लिए — लेकिन दिल्ली पुलिस ने 6 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ा, सामान बरामद किया और एक मासूम बच्ची के इलाज की उम्मीद बचा ली।

मुख्य बातें

22 जुलाई को केशवपुरम, नई दिल्ली में घर की खिड़की तोड़कर ₹12.5 लाख के गहने व सामान चोरी हुए।
पीड़ित परिवार ने यह राशि अपनी 6 साल की बेटी की AIIMS में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के लिए जमा की थी।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने विशेष टीम बनाकर महज 6 घंटे में मामला सुलझाया।
आरोपी की पहचान वजीरपुर निवासी 25 वर्षीय अभिषेक उर्फ राजे के रूप में हुई।
चोरी के सभी गहने व कीमती सामान बरामद कर पीड़ित परिवार को वापस लौटाए गए।

नई दिल्ली के केशवपुरम थाना क्षेत्र में एक परिवार की ₹12.5 लाख की जमा-पूंजी — जो उन्होंने अपनी 6 साल की बेटी की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के लिए जोड़ी थी — चोरों ने घर में सेंध लगाकर उड़ा ली। दिल्ली की उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए महज 6 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया और परिवार को वापस लौटा दिया।

मामले का घटनाक्रम

22 जुलाई को केशवपुरम थाने में शिकायत दर्ज की गई, जिसमें पीड़ित परिवार ने बताया कि अज्ञात चोर उनके घर की खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर घुसे और लगभग ₹12.5 लाख मूल्य के गहने व कीमती सामान लेकर फरार हो गए। परिवार ने यह राशि अपनी जीवनभर की बचत और गहने बेचकर इकट्ठा की थी, ताकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMS) में बेटी की रीढ़ (स्पाइन) की गंभीर सर्जरी कराई जा सके।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाने में तुरंत एक विशेष टीम गठित की गई और प्राथमिकता के आधार पर जाँच शुरू हुई। तकनीकी साक्ष्यों और निरंतर प्रयासों के बल पर पुलिस ने वजीरपुर निवासी 25 वर्षीय अभिषेक उर्फ राजे की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने वह स्थान बताया जहाँ उसने चोरी के गहने छिपाए थे। पुलिस ने तत्काल छापेमारी कर सारा सामान बरामद किया और पीड़ित परिवार को सौंप दिया।

परिवार पर असर

यह ऐसे समय में आया जब बच्ची का इलाज अंतिम चरण में था और सर्जरी की तारीख निकट थी। परिवार के पास जमा-पूंजी चोरी होने के बाद इलाज खतरे में पड़ गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल चोरी का माल वापस दिलाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि बच्ची का उपचार बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में टीम की तेज़ी और तकनीकी सूझबूझ ने परिवार की उम्मीद बचाई। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मामलों में पुलिस प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करती है।

आगे क्या

आरोपी अभिषेक उर्फ राजे को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया गया है। पुलिस जाँच कर रही है कि क्या आरोपी इससे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है। पीड़ित परिवार को गहने व सामान वापस मिलने के बाद बेटी की सर्जरी की तैयारी फिर से शुरू हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक चोरी पूरे इलाज को खतरे में डाल सकती है। दिल्ली पुलिस की 6 घंटे की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे परिवारों को अपनी जीवनभर की बचत नकद रूप में घर पर रखने की नौबत क्यों आती है। सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की पहुँच और दावा-प्रक्रिया की जटिलता इस तरह की भेद्यता की जड़ में है, जिसे पुलिस की मुस्तैदी भले ही एक बार ठीक कर दे, लेकिन दीर्घकालिक समाधान नहीं दे सकती।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के केशवपुरम चोरी मामले में क्या हुआ था?
नई दिल्ली के केशवपुरम इलाके में एक परिवार के घर की खिड़की तोड़कर चोरों ने ₹12.5 लाख के गहने व कीमती सामान चुरा लिया। यह राशि परिवार ने अपनी 6 साल की बेटी की AIIMS में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के लिए जोड़ी थी।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को कितने समय में सुलझाया?
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के महज 6 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का सारा सामान बरामद कर पीड़ित परिवार को लौटा दिया।
इस चोरी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
आरोपी की पहचान दिल्ली के वजीरपुर इलाके के 25 वर्षीय अभिषेक उर्फ राजे के रूप में हुई। पूछताछ में उसने चोरी के गहने छिपाने की जगह बताई, जहाँ से पुलिस ने सामान बरामद किया।
पीड़ित परिवार ने इतनी बड़ी रकम क्यों जमा की थी?
परिवार की 6 साल की बेटी AIIMS में रीढ़ (स्पाइन) की गंभीर सर्जरी के लिए इलाज करा रही थी। इलाज का खर्च उठाने के लिए परिवार ने अपने गहने बेचे और जीवनभर की बचत एकत्र की थी।
क्या बच्ची की सर्जरी अब हो सकेगी?
पुलिस द्वारा चोरी का सामान बरामद कर परिवार को लौटाने के बाद बच्ची की सर्जरी की तैयारी फिर से शुरू हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित हुआ कि बच्ची का इलाज बिना रुकावट के जारी रह सके।
राष्ट्र प्रेस
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